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Sambhal News: क्लास को बना दिया रसोई घर, बीएसए को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दिखी मनमानी
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बहजोई (संभल)।
एक और जहां प्रशासन की ओर से जिले में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे किए जा रहे है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आटा में निरीक्षण करने पहुंचे तो सारे दावे धरे के धरे रह गए। विद्यालय की वार्डन का रसोई कक्षा में बना हुआ मिला। साथ ही स्कूल में सिर्फ दो छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। वार्डन ने बताया कि विद्यालय बंद करने का दिन है, तो छात्राओं को सुबह से ही उनके घर भेज दिया गया है। वहीं तीन फुल टाइम शिक्षिका, एक व्यायाम शिक्षक और एक चपरासी के गैरहाजिर मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि विद्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान विद्यालय में सिर्फ दो छात्राएं ही उपस्थित मिली, अन्य छात्राओं को घर भेजने की जानकारी वार्डन ने दी है, जबकि नियामानुसार दोपहर दो बजे के बाद छात्राओं को भेजा जाना था। विद्यालय में 100 छात्राएं पंजीकृत है।
बताया कि तीन फुलटाइम शिक्षिकाएं राजकुमारी, पारूल और अंशु, व्यायाम शिक्षक चंद्रप्रकाश और चपरासी बिजेंद्र गैर हाजिर मिले। गैरहाजिर सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में पहुंचे तो उसमें विद्यालय की वार्डन का एक छोटा रसोई गैस सिलेंडर, चूल्हा और अन्य रसोई का सामान रखा हुआ मिला। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई और तुरंत वार्डन को कक्षा से समान हटाने के निर्देश दिए। इस मामले में वार्डन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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-- गैर हाजिर मिले स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके लिए तीन दिन का समय दिया गया है। दोपहर दो बजे से पहले छात्राओं को घर भेजना गलत है। वार्डन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जो स्टाफ गैरहाजिर मिला है। उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
चंद्रशेखर, बीएसए, संभल।
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एक और जहां प्रशासन की ओर से जिले में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे किए जा रहे है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आटा में निरीक्षण करने पहुंचे तो सारे दावे धरे के धरे रह गए। विद्यालय की वार्डन का रसोई कक्षा में बना हुआ मिला। साथ ही स्कूल में सिर्फ दो छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। वार्डन ने बताया कि विद्यालय बंद करने का दिन है, तो छात्राओं को सुबह से ही उनके घर भेज दिया गया है। वहीं तीन फुल टाइम शिक्षिका, एक व्यायाम शिक्षक और एक चपरासी के गैरहाजिर मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि विद्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान विद्यालय में सिर्फ दो छात्राएं ही उपस्थित मिली, अन्य छात्राओं को घर भेजने की जानकारी वार्डन ने दी है, जबकि नियामानुसार दोपहर दो बजे के बाद छात्राओं को भेजा जाना था। विद्यालय में 100 छात्राएं पंजीकृत है।
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बताया कि तीन फुलटाइम शिक्षिकाएं राजकुमारी, पारूल और अंशु, व्यायाम शिक्षक चंद्रप्रकाश और चपरासी बिजेंद्र गैर हाजिर मिले। गैरहाजिर सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में पहुंचे तो उसमें विद्यालय की वार्डन का एक छोटा रसोई गैस सिलेंडर, चूल्हा और अन्य रसोई का सामान रखा हुआ मिला। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई और तुरंत वार्डन को कक्षा से समान हटाने के निर्देश दिए। इस मामले में वार्डन से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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चंद्रशेखर, बीएसए, संभल।