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Sambhal News: प्रशासन का निर्णय, एक सप्ताह तक स्कूल का होगा संचालन, बच्चे सरकारी व निजी स्कूलों में होंगे शिफ्ट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2026 02:09 AM IST
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Administration's decision: Schools to operate for one week; students to be shifted to government and private schools.
संभल। शहर के मोहल्ला काेटपूर्वी में स्थित सनातन पब्लिक स्कूल का संचालन अभी एक सप्ताह तक होता रहेगा। इसके लिए डीएम ने निर्देश दिए हैं। एकाएक स्कूल बंद होने से बच्चों के साथ अभिभावकाें के सामने चुनौती आ जाएगी। इसको देखते हुए डीएम ने कहा है कि स्कूल का संचालन एक सप्ताह तक किया जाएगा। बच्चों का सरकारी और निजी स्कूलाें में एडमिशन कराया जाएगा। उसके बाद ही संचालन बंद होगा।
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संचालन के दौरान निगरानी के लिए डीएम ने दो खंड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। रविवार को बीएसए अलका शर्मा जांच के लिए पहुंची। प्रबंध समिति से पूरी जानकारी ली गई है।
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शनिवार की रात 9.51 बजे सनानत पब्लिक स्कूल की ओर से अभिभावकों को संदेश भेजा गया था कि शासन द्वारा बेसमेंट में कक्षाओं के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कारण इस शैक्षणिक सत्र में स्कूल का शिक्षण कार्य करना संभव नहीं है। इस संदेश के बाद से बच्चों की बेचैनी बढ़ गई थी और अभिभावकों के होश उड़ गए थे। दो महीने से ज्यादा पढ़ाई हो चुकी है। कोर्स से लेकर ड्रेस तक बच्चे खरीद चुके हैं। तिमाही फीस भी जमा कर चुके हैं। इसलिए अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है।
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इन हालात को देखते हुए ही प्रशासन ने निर्णय लिया है कि एक सप्ताह तक होने वाले संचालन की अवधि में फीस वापसी भी होगी। साथ ही बच्चों को नजदीक स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों को प्ले स्कूल में एडमिशन कराया जाएगा। हालांकि प्राथमिकता नजदीक स्कूलों की रहेगी।
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एक हजार से ज्यादा बच्चे, लाखों रुपये कर चुके हैं खर्च
सनातन पब्लिक स्कूल का संचालन 1992 से किया जा रहा है। आसपास के इलाके के ज्यादातर बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी के बच्चों की संख्या ही 300 से ज्यादा है। इसके बाद पहली और दूसरी कक्षा में भी करीब इतनी ही संख्या बच्चों की है। इन बच्चों की ड्रेस, कोर्स आ चुका है। एक बच्चे का कोर्स तीन हजार से चार हजार तक आया है। अनुमान है कि लाखों रुपये बच्चों के अभिभावक खर्च कर चुके हैं। हालांकि फिर भी वह पढ़ाई को लेकर चिंतित ज्यादा है। इस समय अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एक साल की पढ़ाई को कैसे बचाया जाए।
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बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर खड़ा कर दिया स्कूल, दूसरी मंजिल नहीं बनाई
बच्चों के लिए बेसमेंट को स्कूल बना दिया और बड़े बच्चों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर कक्षाएं बना दी। जबकि बच्चों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर कक्षाएं बनानी चाहिए थी। एरिया बड़ा होने के बाद भी दूसरी मंजिल तैयार नहीं की गई। इसके अलावा स्कूल का रास्ता संकरा है। इसलिए फायर की एनओसी नहीं मिल सकती है।
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कहीं प्रबंध समिति का विवाद तो नहीं स्कूल बंद होने का बड़ा कारण

स्कूल की प्रबंध समिति में दो गुट हैं। एक गुट फिलहाल संचालन करता है। दूसरे गुट ने हाईकोर्ट तक पैरवी की है ताकि उनके हाथ में संचालन आ सके। अब लखनऊ में हुए हादसे के बाद से कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी की जांच पड़ताल चल रही है। सूत्रों का कहना है कि संचालन कर रही प्रबंध समिति ने इसका ही लाभ उठाया है और स्कूल का संचालन बंद करने का निर्णय लिया है। क्योंकि प्रशासन की टीम स्कूल तक पहुंची नहीं है तो संचालन बंद क्यों किया गया। हालांकि प्रबंध समिति की ओर से यही कहा गया है कि मानक पूरे नहीं होने के चलते स्कूल संचालन बंद करने का निर्णय हुआ है।


स्कूल का संचालन एक सप्ताह तक करने के निर्देश दिए हैं। जितने बच्चे हैं उनके एडमिशन होने हैं। निजी और सरकारी स्कूलों में एडमिशन कराने के निर्देश बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। सोमवार से अधिकारियों की निगरानी में स्कूल का संचालन होगा। एकाएक स्कूल बंद करने से बच्चों के साथ अभिभावकों की चिंता बढ़ जाएगी। इसलिए एक सप्ताह तक संचालन कराने का निर्णय लिया गया है।
अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल
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