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Sambhal News: स्वतंत्र देव सिंह के करीबी थे अनुज चौधरी
Fri, 11 Aug 2023 01:47 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 11 Aug 2023 01:47 AM IST
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संभल। अनुज चौधरी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर तमाम भाजपा नेताओं के साथ के फोटो वायरल हो रहे हैं। अनुज चौधरी प्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेहद करीबी बताए जाते थे। स्वतंत्र देव सिंह के साथ लिए गए फोटो इसका प्रमाण भी हैं। अनुज चौधरी के जो फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं उसमें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी व अन्य भाजपा के नेता शामिल हैं। चर्चा है कि भाजपा के बड़े नेताओं से संबंध होने के चलते ही भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अनुज चौधरी अविश्वास प्रस्ताव पहले भी लाए थे और इस बार भी तैयारी कर रहे थे। 15 अगस्त के बाद प्रक्रिया शुरू की जानी थी। जब अनुज चौधरी ने अक्तूबर 2022 में अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी की थी तो भाजपा के जिला स्तरीय नेता इस मामले में दूरी बना गए थे। उसी समय चर्चा हुई थी कि अनुज चौधरी के संबंध बड़े नेताओं से हैं इसलिए कोई इस विवाद में पड़ना नहीं चाहता।
ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जब तैयारी की गई थी तो क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कहीं सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था। इस दौरान विवाद की कई बार स्थिति बनी थी लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हुई थी। नैनीताल के एक होटल में ठहरे क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में लाने के प्रयास विवाद हुआ था। उस समय चर्चा हुई थी कि फायरिंग भी हुई है लेकिन उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। यह सारी रंजिश ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी को पाने के लिए ही शुरू हुई थी। इससे पहले राजनीतिक रंजिश का कोई मामला नहीं था।
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ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जब तैयारी की गई थी तो क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कहीं सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था। इस दौरान विवाद की कई बार स्थिति बनी थी लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हुई थी। नैनीताल के एक होटल में ठहरे क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में लाने के प्रयास विवाद हुआ था। उस समय चर्चा हुई थी कि फायरिंग भी हुई है लेकिन उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। यह सारी रंजिश ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी को पाने के लिए ही शुरू हुई थी। इससे पहले राजनीतिक रंजिश का कोई मामला नहीं था।
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