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आंधी से गांव में धधकी आग, चालीस घर जले, लाखों का नुकसान
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Mon, 14 May 2018 12:57 AM IST
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बबराला के चाऊपुर डांडा की मड़ैया में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार की शाम को आई आंधी के दौरान रजपुरा थाना क्षेत्र के चाऊपुर डांडा की मड़ैया गांव में घूरे (कूड़े के ढेर) में सुलग रही आग धधक उठी, जिसने पूरे गांव को ही जलाकर राख कर दिया। अधिकांश घर छप्पर व कच्चे बने हुए हैं। करीब चालीस घर जल गए हैं, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ है।
पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। करीब सवा दो घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें जुटी हैं।
रजपुरा थाने के एक हजार की आबादी वाले चाऊपुर डांडा की मड़ैया गांव के किनारे दोपहर बाद से ही घूर में आग सुलग रही थी। शाम को करीब छह बजे आंधी आ गई। बताते है कि साढ़े छह बजे के करीब घूर में सुलग रही आग से चिंगारियां निकलने लगी, फिर लपटों में बदल गई। लपटों ने सबसे पहले राकेश के घर को अपना निशाना बनाया।
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घास फूस से बना घर जल उठा। उसके बाद तेज आंधी के बीच एक के बाद घर को आग अपनी चपेट में लेती रही। सूचना मिलने पर दमकल मौके पर पहुंची। ग्रामीण भी अपने संसाधनों से आग बुझाने में जुटे लेकिन सफलता नहीं मिली। एसडीएम दीपेंद्र यादव व सीओ अकील अहमद, थानाध्यक्ष रजपुरा राज कुमार सिंह आदि भी पहुंचे।
दमकल व ग्रामीणों ने करीब सवा दो घंटे में यानी रात्रि करीब नौ बजे आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक खान सहाय पुत्र कृपाल सिंह, व उसके दो पुत्र रामौतार व मुनेश, प्रेम सिंह पुत्र हरि सिंह, रामौतार पुत्र खान सहाय, कृपाल सिंह पुत्र प्यारे, प्यारे के चार पुत्र सरदार सिंह, अतराम, महेंद्र सिंह, राकेश, डंबर सिंह के पांच पुत्रों सुक्खी सिंह, श्योराज सिंह, हेतराम सिंह, वनवारी लाल, राजेंद्र सिंह, रामगोपाल के तीन पुत्र डोरी सिंह, रामवीर सिंह, बदन सिंह, लोकेश कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह, राम पुत्र राम हरि, हरी सिंह पुत्र लाल सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र होती लाल, लीलाधर पुत्र राधे श्याम, पप्पू पुत्र भोजराज, सुंदर सिंह पुत्र रामस्वरूप, रामवीर सिंह पुत्र राम बहादुर, राम बहादुर का बेटा सतराम, अमर पाल पुत्र राम कुंवर, वनवारी पुत्र छोटे, उसके भाई मिहि लाल, चरन सिंह, सत्यपाल पुत्र प्रकाश, तोताराम पुत्र सोनी, टीकाराम, उसका भाई भगवंत, कुंदन पुत्रगण मोहन, चुन्नी पुत्र कृपाल, पुष्पेंद्र पुत्र बाबूराम, उसका भाई भूरे, मुकेश पुत्र नारायण, उसका भाई हुकुम सिंह व प्रेमपाल आदि करीब चालीस घर जलकर राख हो गए हैं। इसनें चारपाई, कपड़े, अनाज, नगदी, जेवर आदि सभी कुछ जल गया। ब्रजमोहन पुत्र राम हरि के तीन पशु, एक बाइक, एक इंजन, मोहर सिंह पुत्र गोवर्धन के दो बड़े पशु व पांच छोटे पशु जलकर मर गए।
