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Sambhal News: जीएसटी चोरी कर उत्तराखंड भेजी जा रही थीं ईंटें, छह ट्रक और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ीं
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संभल। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने बुधवार की देररात संभल शहर में ईंटों से भरे छह ट्रक और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े हैं। यह सभी वाहन संभल के ईंट भट्ठों से उत्तरखंड के अलग-अलग शहरों में ईंटें लेकर जाने वाले थे। सभी वाहन ओवरलोड पाए गए। साथ ही जो ईंट बिक्री के बिल मिले हैं वह फर्जी पाए गए हैं। इससे स्पष्ट हुआ है कि जीएसटी चोरी कर ईंटों की बिक्री उत्तरखंड में की जा रही थी।
परिवहन विभाग और राज्यकर विभाग के साथ पुलिस की ओर से कार्रवाई की जानी है। परिवहन विभाग की ओर से एआरटीओ प्रवेश कुमार सरोज ने ओवरलोड में सभी वाहनों के चालान कर दिए हैं। राज्यकर विभाग जीएसटी चोरी की समीक्षा कर रहा है। पुलिस उन लोगों से पूछताछ कर रही है। जिन्होंने फर्जी बिल तैयार किए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी श्रीश्चंद्र, राज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर, एआरटीओ व सीओ के नेतृत्व में कार्रवाई की गई है। इस दौरान छह ट्रक में ईंट भरी थीं। यह सभी ट्रक ओवरलोड पाए गए। इसी तरह तीन ट्रैक्टर में ओवरलोड पाया गया। संबंधित विभाग अपने अपने स्तर से कार्रवाई कर रहे हैं। सभी वाहन कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर दिए गए हैं। आगे की जांच पड़ताल की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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एएसपी ने बताया कि कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं। उनसे फर्जी बिल बनाने को लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी। दरअसल सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह हर दिन लाखों रुपये की जीएसटी चोरी कर रहा था। लंबे समय से यह काम चल रहा है। अब पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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पुलिस-प्रशासन की ओर से संयुक्त कार्रवाई की गई है
फर्जी बिल के माध्यम से उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में ईंट सप्लाई करने का संभल से बड़ा कारोबार किया जाता है। यह वर्षों से होता चला आ रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद जीएसटी चोरी का खेल शुरू किया गया। फर्जी बिल बनाकर सप्लाई उत्तराखंड भेजी जाती है। उधर से इन वाहनों में रेत संभल के लिए आता है। ओवरलोड के साथ कर की चोरी लगातार होती चली आ रही है। इसके लिए पूरा गिरोह काम करता है। अलग-अलग ईंट भट्ठों से बिना बिल के ईंट खरीदी जाती है। उसके बाद फर्जी बिल पर उत्तराखंड के लिए भेज दी जाती है।
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फर्जी बिल बनाने वाले कई लोग हिरासत में लिए गए, जीएसटी टीम कर रही समीक्षा
पुलिस ने बुधवार की देररात तक कई लोग हिरासत में लिए हैं। यह वह लोग हैं जो फर्जी बिल जनरेट करते हैं। जांच पड़ताल के दौरान यही बिल दिखाए जाते हैं। यह पहला मामला है जब जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। सूत्रों का कहना है कि यह कर चोरी सांठगांठ से की जाती है। हर दिन बड़ी संख्या में वाहन ईंटें लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना होते हैं। इसमें काशीपुर के लिए सप्लाई सबसे ज्यादा जाती है। अब जो बिल पुलिस प्रशासन को मिले हैं उनकी समीक्षा राज्यकर विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। जिससे जीएसटी चोरी तय की जा सके।
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किसके संरक्षण में हो रही थी जीएसटी की चोरी, तह तक जाएगी पुलिस
पुलिस और एसओजी की टीम ने बुधवार की देररात कई लोग हिरासत में लिए हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस संरक्षण देने वाले गिरोह के सरगना तक पहुंचेगी। इसके लिए पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि जिस व्यक्ति के संरक्षण में यह पूरा गिरोह काम करता है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी तय है।
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एंट्री सिस्टम पर नहीं लग रही लगाम
