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हत्या और जानलेवा हमले के मामले में दो पक्षों पांच लोगों को सजा, न्यायालय ने जुर्माना भी लगाया
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चंदौसी/संभल। 29 वर्ष पहले आम खाने को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद में एक महिला की हत्या के मामले में न्यायालय ने तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 22 -22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं इसी मामले में दूसरे पक्ष के दो लोगों पर जानलेवा हमला करने के मामले में दस-दस साल की सजा सुनाई है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्रमणि मिश्र ने सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि बनियाठेर थानाक्षेत्र के गांव जमालपुर में 4 जुलाई 1991 को दो पक्षों के बीच आम खाने को लेकर हुए विवाद में एक महिला की हत्या हुई थी। जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक पक्ष के वादी बनियाठेर थानाक्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी तेजी जाटव ने आरोप लगाया था कि वह और उनका भतीजा बहादुर और सूरज अपने खेत पर फसल की सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान जमालपुर की कोठी वाले बाग में उनका भतीजा बहादुर चला गया था और पेड़ के नीचे पड़े आम को खा लिया था। इसका विरोध करते हुए थानाक्षेत्र के नगला अहलेदादपुर गांव निवासी अब्दुल अजीज, साबिर और निजामुद्दीन ने बहादुर पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। इस आरोप पर न्यायालय ने सुनवाई की। इसमें अब्दुल अजीज की मौत हो गई। जबकि साबिर और निजामुद्दीन को दस-दस वर्ष की सजा हुई है। 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
अधिवक्ता ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से अब्दुल अजीज के भाई अब्दुल हमीद ने आरोप लगाया था कि उनके भाई अब्दुल अजीज और उनकी भतीजी रेहाना जमालपुर कोठी वाले बाग में आम तोड़ रहे थे। इसी दौरान जमालपुर गांव निवासी बहादुर और सूरज तोड़े हुए आम खाने लगे। जब मना किया तो वह धमकाते हुए चले गए थे। कुछ देर बाद बाग में गांव जमालपुर निवासी सुम्मेरी, बहोरी, तेजी जाटव, सूरज, भूरा, बहादुर और श्योराम लाठी-डंडे व अन्य हथियार लेकर आए। उन्होंने आते ही अब्दुल अजीज, अब्दुल अजीज की पत्नी असगरी, बेटा साबिर और तहजीब पर हमला कर दिया। इसमें अब्दुल अजीज, असगरी और तहजीब को गंभीर चोट आई। घायलावस्था में सीएचसी चंदौसी उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां अब्दुल अजीज की पत्नी असगरी की मौत हो गई थी। अब्दुल हमीद ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें सुम्मेरी, बहोरी, तेजी जाटव की मौत हो गई है। जबकि रामबहादुर, श्योराम और भूरा को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा हुई है। 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अधिवक्ता ने बताया कि हत्या के मामले में सूरज आरोपी बनाया गया था लेकिन वारदात के समय वह नाबालिग था। इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के पांचों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि बनियाठेर थानाक्षेत्र के गांव जमालपुर में 4 जुलाई 1991 को दो पक्षों के बीच आम खाने को लेकर हुए विवाद में एक महिला की हत्या हुई थी। जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक पक्ष के वादी बनियाठेर थानाक्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी तेजी जाटव ने आरोप लगाया था कि वह और उनका भतीजा बहादुर और सूरज अपने खेत पर फसल की सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान जमालपुर की कोठी वाले बाग में उनका भतीजा बहादुर चला गया था और पेड़ के नीचे पड़े आम को खा लिया था। इसका विरोध करते हुए थानाक्षेत्र के नगला अहलेदादपुर गांव निवासी अब्दुल अजीज, साबिर और निजामुद्दीन ने बहादुर पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। इस आरोप पर न्यायालय ने सुनवाई की। इसमें अब्दुल अजीज की मौत हो गई। जबकि साबिर और निजामुद्दीन को दस-दस वर्ष की सजा हुई है। 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
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अधिवक्ता ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से अब्दुल अजीज के भाई अब्दुल हमीद ने आरोप लगाया था कि उनके भाई अब्दुल अजीज और उनकी भतीजी रेहाना जमालपुर कोठी वाले बाग में आम तोड़ रहे थे। इसी दौरान जमालपुर गांव निवासी बहादुर और सूरज तोड़े हुए आम खाने लगे। जब मना किया तो वह धमकाते हुए चले गए थे। कुछ देर बाद बाग में गांव जमालपुर निवासी सुम्मेरी, बहोरी, तेजी जाटव, सूरज, भूरा, बहादुर और श्योराम लाठी-डंडे व अन्य हथियार लेकर आए। उन्होंने आते ही अब्दुल अजीज, अब्दुल अजीज की पत्नी असगरी, बेटा साबिर और तहजीब पर हमला कर दिया। इसमें अब्दुल अजीज, असगरी और तहजीब को गंभीर चोट आई। घायलावस्था में सीएचसी चंदौसी उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जहां अब्दुल अजीज की पत्नी असगरी की मौत हो गई थी। अब्दुल हमीद ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें सुम्मेरी, बहोरी, तेजी जाटव की मौत हो गई है। जबकि रामबहादुर, श्योराम और भूरा को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा हुई है। 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अधिवक्ता ने बताया कि हत्या के मामले में सूरज आरोपी बनाया गया था लेकिन वारदात के समय वह नाबालिग था। इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों के पांचों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
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