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Sambhal News: कसेरुआ मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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संभल। नखासा थाना पुलिस ने गांव कसेरुआ में शनिवार को मस्जिद मुस्तफा कादरी के ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान मिले आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर और झंडे के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली जाकिर समेत इसी गांव के आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शनिवार को सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी इस दो मंजिला मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी।
रविवार को नखासा थाने के उप निरीक्षक अरुण कुमार की ओर से दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, अरुण कुमार मय हमराह कांस्टेबल शुभम कुमार, अजय कुमार, राजन पंवार, विनय बर्मन के साथ गांव कसेरुआ में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की ड्यूटी में गए थे। इसमें कोई व्यक्ति न रहे, इस बात को मुतमईन करने के लिए भवन के अंदर गए और निरीक्षण किया। मस्जिद की सबसे ऊपरी मंजिल में बने मुख्य हॉल में रखे तख्त पर गद्दे के नीचे 49 पोस्टर मिले, जिन पर आई लव मोहम्मद प्रिंट हुआ है। हरे रंग का एक झंडा भी मिला, जो पाकिस्तानी झंडा प्रतीत हो रहा है। इसे कब्जे में लिया गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में मुतवल्ली जाकिर, तसलीम, जाकिर हुसैन, भूरे अली, शरफुद्दीन, दिल शरीफ, मोहब्बत अली, नन्हें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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गैर जमानती अपराध, तीन वर्ष कारावास या जुर्माना, दोनों संभव
कानून के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता बीएनएस, 2023 की धारा 353 (2) के तहत जो कोई मिथ्या जानकारी, जनश्रुति या संत्रासकारी समाचार अंतर्विष्ट करने वाले किसी कथन या रिपोर्ट को इस आशय से कि, या जिससे यह संभव हो कि, विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषीय या प्रादेशिक समूहों या जातियों या फिर समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं, धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर पैदा या संपरिवर्तित हो, रचेगा, प्रकाशित करेगा या परिचालित करेगा, जिसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रचना, प्रकाशन या परिचालन भी है, वह कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से, या फिर दोनों से दंडित किया जाएगा। यह गैर जमानती अपराध है।
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कसेरुआ गांव में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली है। इस संबंध में स्थानीय थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना चल रही है।
कुलदीप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी
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डरकर नहीं बैठें, बल्कि उच्च न्यायालय जाएं, मिलेगा इंसाफ : सपा सांसद
संभल। गांव कसेरुआ में मस्जिद को हटाने की कार्रवाई के दूसरे दिन सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रेस कांफ्रेंस की। पत्रकारों को बताया कि करीब 150 वर्षों से यह मस्जिद है, इस तरह के कुछ प्रमाण हैं। वक्फ बोर्ड में 1984 में यह दर्ज है। वक्फ ट्रिव्यूलन बोर्ड में यह प्रकरण चल भी रहा है। बावजूद इसके सुनवाई कर ली गई है, जबकि अधिकार ही नही हैं।
बर्क ने कहा कि सांसद होने के नाते कानूनी दायरे में रहकर अपने लोगों की लड़ाई मैं लडूंगा। धार्मिक स्थलों से कोई खिलवाड़ नहीं करने देंगे। गलत काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा। सांसद ने लोगों से भी आह्वान किया कि डरकर नहीं बैठे, जागरूक बनें। गलत आवाज के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएं। कई बार बाद में उच्च न्यायालयों से इंसाफ मिलता है।
सांसद ने मस्जिद में हर झंडा मिलने पर हुई कार्रवाई को लेकर हुए सवाल के जवाब में कहा कि हमारा मजहबी झंडा हरे रंग का होता है। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर इसका उपयोग होता है। दूसरे देशों में जहां भी मुसलमान रह रहे हैं, वहां भी इसका प्रयोग में लाया जाता है। इसे बांग्लादेश, या पाकिस्तान का झंडा कहना गलत है। अधिकारियों को पता है कि वह गलत कर रहे हैं, इसलिए डायवर्ट करना चाहते हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिलेगी। ताकत के बल पर यदि गलत कार्रवाई करेंगे, तो आने वाले समय में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। देश में बढ़ती महंगाई पर सांसद ने कहा कि महंगाई के दौरान सरकार को टैक्स सस्पेंड कर देने चाहिए, ताकि लोगोें को राहत मिले। संवाद
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असंवैधानिक तरीके से की बुलडोजर कार्रवाई : सपा विधायक
संभल। असमोली विधानसभा क्षेत्र की विधायक पिंकी यादव ने गांव कसेरुआ में मस्जिद हटाने की कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया है। विधायक ने एक्स पर लिखा कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की है, जो पूर्णतया गलत है। प्रकरण की जानकारी के लिए प्रशासन के अधिकारियों को फोन किए लेकिन बात नहीं की गई। स्टेनो ने फोन रिसीव किया। आगे लिखा कि भाजपा ने बुलडोजर को अपनी गैरकानूनी ताकत दिखाने का प्रतीक बना लिया है। मुसलमान, अन्य अल्पसंख्यक पिछड़े और दलित इनके निशाने पर हैं। पूर्व में राया बुजुर्ग, मुबारकपुर बंद और ऐंचोड़ा कंबोह में भी गलत कार्रवाई प्रशासन कर चुका है। हम इस तरह की कार्रवाई की निंदा करते हैं। संवाद