महेंद्र सिंह भी भारी नुकसान हुआ है। आग के बुझाने के प्रयास सफल होते नहीं दिखे तो ग्रामीण घरों को छोड़कर खुद को बचाने के लिए गांव से बाहर भाग गए। पशुओं की रस्सियां काटकर खोल दिया। जो सामान ले जा पाए, उसे हाथों में पकड़ लिया, अधिकांश सारा सामान जल गया।
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पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। करीब सवा दो घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। नुकसान का आंकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें जुटी हैं।
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रजपुरा थाने के एक हजार की आबादी वाले चाऊपुर डांडा की मड़ैया गांव के किनारे दोपहर बाद से ही घूर में आग सुलग रही थी। शाम को करीब छह बजे आंधी आ गई। बताते है कि साढ़े छह बजे के करीब घूर में सुलग रही आग से चिंगारियां निकलने लगी, फिर लपटों में बदल गई। लपटों ने सबसे पहले राकेश के घर को अपना निशाना बनाया।
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घास फूस से बना घर जल उठा। उसके बाद तेज आंधी के बीच एक के बाद घर को आग अपनी चपेट में लेती रही। सूचना मिलने पर दमकल मौके पर पहुंची। ग्रामीण भी अपने संसाधनों से आग बुझाने में जुटे लेकिन सफलता नहीं मिली। एसडीएम दीपेंद्र यादव व सीओ अकील अहमद, थानाध्यक्ष रजपुरा राज कुमार सिंह आदि भी पहुंचे।
दमकल व ग्रामीणों ने करीब सवा दो घंटे में यानी रात्रि करीब नौ बजे आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक खान सहाय पुत्र कृपाल सिंह, व उसके दो पुत्र रामौतार व मुनेश, प्रेम सिंह पुत्र हरि सिंह, रामौतार पुत्र खान सहाय, कृपाल सिंह पुत्र प्यारे, प्यारे के चार पुत्र सरदार सिंह, अतराम, महेंद्र सिंह, राकेश, डंबर सिंह के पांच पुत्रों सुक्खी सिंह, श्योराज सिंह, हेतराम सिंह, वनवारी लाल, राजेंद्र सिंह, रामगोपाल के तीन पुत्र डोरी सिंह, रामवीर सिंह, बदन सिंह, लोकेश कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह, राम पुत्र राम हरि, हरी सिंह पुत्र लाल सिंह, राजेंद्र सिंह पुत्र होती लाल, लीलाधर पुत्र राधे श्याम, पप्पू पुत्र भोजराज, सुंदर सिंह पुत्र रामस्वरूप, रामवीर सिंह पुत्र राम बहादुर, राम बहादुर का बेटा सतराम, अमर पाल पुत्र राम कुंवर, वनवारी पुत्र छोटे, उसके भाई मिहि लाल, चरन सिंह, सत्यपाल पुत्र प्रकाश, तोताराम पुत्र सोनी, टीकाराम, उसका भाई भगवंत, कुंदन पुत्रगण मोहन, चुन्नी पुत्र कृपाल, पुष्पेंद्र पुत्र बाबूराम, उसका भाई भूरे, मुकेश पुत्र नारायण, उसका भाई हुकुम सिंह व प्रेमपाल आदि करीब चालीस घर जलकर राख हो गए हैं। इसनें चारपाई, कपड़े, अनाज, नगदी, जेवर आदि सभी कुछ जल गया। ब्रजमोहन पुत्र राम हरि के तीन पशु, एक बाइक, एक इंजन, मोहर सिंह पुत्र गोवर्धन के दो बड़े पशु व पांच छोटे पशु जलकर मर गए।
महेंद्र सिंह भी भारी नुकसान हुआ है। आग के बुझाने के प्रयास सफल होते नहीं दिखे तो ग्रामीण घरों को छोड़कर खुद को बचाने के लिए गांव से बाहर भाग गए। पशुओं की रस्सियां काटकर खोल दिया। जो सामान ले जा पाए, उसे हाथों में पकड़ लिया, अधिकांश सारा सामान जल गया।