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Sambhal News: लकड़ी से भरी बुग्गी पलटी, नीचे दबने से दंपती की मौत
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जुनावई। गांव समसपुर गंग के गंगा खादर क्षेत्र में सांकरा घाट के पास ईंधन की लकड़ी से भरी बुग्गी पलट गई। बुग्गी के नीचे दबने से गांव निवासी कोजीराम (55), उनकी पत्नी महादेवी (53) की मौत हो गई और उनका पोता गौरव (7) गंभीर रूप से घायल हो गए। गौरव को जुनावई अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दंपती के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पंचनामा भर दिया है।
जुनावई थाना क्षेत्र के गांव समसपुर गंग निवासी कोजीराम किसान थे। बुधवार को गंगा खादर क्षेत्र में झाऊ (जंगली पौधा) को काटने के लिए कोजीराम, उनकी पत्नी महादेव, पोता गौरव के साथ गए थे। इस पौधे को काटकर सुखाते हैं और बरसात में ईंधन के रूप में इस्तेेमाल करते हैं। शाम को बुग्गी में ईंधन की लकड़ी भरकर ला रहे थे। बुग्गी के ऊपर दंपती व उनका पोता बैठे थे। सांकरा घाट के पास रास्ते में रेता है और तेज ढलान है। ढलान पर बुग्गी अनियंत्रित हो गई और पलट गई। हादसे में दंपती व उनका पोता नीचे दब गए।
दंपती के मुंह रेत में घुस जाने से उनका दम घुट गया, जबकि उनका पोता दादी की गोद में होने के कारण नीचे रेत में नहीं धंसा। बच्चा काफी देर तक शोर मचाता रहा। कुछ दूर गांव सूरत नंगला निवासी पूरन सिंह मक्का की रखवाली कर लौट रहे थे। बच्चे की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो बुग्गी पलटी हुई थी। उन्होंने आसपास खेतों की रखवाली कर रहे किसानों को बुलाकर लकड़ी हटाई तो दंपती की मौत हो चुकी थी।
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बालक की सांस चल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंची और तीनों को अस्पताल ले आई। वहां चिकित्सकों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया। बालक का उपचार चल रहा है। दंपती के बड़े बेटे व गौरव के पिता मंत्री यादव ने माता-पिता का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। पुलिस ने दोनों शव को सील कर पंचनामा भर दिया है।
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जुनावई थाना क्षेत्र के गांव समसपुर गंग निवासी कोजीराम किसान थे। बुधवार को गंगा खादर क्षेत्र में झाऊ (जंगली पौधा) को काटने के लिए कोजीराम, उनकी पत्नी महादेव, पोता गौरव के साथ गए थे। इस पौधे को काटकर सुखाते हैं और बरसात में ईंधन के रूप में इस्तेेमाल करते हैं। शाम को बुग्गी में ईंधन की लकड़ी भरकर ला रहे थे। बुग्गी के ऊपर दंपती व उनका पोता बैठे थे। सांकरा घाट के पास रास्ते में रेता है और तेज ढलान है। ढलान पर बुग्गी अनियंत्रित हो गई और पलट गई। हादसे में दंपती व उनका पोता नीचे दब गए।
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दंपती के मुंह रेत में घुस जाने से उनका दम घुट गया, जबकि उनका पोता दादी की गोद में होने के कारण नीचे रेत में नहीं धंसा। बच्चा काफी देर तक शोर मचाता रहा। कुछ दूर गांव सूरत नंगला निवासी पूरन सिंह मक्का की रखवाली कर लौट रहे थे। बच्चे की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो बुग्गी पलटी हुई थी। उन्होंने आसपास खेतों की रखवाली कर रहे किसानों को बुलाकर लकड़ी हटाई तो दंपती की मौत हो चुकी थी।
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बालक की सांस चल रही थी। सूचना पर पुलिस पहुंची और तीनों को अस्पताल ले आई। वहां चिकित्सकों ने दंपती को मृत घोषित कर दिया। बालक का उपचार चल रहा है। दंपती के बड़े बेटे व गौरव के पिता मंत्री यादव ने माता-पिता का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। पुलिस ने दोनों शव को सील कर पंचनामा भर दिया है।