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200 बीघा भूमि पर कब्जे का आरोप
सार
अलीगढ़ के चार किसानों ने गुन्नौर के लोगों पर 200 बीघा भूमि कब्जे का आरोप लगाया है।पुलिस मामले की जांच में जुटी है।अलीगढ़ जनपद के अतरौली तहसील क्षेत्र के गांव फतेहपुर गंग को काफी समय पहले गंगा की धारा ने काट दिया था।
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विस्तार
अलीगढ़ के चार किसानों ने गुन्नौर के लोगों पर 200 बीघा भूमि कब्जे का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
अलीगढ़ जनपद के अतरौली तहसील क्षेत्र के गांव फतेहपुर गंग को काफी समय पहले गंगा की धारा ने काट दिया था। गांव निवासी गोविंदराम, उनके बेटे धनीराम, करण सिंह, बाबूराम, रतन कुमार व अन्य ग्रामीण बदायूं जनपद के गांव सहसवान, बादशाहबाद व आसपास के गांव में जाकर बस गए थे। गांव बादशाहबाद निवासी धनीराम ने थाना जुनावई पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गंगा की धारा बदल जाने के कारण उनकी 200 बीघा भूमि संभल जनपद की दिशा में आ गई थी। भूमि खाली पड़ी रहने के कारण वर्ष 2012 में गांव मई हुसैनपुर खाम के लोगों ने उनकी भूमि पर जुताई कर अवैध कब्जा कर लिया था। तभी पुलिस के माध्यम से भूमि खाली करा ली थी। अब फिर से क्षेत्र के गांव के लोगों ने भूमि की जुताई कर कब्जा कर लिया है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
गवां क्षेत्र के आठ गांवों के लोगों में होता है संघर्ष, पांच साल में दो लोग गवां चुके जान
गवां क्षेत्र के गंगा किनारे के आठ गांव हैं। उमेदपुर डांडा, मोलनपुर डांडा, दीपपुर डांडा, चाऊपुर डांडा, सिकन्दरपुर खागी, जिजौड़ा डांडा, शाहजनाबाद, सिसौना डांडा आदि गांवों में हजारों बीघा सरकारी भूमि है। इस भूमि पर कुछ लोगों के कब्जे हैं। बारिश के बाद फसल की बुआई के पहले और उधर होली के आसपास फसल की बुआई के दौरान अवैध कब्जे को लेकर लोगों में संघर्ष होता है। करीब छह माह पहले गांव दीपपुर डांडा में इसी जमीन पर विवाद को लेकर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। करीब पांच साल पहले गांव शाहजनाबाद में झगड़े व फायरिंग में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
वन विभाग के सुपुर्द कर पौधरोपण का कराया जा रहा प्रयास
एसडीएम गुन्नौर रामकेश धामा ने बताया कि गंगा किनारे कई हजार बीघा भूमि सरकारी है। जिस पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। इसमें से पांच हजार बीघा जमीन खाली कराकर वन विभाग के सुपुर्द कर दी है। इसमें से 2500 बीघा में पौधरोपण भी हो चुका है। गांव मोलनपुर में एक हजार बीघा जमीन खाली कराकर गोशाला बनाने के लिए तैयार की जा रही है। धीरे-धीरे सभी जिजौंडा डांडा, मोनलजमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
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अलीगढ़ जनपद के अतरौली तहसील क्षेत्र के गांव फतेहपुर गंग को काफी समय पहले गंगा की धारा ने काट दिया था। गांव निवासी गोविंदराम, उनके बेटे धनीराम, करण सिंह, बाबूराम, रतन कुमार व अन्य ग्रामीण बदायूं जनपद के गांव सहसवान, बादशाहबाद व आसपास के गांव में जाकर बस गए थे। गांव बादशाहबाद निवासी धनीराम ने थाना जुनावई पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गंगा की धारा बदल जाने के कारण उनकी 200 बीघा भूमि संभल जनपद की दिशा में आ गई थी। भूमि खाली पड़ी रहने के कारण वर्ष 2012 में गांव मई हुसैनपुर खाम के लोगों ने उनकी भूमि पर जुताई कर अवैध कब्जा कर लिया था। तभी पुलिस के माध्यम से भूमि खाली करा ली थी। अब फिर से क्षेत्र के गांव के लोगों ने भूमि की जुताई कर कब्जा कर लिया है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
गवां क्षेत्र के आठ गांवों के लोगों में होता है संघर्ष, पांच साल में दो लोग गवां चुके जान
गवां क्षेत्र के गंगा किनारे के आठ गांव हैं। उमेदपुर डांडा, मोलनपुर डांडा, दीपपुर डांडा, चाऊपुर डांडा, सिकन्दरपुर खागी, जिजौड़ा डांडा, शाहजनाबाद, सिसौना डांडा आदि गांवों में हजारों बीघा सरकारी भूमि है। इस भूमि पर कुछ लोगों के कब्जे हैं। बारिश के बाद फसल की बुआई के पहले और उधर होली के आसपास फसल की बुआई के दौरान अवैध कब्जे को लेकर लोगों में संघर्ष होता है। करीब छह माह पहले गांव दीपपुर डांडा में इसी जमीन पर विवाद को लेकर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। करीब पांच साल पहले गांव शाहजनाबाद में झगड़े व फायरिंग में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
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वन विभाग के सुपुर्द कर पौधरोपण का कराया जा रहा प्रयास
एसडीएम गुन्नौर रामकेश धामा ने बताया कि गंगा किनारे कई हजार बीघा भूमि सरकारी है। जिस पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। इसमें से पांच हजार बीघा जमीन खाली कराकर वन विभाग के सुपुर्द कर दी है। इसमें से 2500 बीघा में पौधरोपण भी हो चुका है। गांव मोलनपुर में एक हजार बीघा जमीन खाली कराकर गोशाला बनाने के लिए तैयार की जा रही है। धीरे-धीरे सभी जिजौंडा डांडा, मोनलजमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
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