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Sambhal News: प्रोटेक्शन एक्ट की मांग पर गरज अधिवक्ता
Wed, 23 Oct 2024 03:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 23 Oct 2024 03:23 AM IST
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संभल। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कहा कि आए दिन हो रही घटनाओं से अधिवक्ता असहज हैं। अधिवक्ताओं की आजादी पर रोक लगाई जा रही है। यह गलत है।
संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने मंगलवार को पदाधिकारियों के साथ तहसील परिसर स्थित ई-लाईब्रेरी कक्ष में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि अधिवक्ताओं के मनोबल तोड़ने के लिए तमाम निर्देश आए हैं। जबकि न्याय में देरी की मुख्य वजह न्यायिक अधिकारियों की कमी है। सिर्फ अधिवक्ता को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अधिवक्ता की अभिव्यक्ति छीनने की कोशिश हो रही है। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए और बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना चाहिए। इस दौरान अमित उठवाल, शरद भारद्वाज, सचिन चौहान, अजेंद्र पाल सिंह, मोहम्मद उवैस, प्रदीप सिंह, देवेंद्र पाल, प्रमेंद्र सिंह, नीरज गुप्ता, मनीष आर्य, जितेंद्र मौर्य आदि रहे।
जिला बार एसोसिएशन ने भी किया प्रदर्शन
संभल। जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी शंकर कॉलेज चौराहे पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यूपी में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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ज्ञापन में बताया कि अधिवक्ता मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में न्यायिक कार्यों का समर्पण भावना से निष्पादन कर रहा है। बावजूद इसके कोई सुविधा नहीं दी गई। अधिवक्ताओं के साथ घटनाएं हो रही हैं लेकिन अफसोस इस मुद्दे पर भी सरकार गंभीर नहीं है। संविधान द्वारा अधिवक्ताओं को प्रदत्त मूलभूत एवं मौलिक अधिकार व वॉक एवं अभिव्यक्ति की आजादी पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा रोक लगाई गई है। इस पर विचार किया जाए। इस दौरान मोहम्मद नदीम कुरैशी, मुख्तार फात्मा, अरीफ आलम, पुनीत, मोहम्मद सलीम, समीर, सादिक, नाजिर आदि रहे। (संवाद)
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संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने मंगलवार को पदाधिकारियों के साथ तहसील परिसर स्थित ई-लाईब्रेरी कक्ष में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि अधिवक्ताओं के मनोबल तोड़ने के लिए तमाम निर्देश आए हैं। जबकि न्याय में देरी की मुख्य वजह न्यायिक अधिकारियों की कमी है। सिर्फ अधिवक्ता को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अधिवक्ता की अभिव्यक्ति छीनने की कोशिश हो रही है। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए और बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना चाहिए। इस दौरान अमित उठवाल, शरद भारद्वाज, सचिन चौहान, अजेंद्र पाल सिंह, मोहम्मद उवैस, प्रदीप सिंह, देवेंद्र पाल, प्रमेंद्र सिंह, नीरज गुप्ता, मनीष आर्य, जितेंद्र मौर्य आदि रहे।
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जिला बार एसोसिएशन ने भी किया प्रदर्शन
संभल। जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी शंकर कॉलेज चौराहे पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यूपी में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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ज्ञापन में बताया कि अधिवक्ता मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में न्यायिक कार्यों का समर्पण भावना से निष्पादन कर रहा है। बावजूद इसके कोई सुविधा नहीं दी गई। अधिवक्ताओं के साथ घटनाएं हो रही हैं लेकिन अफसोस इस मुद्दे पर भी सरकार गंभीर नहीं है। संविधान द्वारा अधिवक्ताओं को प्रदत्त मूलभूत एवं मौलिक अधिकार व वॉक एवं अभिव्यक्ति की आजादी पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा रोक लगाई गई है। इस पर विचार किया जाए। इस दौरान मोहम्मद नदीम कुरैशी, मुख्तार फात्मा, अरीफ आलम, पुनीत, मोहम्मद सलीम, समीर, सादिक, नाजिर आदि रहे। (संवाद)