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अधूरेपन और अभाव के बीच गुजर गया वर्ष-2018

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 31 Dec 2018 01:31 AM IST
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अधूरेपन और अभाव के बीच गुजर गया वर्ष-2018
चंदौसी। वर्ष-2018 बीत गया लेकिन चंदौसी में बेहतर यातायात का सपना फिर भी अधूरा रह गया। जाम की समस्या सीधे तौर पर यहां के 36बी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण से जुड़ा हुआ है। हालांकि ओवरब्रिज निर्माण का ऐलान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ी सभा में किया था। जिससे चंदौसी के नागरिकों को यह उम्मीद बंधी थी लेकिन वर्ष बीतने के साथ ही यह उम्मीद भी जाती रही।
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हालांकि सांसद ने इसके निर्माण की उम्मीद नए साल में जरूर बंधाई है। शहर का रेलवे फाटक 36 बी आगरा-मुरादाबाद हाईवे पर है। जिससे मुरादाबाद, बदायूं, अलीगढ़, दिल्ली आदि के भारी वाहन भी गुजरते हैं। इस पर मुरादाबाद और अलीगढ़ जाने वाले रेलवे ट्रैक की गाड़ियां भी गुजरती है, जिस कारण अक्सर फाटक बंद रहता है। यही कारण है कि यहां दिनभर लंबा जाम लगा रहता है।
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जाम से बचने के लिए लोग शहर से होकर गुजरने का प्रयास करते हैं, जिससे बहजोई-मुरादाबाद मार्ग के साथ-साथ पूरे शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। हालांकि विधान सभा चुनाव से पूर्व यहां सभा को संबोधित करने पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बाईपास के साथ-साथ 36बी रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज निर्माण का भी ऐलान किया था लेकिन बाईपास निर्माण तो हो गया।
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लेकिन ओवरब्रिज निर्माण की शुरुआत तक नहीं हो सकी। पिछले दिनों सांसद सत्यपाल सैनी ने फिर नेशनल हाईवे अथारिटी को लिखा तो पता चला कि ओवरब्रिज की योजना को अभी धनावंटन नहीं हो सका है। स्वीकृति के लिए विभागीय कार्यालयों में अटकी हुई है। लेकिन भारी वाहनों का शहर से गुजरने से निजात मिलने की उम्मीद जरूर बंधी है। क्योंकि बाईपास का निर्माण चल रहा है, जो लगभग पूरा होने की स्थिति में हैं, जिसे इसी वित्तीय वर्ष यानी नव वर्ष में मार्च से पहले ही शुरू किया जा सकता है।

शहर की सुंदरता पर बदनुमा दाग लगा रहा ट्रंचिंग ग्राउंड का अभाव
चंदौसी। साफ सफाई के लिए जाने जाने वाले चंदौसी शहर की नगर पालिका परिषद आजादी से आज तक एक अदद ट्रंचिंग ग्राउंड तलाश नहीं पाई है। यही कारण है कि लाख कोशिशों के बावजूद शहर के सभी किनारे बदबूदार बने हुए हैं। यहां रोजाना 62.50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कूड़ों को सड़कों के किनारे गड्ढों में फेंका जाता है। वर्ष-2018 बीत चुका है, लेकिन कई बार बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बावजूद पालिका ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं तलाश पाई है।
कई बार बोर्ड की बैठकों में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन खरीदने का भी प्रस्ताव पारित किया गया लेकिन नगर पालिका परिषद अभी तक एक अदद ट्रंचिंग ग्राउंड तलाश नहीं कर सकी है। चेयरमैन इंदूरानी का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए एक स्थान को देखा गया है, शीघ्र ही औपचारिकताएं पूरी कर आगामी दो महीने में ट्रचिंग ग्राउंड की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी। इस लिए नए साल में शहर को ट्रचिंग ग्राउंड मिलने की उम्मीद है।

नियति बन चुकी है हर बरसात में सड़कों का तालाब बनना
चंदौसी। जब भी बरसात होती है, तो हर साल शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जब सड़कें उभनती है तो नगर पालिका और प्रशासन जागता है लेकिन बरसात निकलने के बाद फिर भूल जाता है, यही क्रम बीते कई सालों से चल रहा है लेकिन जलभराव रोकने के लिए कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए जा सके हैं।

बरसात के दिनों में शहर का स्टेशन रोड, फव्वारा चौक, सनातन धर्म पंजाबी मंदिर मार्ग, सुभाष रोड सहित कई मार्गों में जलभराव हो जाता है। बरसात होने पर कई घंटे तक तीन से चार फीट तक पानी सड़कों पर भरा रहता है, जिसके कारण यह मार्ग जाम हो जाते हैं। इन सड़कों के किनारे की सैकड़ों दुकानों में पानी भर जाता है, जलभराव के कारण इन दुकानों को बंद ही करना पड़ता है। जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान होता है। सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। इसका मुख्य कारण है शहर के कई प्रमुख नालों पर पक्का अतिक्रमण होना। इससे नाले बंद हो चुके हैं और पानी की निकाषी नहीं हो पाती।
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