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रविवार को नखासा थाने के उप निरीक्षक अरुण कुमार की ओर से दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, अरुण कुमार मय हमराह कांस्टेबल शुभम कुमार, अजय कुमार, राजन पंवार, विनय बर्मन के साथ गांव कसेरुआ में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की ड्यूटी में गए थे। इसमें कोई व्यक्ति न रहे, इस बात को मुतमईन करने के लिए भवन के अंदर गए और निरीक्षण किया। मस्जिद की सबसे ऊपरी मंजिल में बने मुख्य हॉल में रखे तख्त पर गद्दे के नीचे 49 पोस्टर मिले, जिन पर आई लव मोहम्मद प्रिंट हुआ है। हरे रंग का एक झंडा भी मिला, जो पाकिस्तानी झंडा प्रतीत हो रहा है। इसे कब्जे में लिया गया।
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थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में मुतवल्ली जाकिर, तसलीम, जाकिर हुसैन, भूरे अली, शरफुद्दीन, दिल शरीफ, मोहब्बत अली, नन्हें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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गैर जमानती अपराध, तीन वर्ष कारावास या जुर्माना, दोनों संभव
कानून के जानकार वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता बीएनएस, 2023 की धारा 353 (2) के तहत जो कोई मिथ्या जानकारी, जनश्रुति या संत्रासकारी समाचार अंतर्विष्ट करने वाले किसी कथन या रिपोर्ट को इस आशय से कि, या जिससे यह संभव हो कि, विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय, भाषीय या प्रादेशिक समूहों या जातियों या फिर समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं, धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर पैदा या संपरिवर्तित हो, रचेगा, प्रकाशित करेगा या परिचालित करेगा, जिसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रचना, प्रकाशन या परिचालन भी है, वह कारावास से जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, या जुर्माने से, या फिर दोनों से दंडित किया जाएगा। यह गैर जमानती अपराध है।
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कसेरुआ गांव में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली है। इस संबंध में स्थानीय थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना चल रही है।
कुलदीप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी
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डरकर नहीं बैठें, बल्कि उच्च न्यायालय जाएं, मिलेगा इंसाफ : सपा सांसद
संभल। गांव कसेरुआ में मस्जिद को हटाने की कार्रवाई के दूसरे दिन सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रेस कांफ्रेंस की। पत्रकारों को बताया कि करीब 150 वर्षों से यह मस्जिद है, इस तरह के कुछ प्रमाण हैं। वक्फ बोर्ड में 1984 में यह दर्ज है। वक्फ ट्रिव्यूलन बोर्ड में यह प्रकरण चल भी रहा है। बावजूद इसके सुनवाई कर ली गई है, जबकि अधिकार ही नही हैं।
बर्क ने कहा कि सांसद होने के नाते कानूनी दायरे में रहकर अपने लोगों की लड़ाई मैं लडूंगा। धार्मिक स्थलों से कोई खिलवाड़ नहीं करने देंगे। गलत काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा। सांसद ने लोगों से भी आह्वान किया कि डरकर नहीं बैठे, जागरूक बनें। गलत आवाज के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएं। कई बार बाद में उच्च न्यायालयों से इंसाफ मिलता है।
सांसद ने मस्जिद में हर झंडा मिलने पर हुई कार्रवाई को लेकर हुए सवाल के जवाब में कहा कि हमारा मजहबी झंडा हरे रंग का होता है। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर इसका उपयोग होता है। दूसरे देशों में जहां भी मुसलमान रह रहे हैं, वहां भी इसका प्रयोग में लाया जाता है। इसे बांग्लादेश, या पाकिस्तान का झंडा कहना गलत है। अधिकारियों को पता है कि वह गलत कर रहे हैं, इसलिए डायवर्ट करना चाहते हैं लेकिन कामयाबी नहीं मिलेगी। ताकत के बल पर यदि गलत कार्रवाई करेंगे, तो आने वाले समय में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। देश में बढ़ती महंगाई पर सांसद ने कहा कि महंगाई के दौरान सरकार को टैक्स सस्पेंड कर देने चाहिए, ताकि लोगोें को राहत मिले। संवाद
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असंवैधानिक तरीके से की बुलडोजर कार्रवाई : सपा विधायक
संभल। असमोली विधानसभा क्षेत्र की विधायक पिंकी यादव ने गांव कसेरुआ में मस्जिद हटाने की कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया है। विधायक ने एक्स पर लिखा कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने असंवैधानिक तरीके से मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की है, जो पूर्णतया गलत है। प्रकरण की जानकारी के लिए प्रशासन के अधिकारियों को फोन किए लेकिन बात नहीं की गई। स्टेनो ने फोन रिसीव किया। आगे लिखा कि भाजपा ने बुलडोजर को अपनी गैरकानूनी ताकत दिखाने का प्रतीक बना लिया है। मुसलमान, अन्य अल्पसंख्यक पिछड़े और दलित इनके निशाने पर हैं। पूर्व में राया बुजुर्ग, मुबारकपुर बंद और ऐंचोड़ा कंबोह में भी गलत कार्रवाई प्रशासन कर चुका है। हम इस तरह की कार्रवाई की निंदा करते हैं। संवाद