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निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल, उपभोक्ता रहे परेशान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:00 AM IST
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Banks strike against privatization, consumers remain upset
चंदौसी। जिले में निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मियों ने हड़ताल रखी। बैंकों के कर्मी एकत्र होकर बैंक रोड स्थित इंडियन बैंक पर पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल है। इस दौरान बैंक आए उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बृहस्पतिवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में शहर के आठ राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में बैंक रोड स्थित इंडियन बैंक पर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में जमकर प्रदर्शन कर सरकार की आर्थिक नीतियों के बारे में जनता को जागरूक किया। यूनियंस के स्थानीय संयोजक केजी शर्मा ने कहा कि सरकार ने सदन में तीन-चार राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण करने का मसौदा तैयार कर रखा है। यदि सरकार ने ऐसा किया तो बैंक कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिए विवश होंगे। जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। सरकार का यह प्रस्तावित कानून जन विरोधी व कर्मचारी विरोधी है। इससे जनता का खून पसीने के रुपये बैंकों में डूब जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने तय कर रखा है कि लोगों को खून पसीने की कमाई निजी क्षेत्र में दे दी जाए। जिस प्रकार अभी कुछ बैंकों के बंद होने पर सरकार द्वारा तत्काल कुछ राशि जमाकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई थी ताकि वह अपने तत्कालीन कार्यों को पूर्ण कर सकें। इसके बाद ऐसा संभव नहीं होगा और लोग अपना पैसा बैंक से नहीं निकाल पाएंगे। बैंक में जमा राशि को बीमा कंपनी द्वारा सुरक्षित होता है, उसको भी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
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बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल की जानकारी न होने पर अनेक उपभोक्ता बैंकों पर पहुंचे। बैंक के गेट पर ताला लटका देख वह बिना लेन-देन किए बिना ही घर लौट गए।
गुरुवार की सुबह अखबार में पढ़कर राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल की जानकारी हुई। कपड़ा के कारोबार में रोजाना बैंक में पैसा जमाकर ड्राफ्ट बनवाकर कंपनी को भेजना पड़ता है। हड़ताल के चलते आज परेशानी हुई है।
सुरेंद्र मदान, कपड़ा व्यवसायी, चंदौसी
मेरा कार्य मेडिकल का है, जिस कारण रोजाना जो सेल होती है, उसे सुरक्षित रखने के लिए बैंक में जमा करना होता। मगर दो दिन की बैंक हड़ताल से परेशानी हो गई है।
अमित गुप्ता, मेडिकल व्यवसायी, चंदौसी
कुछ दिन पहले खाता बंद हो गया, गुरुवार को खाता शुरू कराने बैंक पहुंचा तो जानकारी हुई कि बैंकों में दो दिन की हड़ताल है। निराश होकर घर लौट आया।
जीशान, गांव जनेटा
गांव में मनरेगा के तहत मजदूरी करते हैं, बैंक में मजदूरी का पैसा पहुंचने पर गुरुवार को रुपये निकालने बैंक पहुंचा था। मगर की हड़ताल के कारण रुपये नहीं निकाल सका।

पवन कुमार, गांव कासमपुर जगरुप
बैंकों की हड़ताल से किसानों को हुई परेशानी
बबराला/नरौली। बृहस्पतिवार को हड़ताल के चलते जब किसान रुपये निकालने व अन्य कार्य से बैंक पहुंचे तो पता चला कि बैंकों में हड़ताल है। जिस कारण दो दिन राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहेंगी। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से बैंक पहुंचे किसानों को बैंक बंद मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि अगर बैंकों कर्मियों को हड़ताल ही करनी थी तो एक दिन पहले बैंक के बाहर नोटिस चस्पा किया जा सकता था। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी नहीं उठानी पड़ती। संवाद
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