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महिला दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बोलने का मौका नहीं मिला, आक्रोश
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ओबरी/असमोली। न विचार व्यक्त करने का मौका मिला न ही उनके बारे में महिला दिवस पर कोई चर्चा हुई। इसी बीच हद तो तब हो गई जब कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा गया कि अब वे चली जाएं। यह घटनाक्रम असमोली विकास खंड के सभागार की है। खंड विकास अधिकारी ने महिला दिवस का आयोजन किया था।
खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी महिला दिवस पर बोल चुके थे। समारोह में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं थीं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी थीं। ग्यारह बजे से करीब एक बजे तक कार्यक्रम चला लेकिन जब खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी ने महिलाओं को संबोधित कर दिया तो सभागार में हाथ उठवाकर पूछा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका कौन कौन हैं। जिन्होंने हाथ खड़ा किया तो उनसे कहा गया कि अब महिला दिवस हो गया है। जो आंगनबाड़ी हैं वे चली जाएं।
यह बात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अखर गई। उनका कहना था कि न तो उन्हें बोलने का मौका मिला। न ही सभी कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए जगह मिली। कार्यक्रम के दौरान उन्हें चले जाने के लिए और कहा गया। इस विषय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने संगठन की पदाधिकारी सोमवती शर्मा को अवगत कराया।
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उन्होंने खंड विकास अधिकारी से शिकायत की है। जब इस विषय में खंड विकास अधिकारी रेनू कुमारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। आरोप कोई भी लगाए। जिस कार्यक्रम में वह खुद मंचस्थ थीं वहीं पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी थीं। अगर किसी को शिकायत थी तो तत्काल अवगत करातीं।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि बाद में आईं कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुर्सी न मिली हो पर सबका सम्मान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि महिला दिवस के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की बैठक थी जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं रहना था।
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खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी महिला दिवस पर बोल चुके थे। समारोह में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं थीं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी थीं। ग्यारह बजे से करीब एक बजे तक कार्यक्रम चला लेकिन जब खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी ने महिलाओं को संबोधित कर दिया तो सभागार में हाथ उठवाकर पूछा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका कौन कौन हैं। जिन्होंने हाथ खड़ा किया तो उनसे कहा गया कि अब महिला दिवस हो गया है। जो आंगनबाड़ी हैं वे चली जाएं।
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यह बात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अखर गई। उनका कहना था कि न तो उन्हें बोलने का मौका मिला। न ही सभी कार्यकर्ताओं को बैठने के लिए जगह मिली। कार्यक्रम के दौरान उन्हें चले जाने के लिए और कहा गया। इस विषय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने संगठन की पदाधिकारी सोमवती शर्मा को अवगत कराया।
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उन्होंने खंड विकास अधिकारी से शिकायत की है। जब इस विषय में खंड विकास अधिकारी रेनू कुमारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। आरोप कोई भी लगाए। जिस कार्यक्रम में वह खुद मंचस्थ थीं वहीं पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी थीं। अगर किसी को शिकायत थी तो तत्काल अवगत करातीं।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि बाद में आईं कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुर्सी न मिली हो पर सबका सम्मान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि महिला दिवस के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की बैठक थी जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं रहना था।