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Sambhal News: किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमे किए जाएं निरस्त
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बहजोई। गंगा में अवैध खनन रोकने के लिए आंदोलित किसानों पर लगाए गए झूठे और वेबुनियाद मुकदमे निरस्त कराने समेत किसानों की अन्य समस्याओं के निस्तारण को लेकर भाकियू (अअ) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने महापंचायत कर डिप्टी कलक्टर को पांच सूत्री ज्ञापन दिया।
बुधवार को सुबह करीब 11 बजे भारतीय किसान यूनियन, असली अराजनैतिक के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ा मैदान पर एकत्र हुए और महापंचायत शुरू की। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों की ओर से किसानों का शोषण किया जाता है। समस्या की सुनवाई कर समय से निस्तारण नहीं किया जाता है। अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन करने पर झूठे व बेबुनियाद मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। इस बीच अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। इसके बाद धरनास्थल पर पहुंचे डिप्टी कलक्टर रामानुज को पांच सूत्री ज्ञापन दिया गया।
डीएम को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना था कि इस वर्ष आलू किसानों को महंगी उत्पादन लागत के बावजूद बाजार भाव कम होने से लागत भी नहीं मिल पा रही है। किसान को इस संकट से उबारने के लिए आलू की समर्थन मूल्य पर खरीद की जाए। मंडियों में किसानों को गेहूं समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल नहीं मिल पा रहा है। किसानों के गेहूं को 2300 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से खरीदा जा रहा है। इस पर ध्यान दिया जाए।
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जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव में रास्तों को खोद दिया गया है। बावजूद इसके आज तक किसी भी घर में जलापूर्ति नहीं हो सकी है और न ही इन रास्तों की मरम्मत हो पाई है। रास्तों को जल्द ठीक कराकर जलापूर्ति सुचारु कराई जाए। गंगा के प्राकृतिक स्वरूप के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए। इसके अलावा भी कई अन्य मांगें रखीं। कहा कि समय रहते सुनवाई न होने पर संगठन की ओर से आंदोलन होगा। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव समेत प्रदेश सचिव आशिक रजा, जयवीर सिंह यादव, ऋषिपाल सिंह, चौधरी संजीव गांधी, दिनेश सिंह व युवा प्रदेश अध्यक्ष रिषभ चौधरी आदि के नाम हैं।
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बुधवार को सुबह करीब 11 बजे भारतीय किसान यूनियन, असली अराजनैतिक के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ा मैदान पर एकत्र हुए और महापंचायत शुरू की। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों की ओर से किसानों का शोषण किया जाता है। समस्या की सुनवाई कर समय से निस्तारण नहीं किया जाता है। अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन करने पर झूठे व बेबुनियाद मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। इस बीच अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। इसके बाद धरनास्थल पर पहुंचे डिप्टी कलक्टर रामानुज को पांच सूत्री ज्ञापन दिया गया।
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डीएम को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना था कि इस वर्ष आलू किसानों को महंगी उत्पादन लागत के बावजूद बाजार भाव कम होने से लागत भी नहीं मिल पा रही है। किसान को इस संकट से उबारने के लिए आलू की समर्थन मूल्य पर खरीद की जाए। मंडियों में किसानों को गेहूं समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल नहीं मिल पा रहा है। किसानों के गेहूं को 2300 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से खरीदा जा रहा है। इस पर ध्यान दिया जाए।
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जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव में रास्तों को खोद दिया गया है। बावजूद इसके आज तक किसी भी घर में जलापूर्ति नहीं हो सकी है और न ही इन रास्तों की मरम्मत हो पाई है। रास्तों को जल्द ठीक कराकर जलापूर्ति सुचारु कराई जाए। गंगा के प्राकृतिक स्वरूप के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए। इसके अलावा भी कई अन्य मांगें रखीं। कहा कि समय रहते सुनवाई न होने पर संगठन की ओर से आंदोलन होगा। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव समेत प्रदेश सचिव आशिक रजा, जयवीर सिंह यादव, ऋषिपाल सिंह, चौधरी संजीव गांधी, दिनेश सिंह व युवा प्रदेश अध्यक्ष रिषभ चौधरी आदि के नाम हैं।