{"_id":"578fd8e34f1c1bd927c4ba3e","slug":"bhookamp-rodhi-bilding-dhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुन्नौर में बिना भूकंप ढह गई स्कूल की भूकंपरोधी बिल्डिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुन्नौर में बिना भूकंप ढह गई स्कूल की भूकंपरोधी बिल्डिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
बिल्डिंग ढही
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कक्ष की छत गिरने के बाद ग्रामीणों की स्कूल में भीड़ लग गई। अब अफसर मामले से पल्ला झाड़ने में जुटे हैं। गुन्नौर विकासखंड के बिचपुरी सैलाब के प्राथमिक विद्यालय में 2005 में दो भूकंपरोधी कक्षों का निर्माण हुआ था। सुबह आठ बजे बिचपुरी सैलाब में जब प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के समय बच्चे स्कूल में घुस रहे थे तभी स्कूल का भूकंप रोधी कमरा भरभरा कर ढह गया।
भरभराने की आवाज सुनते ही बच्चे इधर उधर भागने ले। गनीमत रही कि उस समय कमरे में कोई बच्चा नहीं था वरना बड़ा हादसा हो जाता। स्कूल में पढने वाले बच्चों के माता पिता ने जब गिरे हुए कमरे का हाल देखा तो अपने-अपने बच्चों को कलेजे से लगा लिया और देखने लगे कि कहीं उन्हें चोट तो नहीं आई है। हाल देखने के लिए पूरा गांव मौके पर स्कूल में पहुंच गया। विभागीय अफसरों का कहना है कि, कक्ष को जर्जर घोषित कर दिया था। गिराने के आदेश भी दे दिए गए थे। हालांकि इस संबंध में लिखित जानकारी से इंकार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, जर्जर कमरा बंद रहता था, मगर बच्चे आसपास अक्सर रहते थे।
हर शख्स दिखा सहमा, हर तरफ सलामती की दुआ
चंदौसी। सुबह सुबह परिजनों ने अपने लाडलों को अपने हाथों से तैयार कर स्कूल भेजा था। स्कूल पहुंचने के आधा घंटे बाद जब तेज आवाज सुनाई दी तो ग्रामीण स्कूल की ओर दौड़ पड़े। स्कूल में मौजूद बच्चों में भी कमरा गिरने के बाद अफरा तफरी मच गई। सभी मैदान में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका में अपने अपने बच्चों की सलामती के लिए दुआ और तलाश करते दिखे। जिम्मेदारों को जमकर कोसा।
विज्ञापन
11 साल में जर्जर हो गया भूकंपरोधी कक्ष?
चंदौसी। भूकंपरोधी कक्ष के धराशाई होने के बाद गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अतिरिक्त मजबूती के लिहाज से बनाए गए भूकंपरोधी कक्ष केवल 11 साल में ही धराशायी हो गया।
चंदौसी में भी हैं खतरनाक भवन
चंदौसी। बारिश के मौसम में जर्जर भवन हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। गुन्नौर में जर्जर कक्ष के बाद इस आशंका को बल मिलने लगा है। चंदौसी नगर में इस तरह के कई भवन हैं जो गिर सकते हैं। नगर के स्टेशन रोड स्थित जर्जर भवन का भी यही हाल है। दिन भर यह मार्ग व्यस्त रहता है। यदि भवन धराशायी हुआ तो नुकसान हो सकता है। वहीं वाणिज्य कर कार्यालय का भवन भी जर्जर है। वाणिज्य कर कार्यालय नगर पालिका परिषद के भवन में संचालित हो रहा है। पूरा भवन जर्जर है। कभी भी धराशायी होकर गिर सकता है। वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय के निर्माण की कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
गुन्नौर विकासखंड के बिचपुरी सैलाब स्थित प्राथमिक विद्यालय में जो कमरा ढहा है वह जर्जर हालत में था। उसे गिराने के लिए कह दिया गया था। कमरे के गिरने की सूचना मिली है। अब तक उसे गिराया क्यों नहीं गया यह जांच का विषय है। जिम्मेदारों के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-श्रीराम सक्सेना, खंड शिक्षा अधिकारी, गुन्नौर।
विज्ञापन
भरभराने की आवाज सुनते ही बच्चे इधर उधर भागने ले। गनीमत रही कि उस समय कमरे में कोई बच्चा नहीं था वरना बड़ा हादसा हो जाता। स्कूल में पढने वाले बच्चों के माता पिता ने जब गिरे हुए कमरे का हाल देखा तो अपने-अपने बच्चों को कलेजे से लगा लिया और देखने लगे कि कहीं उन्हें चोट तो नहीं आई है। हाल देखने के लिए पूरा गांव मौके पर स्कूल में पहुंच गया। विभागीय अफसरों का कहना है कि, कक्ष को जर्जर घोषित कर दिया था। गिराने के आदेश भी दे दिए गए थे। हालांकि इस संबंध में लिखित जानकारी से इंकार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, जर्जर कमरा बंद रहता था, मगर बच्चे आसपास अक्सर रहते थे।
विज्ञापन
हर शख्स दिखा सहमा, हर तरफ सलामती की दुआ
चंदौसी। सुबह सुबह परिजनों ने अपने लाडलों को अपने हाथों से तैयार कर स्कूल भेजा था। स्कूल पहुंचने के आधा घंटे बाद जब तेज आवाज सुनाई दी तो ग्रामीण स्कूल की ओर दौड़ पड़े। स्कूल में मौजूद बच्चों में भी कमरा गिरने के बाद अफरा तफरी मच गई। सभी मैदान में एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने अनहोनी की आशंका में अपने अपने बच्चों की सलामती के लिए दुआ और तलाश करते दिखे। जिम्मेदारों को जमकर कोसा।
विज्ञापन
11 साल में जर्जर हो गया भूकंपरोधी कक्ष?
चंदौसी। भूकंपरोधी कक्ष के धराशाई होने के बाद गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अतिरिक्त मजबूती के लिहाज से बनाए गए भूकंपरोधी कक्ष केवल 11 साल में ही धराशायी हो गया।
चंदौसी में भी हैं खतरनाक भवन
चंदौसी। बारिश के मौसम में जर्जर भवन हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। गुन्नौर में जर्जर कक्ष के बाद इस आशंका को बल मिलने लगा है। चंदौसी नगर में इस तरह के कई भवन हैं जो गिर सकते हैं। नगर के स्टेशन रोड स्थित जर्जर भवन का भी यही हाल है। दिन भर यह मार्ग व्यस्त रहता है। यदि भवन धराशायी हुआ तो नुकसान हो सकता है। वहीं वाणिज्य कर कार्यालय का भवन भी जर्जर है। वाणिज्य कर कार्यालय नगर पालिका परिषद के भवन में संचालित हो रहा है। पूरा भवन जर्जर है। कभी भी धराशायी होकर गिर सकता है। वाणिज्य कर विभाग के कार्यालय के निर्माण की कर्मचारी और अधिकारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह हैं।
गुन्नौर विकासखंड के बिचपुरी सैलाब स्थित प्राथमिक विद्यालय में जो कमरा ढहा है वह जर्जर हालत में था। उसे गिराने के लिए कह दिया गया था। कमरे के गिरने की सूचना मिली है। अब तक उसे गिराया क्यों नहीं गया यह जांच का विषय है। जिम्मेदारों के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-श्रीराम सक्सेना, खंड शिक्षा अधिकारी, गुन्नौर।