एंट्री सिस्टम ओवरलोड और जीएसटी चोरी के मामले में अहम कड़ी है। जिसका दबदबा होता है वह वाहनों की एंट्री लेता है। एंट्री के रूप में वाहन चालक व स्वामियों से महीनेवार रुपये लिए जाते हैं। इस रुपये का फिर बंटवारा किया जाता है। इसलिए ओवलोड पर लगाम नहीं लग सकी है। इसी एंट्री के माध्यम से डग्गामार वाहनों का संचालन किया जाता है।
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परिवहन विभाग और राज्यकर विभाग के साथ पुलिस की ओर से कार्रवाई की जानी है। परिवहन विभाग की ओर से एआरटीओ प्रवेश कुमार सरोज ने ओवरलोड में सभी वाहनों के चालान कर दिए हैं। राज्यकर विभाग जीएसटी चोरी की समीक्षा कर रहा है। पुलिस उन लोगों से पूछताछ कर रही है। जिन्होंने फर्जी बिल तैयार किए हैं।
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सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि एडीएम प्रदीप वर्मा, एएसपी श्रीश्चंद्र, राज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्रर, एआरटीओ व सीओ के नेतृत्व में कार्रवाई की गई है। इस दौरान छह ट्रक में ईंट भरी थीं। यह सभी ट्रक ओवरलोड पाए गए। इसी तरह तीन ट्रैक्टर में ओवरलोड पाया गया। संबंधित विभाग अपने अपने स्तर से कार्रवाई कर रहे हैं। सभी वाहन कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर दिए गए हैं। आगे की जांच पड़ताल की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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एएसपी ने बताया कि कुछ लोग हिरासत में लिए गए हैं। उनसे फर्जी बिल बनाने को लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी। दरअसल सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह हर दिन लाखों रुपये की जीएसटी चोरी कर रहा था। लंबे समय से यह काम चल रहा है। अब पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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पुलिस-प्रशासन की ओर से संयुक्त कार्रवाई की गई है
फर्जी बिल के माध्यम से उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में ईंट सप्लाई करने का संभल से बड़ा कारोबार किया जाता है। यह वर्षों से होता चला आ रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद जीएसटी चोरी का खेल शुरू किया गया। फर्जी बिल बनाकर सप्लाई उत्तराखंड भेजी जाती है। उधर से इन वाहनों में रेत संभल के लिए आता है। ओवरलोड के साथ कर की चोरी लगातार होती चली आ रही है। इसके लिए पूरा गिरोह काम करता है। अलग-अलग ईंट भट्ठों से बिना बिल के ईंट खरीदी जाती है। उसके बाद फर्जी बिल पर उत्तराखंड के लिए भेज दी जाती है।
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फर्जी बिल बनाने वाले कई लोग हिरासत में लिए गए, जीएसटी टीम कर रही समीक्षा
पुलिस ने बुधवार की देररात तक कई लोग हिरासत में लिए हैं। यह वह लोग हैं जो फर्जी बिल जनरेट करते हैं। जांच पड़ताल के दौरान यही बिल दिखाए जाते हैं। यह पहला मामला है जब जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। सूत्रों का कहना है कि यह कर चोरी सांठगांठ से की जाती है। हर दिन बड़ी संख्या में वाहन ईंटें लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना होते हैं। इसमें काशीपुर के लिए सप्लाई सबसे ज्यादा जाती है। अब जो बिल पुलिस प्रशासन को मिले हैं उनकी समीक्षा राज्यकर विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। जिससे जीएसटी चोरी तय की जा सके।
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किसके संरक्षण में हो रही थी जीएसटी की चोरी, तह तक जाएगी पुलिस
पुलिस और एसओजी की टीम ने बुधवार की देररात कई लोग हिरासत में लिए हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस संरक्षण देने वाले गिरोह के सरगना तक पहुंचेगी। इसके लिए पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि जिस व्यक्ति के संरक्षण में यह पूरा गिरोह काम करता है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी तय है।
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एंट्री सिस्टम पर नहीं लग रही लगाम
एंट्री सिस्टम ओवरलोड और जीएसटी चोरी के मामले में अहम कड़ी है। जिसका दबदबा होता है वह वाहनों की एंट्री लेता है। एंट्री के रूप में वाहन चालक व स्वामियों से महीनेवार रुपये लिए जाते हैं। इस रुपये का फिर बंटवारा किया जाता है। इसलिए ओवलोड पर लगाम नहीं लग सकी है। इसी एंट्री के माध्यम से डग्गामार वाहनों का संचालन किया जाता है।