संभल: मुंडन कराकर वापस लौटते समय मेरठ बदायूं स्टेट हाईवे पर हादसा, भाई-बहन की मौत, आठ घायल
मेरठ बदायूं स्टेट हाईवे पर सीमेंट के लिक्विड से भरे कैप्सूल सड़क पर खराब खड़े मैक्स में पीछे से इतनी तेज टक्कर मारी की वहां मौजूद लोगों बचने का मौका तक नहीं दिया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। वहीं कैप्सूल का ड्राइवर फरार है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंडन कराकर लौट रहा बरेली का परिवार बदायूं-मेरठ स्टेट हाईवे पर हादसे की चपेट में आ गया। हादसे में तीन साल के उस बच्चे की मौत हो गई, जिसका मुंडन कराया गया था। बच्चे की 10 वर्षीय बहन भी दम तोड़ गई। मृत बच्चों के माता-पिता समेत आठ लोग इस हादसे में घायल हो गए।
जनपद बरेली में थाना सिरौली के गांव पल्था निवासी प्रकाश सिंह अपने बेटे शिवांश (3) का मुंडन संस्कार कराने के लिए मैक्स से परिजनों के साथ जुनावई क्षेत्र के गांव कादराबाद में कालिका मंदिर पर आए थे। शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे मुंडन कराकर मंदिर से अपने गांव लौट रहे थे। मैक्स में बच्चों समेत करीब 22 लोग सवार थे। बदायूं-मेरठ स्टेट हाईवे पर गांव धनीपुर के पास मैक्स का पहिया खराब हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चालक मैक्स को डिवाइडर के पास रोककर पहिया ठीक करने लगा। प्रकाश सिंह परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के साथ गाड़ी से बाहर निकल कर डिवाइडर पर बैठ गए। इसी बीच पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कैप्सूल ने मैक्स को टक्कर मारी और फिर डिवाइडर पर बैठे लोगों को रौंदते हुए डिवाइडर पार करके दूसरी दिशा के ट्रैफिक की लेन में पहुंच गया।
हादसे में प्रकाश सिंह के तीन वर्षीय बेटे शिवांश की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की मदद से घायलों को पहले जुनावई स्थित सीएचसी और फिर मुरादाबाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मुरादाबाद में शिवांश की बहन राधिका (10) को भी मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक मृत बहन-भाई शिवांश और राधिका के माता-पिता समेत आठ गंभीर घायलों का उपचार चल रहा है।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कैप्सूल की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि उसने पहले से रुकी मैक्स में जोरदार टक्कर मारी और फिर डिवाइडर पर बैठे लोगों को रौंदते हुए डिवाइडर पार करके दूसरी दिशा में जा पहुंचा। चालक कैप्सूल को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस कैप्सूल के रजिस्ट्रेशन नंबर के सहारे चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस के मुताबिक कैप्सूल में कोई ऐसा द्रव (लिक्विड) भरा है, जो सीमेंट बनाने में इस्तेमाल होता है।
हमेशा के लिए बुझ गया प्रकाश के घर का चिराग
जुनावई में बदायूं-मेरठ स्टेट हाईवे पर हुए हादसे ने एक परिवार पर बिजली गिरा दी। बच्चे के मुंडन के बाद खुशियां मनाते हुए घर लौट रहे परिवार ने हादसे में न सिर्फ मुंडन के बाद मां के साथ बैठे बेटे शिवांश को खो दिया बल्कि बेटी राधिका भी अपनों से हमेशा के लिए दूर हो गई।
बरेली के पल्था गांव निवासी प्रकाश सिंह को बेटे शिवांश के मुंडन के बाद रिश्तेदारों से बधाई संदेश मिल रहे थे कि इसी बीच बेकाबू कैप्सूल ने न सिर्फ मैक्स सवार परिवार की खुशियों को रौंद दिया बल्कि प्रकाश के घर का चिराग (शिवांश) हमेशा के लिए बुझा दिया। हादसे में प्रकाश की दस वर्षीय बेटी राधिका की भी जान चली गई। मौके से लेकर अस्पताल तक चीत्कार गूंजती रही।
प्रकाश के भाई श्याम ने बताया कि भैया के तीन बेटी राधिका (10), मंजू (8), नन्हीं (6) के बाद बेटे शिवांश का जन्म हुआ था। तीन साल की उम्र होने पर उसका मुंडन कराया था। श्याम के मुताबिक तीन माह पूर्व भाभी बंटी (प्रकाश की पत्नी) ने एक और बेटे को जन्म दिया था लेकिन वह मृत पैदा हुआ था। इसके बाद से गमगीन परिवार में शिवांश के मुंडन संस्कार के बहाने खुशियों की लहर आई थी लेकिन बेकाबू कैप्सूल ने सारी खुशियां रौंद दीं।
हादसे में प्रकाश व उनकी पत्नी बंटी भी घायल हुए हैं। दोनों का उपचार मुरादाबाद जिला अस्पताल में चल रहा है। बंटी को बेटे और बेटी की मौत की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
हादसे में दो बच्चों की मौत की सूचना है। आरोपी कैप्सूल चालक फरार है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अभी पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर नहीं मिली है। - राकेश कुमार, सीओ, गुन्नौर (संभल)
हादसे में ये हुए घायल
प्रकाश सिंह (38) पुत्र माधोराम, प्रकाश सिंह की पत्नी बंटी (35), प्रकाश सिंह के भाई अर्जुन (28) और शिवा (19), अर्जुन की पत्नी मालती (27), शकुंतला (35) पत्नी लेखराज, अनीता (15) पुत्री लेखराज, सीमा (25) पत्नी बिशननाथ, घायल हुए हैं। जुनावई सीएचसी से रेफर प्रकाश सिंह, बंटी, शकुंतला, अर्जुन, मालती, अनीता का मुरादाबाद में उपचार चल रहा है।