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जाति धर्म पर नहीं आर्थिक आधार पर हो आरक्षणः राजराजेश्वराश्रम
अमर उजाला ब्यूरो/चंदौसी
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:02 AM IST
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राजराजेश्वराश्रम महाराज
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शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की आरक्षण संबंधी सोच का अनुपालन नहीं हो रहा है। उनका अनुपालन देश के हर राजनीतिक दल का कर्तव्य है, लेकिन आरक्षण जाति-धर्म के आधार पर न होकर आर्थिक आधार पर होना चाहिए।
हरिद्वार से दिल्ली जाते समय चंदौसी के कान्हा विहार में ठहरे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि आरक्षण को लेकर देश में आंदोलन व बहस चल रही है।
इसका निराकरण बाबा साहेब की देखरेख में बने संविधान में ही निहित है। जबकि सभी राजनीतिक दलों का यह कर्तव्य भी है। डा. अंबेडकर का देश की हिंदू एकता उन्नयन में महत्वपूर्ण अवदान रहा है। आरक्षण का आधार जातीय न होकर आर्थिक होना चाहिए। विडंबना यह है कि आरक्षण जैसी अच्छी सोच राजनीतिक नेताओं के हाथों की गेंद बन गई है।
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हरिद्वार से दिल्ली जाते समय चंदौसी के कान्हा विहार में ठहरे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि आरक्षण को लेकर देश में आंदोलन व बहस चल रही है।
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इसका निराकरण बाबा साहेब की देखरेख में बने संविधान में ही निहित है। जबकि सभी राजनीतिक दलों का यह कर्तव्य भी है। डा. अंबेडकर का देश की हिंदू एकता उन्नयन में महत्वपूर्ण अवदान रहा है। आरक्षण का आधार जातीय न होकर आर्थिक होना चाहिए। विडंबना यह है कि आरक्षण जैसी अच्छी सोच राजनीतिक नेताओं के हाथों की गेंद बन गई है।
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