फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   After ten years, the Ganga is again 22 cm above the danger mark, water is expected to rise further

Sambhal News: दस साल बाद फिर से गंगा खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर, पानी और बढ़ने का अनुमान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 17 Aug 2023 01:41 AM IST
विज्ञापन
After ten years, the Ganga is again 22 cm above the danger mark, water is expected to rise further
जुनावई/ गुन्नौर(संभल)। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश से गंगा में बाढ़ आ गई है और नरौरा बैराज पर खतरे से निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इस समय 2.67 लाख क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा जा रहा है। दस साल बाद गंगा खतरे के निशान से ऊपर गई है। गंगा में बाढ़ के रौद्र रूप के बाद जुनावई व रजपुरा क्षेत्र के पांच गांवों में आबादी के निकट तक पानी पहुंच गया है। आगामी 24 घंटे में बाढ़ का पानी चार गांवों के चारों फैल जाएगा। प्रशासन बाढ़ की तबाही से निपटने में लग गया है। रौद्र रूप को देखते हुए जगह जगह मिट्टी डालकर तटबंध की मरम्मत शुरू करा दी है।
विज्ञापन

पिछले दो दिनों से पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा के मैदानी क्षेत्र में आ गया है। सोमवार की देर शाम गंगा में 2.13 लाख क्यूसेक पानी रात को बिजनौर बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने का प्रशासन ने दावा किया था। बुधवार की दोपहर के बाद तक इसका असर दिखाई दे गया। मंगलवार को बाढ़ के पानी में कम बढोतरी हुई। बुधवार को जलस्तर तेजी से बढ़ और शाम छह बजे तक नरौरा बैराज पर जलस्तर बढ़कर 2.67 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। गंगा में खतरे का निशान 2.5 लाख क्यूसेक व ऊंचाई में 178.76 मीटर है। खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर गंगा 178.98 मीटर तक पहुंच गया है। नरौरा बैराज पर गंगा अपने अपने रौद्र रूप में बह रही है। इससे पहले 2013 में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई थी।
विज्ञापन

जुनावई क्षेत्र के गांव सालिंग की मड़ैया, नरूपुरा, बझांगी, मेंगरा, रजपुरा क्षेत्र के गांव चाऊपुर डांडा में आबादी के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार तेजी के साथ बाढ़ का पानी बढ़ रहा है और रात में चारों गांवों के चारों ओर से बाढ़ का पानी घेर लेगा। इन गांवों की फसल पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। गांव में बाढ़ चौकियों पर लेखपाल तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही पल पल की खबर प्रशासनिक अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ से तटबंध को खतरा, मरम्मत में जुटा प्रशासन
जिले की अधिकांश सीमा में गंगा में आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध बना हुआ है। जगह-जगह से तटबंध की स्थिति ठीक नहीं है। गंगा में आई भयानक बाढ़ से तटबंध को बचाने के लिए प्रशासन अभी से जुट गया है। गांव गंगावास व उसके आगे के स्थान पर तटबंध पर जगह जगह मिट्टी डलवाई जा रही है। ताकि बाढ़ के पानी से पहले ही तटबंध को मजबूत किया जा सके।


बाढ़ से बचाव व अन्य कार्यों को प्रशासन ने भिजवाए नौ नाव
लेखपाल अनोज कुमार ने बताया कि जुनावई बाढ़ क्षेत्र में जनता की सुविधा के नौ नाव भेजी गई हैं। इसमें साधुमणि आश्रम पर पांच, रघुपुर पुख्ता गांव में दो, बझांगी गांव में एक और मेंगरा गांव में एक नाव ग्रामीणों की मदद के लिए भेजी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed