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देवी मंदिरों में की मां दुर्गा के सातवें स्वरुप कालरात्रि की पूजा
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चंदौसी। शहर के देवी मंदिरों में श्रद्घालुुओं ने मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की विशेष पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में जाकर देवी भक्तों ने मां के सम्मुख मत्था टेका और अपने व्रत जारी रखे। शाम को मंदिरों में महाआरती में भाग लेकर महामाई का गुणगान किया।
चैत्र नवरात्र के सातवें दिन देवी भक्तों ने पहले में घर में देवी मां की पूजा अर्चना विधिवत रुप से की। इसके बाद देवी मंदिरों में जाकर पूजन किया। मंदिर में पूजा अर्चना के लिए श्रद्घालुओं को सुबह छह बजे से ही पहुंचना शुरु हो गया। जहां लंबी लाइन में लगकर काफी इंतजार के बाद मां दुर्गा की पूजा की।
सुबह से दोपहर 12 बजे तक पूजन का क्रम जारी रहा। मान्यता अनुसार मां कालरात्रि का यह स्वरूप अनंत और व्यापक है। देवी के तीन स्वरूप सृष्टि, संयोजन और संचालन काली जी की कृपा का फल है।
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इन्हें मां काली भी कहा जाता है। इनकी पूजा में सब कुछ सिद्घ होता है। इस रात अखंड ज्योति जलाकर काले तिलों से पूजन करने जप तप करने से मां काली प्रसन्न होती है। रात्रि में यज्ञ करने से सारे मनोरथ पूरे होते हैं। इसीलिए देवी भक्तो ने मंदिर में पूजा अर्चना के बाद घरों में भजन कीर्तन कर महामाई का गुणगान किया। शाम का मंदिर में महाआरती में प्रसाद ग्रहण कर पूजा अर्चना की। देहात क्षेत्र के देवी मंदिरों में पूजन के लिए लोगों की खासी भीड़ लगी रही।
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चैत्र नवरात्र के सातवें दिन देवी भक्तों ने पहले में घर में देवी मां की पूजा अर्चना विधिवत रुप से की। इसके बाद देवी मंदिरों में जाकर पूजन किया। मंदिर में पूजा अर्चना के लिए श्रद्घालुओं को सुबह छह बजे से ही पहुंचना शुरु हो गया। जहां लंबी लाइन में लगकर काफी इंतजार के बाद मां दुर्गा की पूजा की।
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सुबह से दोपहर 12 बजे तक पूजन का क्रम जारी रहा। मान्यता अनुसार मां कालरात्रि का यह स्वरूप अनंत और व्यापक है। देवी के तीन स्वरूप सृष्टि, संयोजन और संचालन काली जी की कृपा का फल है।
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इन्हें मां काली भी कहा जाता है। इनकी पूजा में सब कुछ सिद्घ होता है। इस रात अखंड ज्योति जलाकर काले तिलों से पूजन करने जप तप करने से मां काली प्रसन्न होती है। रात्रि में यज्ञ करने से सारे मनोरथ पूरे होते हैं। इसीलिए देवी भक्तो ने मंदिर में पूजा अर्चना के बाद घरों में भजन कीर्तन कर महामाई का गुणगान किया। शाम का मंदिर में महाआरती में प्रसाद ग्रहण कर पूजा अर्चना की। देहात क्षेत्र के देवी मंदिरों में पूजन के लिए लोगों की खासी भीड़ लगी रही।