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जोनल-सेक्टर मजिस्ट्रेटों को सिखाई चुनावी बारीकियां
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चंदौसी। लोकसभा चुनाव को लेकर शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार बहजोई में जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट को चुनावी नियमों को जानकारी देते हुए इवीएम व वीवीपैट का प्रशिक्षण भी दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट्स को निर्देश दिए कि पोलिंग बूथों पर जाकर निरीक्षण कर लें कि वहां जाने का रास्ता, पोलिंग बूथ का हैंडपंप, फर्नीचर, विद्युत कनेक्शन आदि का रखरखाव ठीक है या नहीं। चुनाव की सारी प्रक्रिया की जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट को अच्छी तरह और बारीकी से जानकारी होनी चाहिए। यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय कार्यों के साथ साथ निर्वाचन कार्य को प्राथमिकता दी जानी है। प्रभारी अधिकारी (कार्मिक)/सीडीओ उमेश कुमार त्यागी नेे कहा कि चुनाव के दौरान एक छोटी सी गलती या चूक, विधि या नियमों के गलत प्रयोग या मशीन के विभिन्न कार्यों का अपर्याप्त ज्ञान आपके मतदान केंद्र पर होने वाले मतदान को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सभी जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट बेहद संजीदगी के साथ प्रशिक्षण लें।
114 से अधिक सेक्टर मजिस्ट्रेट, 16 आरक्षित है, जोनल मजिस्ट्रेट 14 हैं, पांच आरक्षित हैं। ट्रेनर्स द्वारा बताया गया कि मतपत्र इकाईयों और ड्राप बाक्स सहित प्रिंटर को उनके नियत मतदान कोष्ठों में ही रखें। एक मत पत्र में अधिकतम 16 बटन होते है। अंतिम पैनल नोटा के लिए होता है। मतदान शुरू होने के नियत समय से पूर्व उपस्थित अभिकर्ताओं के सामने मतदान मशीन का प्रदर्शन करें।
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प्रत्येक प्रत्याशी के सामने नीला बटन होता है। किसी भी बटन को दबाकर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक बटन के साथ एक लैंप होता है। मत रिकार्ड होने के बाद लैंप लाल रंग का हो जाता है साथ ही एक बीप की आवाज सुनाई देती है। इसमें सीडीओ उमेश कुमार त्यागी, एडीएम लवकुश कुमार त्रिपाठी, डीपीआरओ जाहिद हुसैन, सभी जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।
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विभागीय कार्यों के साथ साथ निर्वाचन कार्य को प्राथमिकता दी जानी है। प्रभारी अधिकारी (कार्मिक)/सीडीओ उमेश कुमार त्यागी नेे कहा कि चुनाव के दौरान एक छोटी सी गलती या चूक, विधि या नियमों के गलत प्रयोग या मशीन के विभिन्न कार्यों का अपर्याप्त ज्ञान आपके मतदान केंद्र पर होने वाले मतदान को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सभी जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट बेहद संजीदगी के साथ प्रशिक्षण लें।
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114 से अधिक सेक्टर मजिस्ट्रेट, 16 आरक्षित है, जोनल मजिस्ट्रेट 14 हैं, पांच आरक्षित हैं। ट्रेनर्स द्वारा बताया गया कि मतपत्र इकाईयों और ड्राप बाक्स सहित प्रिंटर को उनके नियत मतदान कोष्ठों में ही रखें। एक मत पत्र में अधिकतम 16 बटन होते है। अंतिम पैनल नोटा के लिए होता है। मतदान शुरू होने के नियत समय से पूर्व उपस्थित अभिकर्ताओं के सामने मतदान मशीन का प्रदर्शन करें।
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प्रत्येक प्रत्याशी के सामने नीला बटन होता है। किसी भी बटन को दबाकर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक बटन के साथ एक लैंप होता है। मत रिकार्ड होने के बाद लैंप लाल रंग का हो जाता है साथ ही एक बीप की आवाज सुनाई देती है। इसमें सीडीओ उमेश कुमार त्यागी, एडीएम लवकुश कुमार त्रिपाठी, डीपीआरओ जाहिद हुसैन, सभी जोनल मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।