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Sambhal News: पराली जलाने पर दो माह में 67 लोगों पर 2.71 लाख रुपये का जुर्माना
Thu, 21 Nov 2024 02:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 21 Nov 2024 02:51 AM IST
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चंदौसी (संभल)। जिले में पराली जलाने वालों पर कार्रवाई लगातार जारी है। पिछले दो माह में सेटेलाइट के अलावा स्थानीय टीमों के माध्यम जनपद में 70 घटनाएं पराली जलाने की सामने आई हैं। साक्ष्य मिलने पर कृषि विभाग ने दा लाख 71500 रुपये जुर्माने की वसूली की है।
उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण फसलों के अवशेष जलाने से रोकने के लिए बेहद सख्त है। जुर्माने से लेकर एफआईआर कराने के निर्देश हैं। सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर सत्यापन कर पराली जलाने वालों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं जिला स्तर से भी राजस्व और कृषि विभाग की टीम लगाई गई हैं। पुलिस टीम के साथ पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि बीते दो महीने में कृषि विभाग को सेटेलाइट के माध्यम से कुल 88 जगह पराली और फसल के अवशेष जलाने की सूचना मिली थी। सेटेलाइट के जरिए मिले इनपुट के आधार पर कृषि व राजस्व विभाग की टीमों ने मौके का स्थलीय सत्यापन किया। जिसमें 48 घटनाओं की पुष्टि की गई। जिन पर 1.40 लाख रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई, जबकि 38 घटनाओं की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके अलावा तहसील और जनपद स्तरीय टीम ने भी अपने स्तर से 23 घटनाओं पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया।
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पराली और अवशेष जलाने के नुकसान
पराली और फसलों के अवशेष जलाने से यहां एक ओर पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। वहीं फसल के अवशेषों में जड़, तना, पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा मित्र कीट नष्ट होते हैं।
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पराली को जलाएं नहीं, खाद के रूप में करें उपयोग
पराली जलाने के बजाय खेत में सड़ाकर उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा उसे डी कंपोस्ट भी किया जा सकता है। राजकीय बीज गोदामों से डी कंपोजर निशुल्क मिलती है। इसका घोल एक किलो गुड़ और एक किलो चले का बेसन में मिलाकर उसको 24 घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद इस घोल को पराली के ऊपर छिड़काव करें। कुछ ही समय में पराली नष्ट हो जाएगी।
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सेटेलाइट से मिली इनपुर पर कार्रवाई
तहसील केस जुर्माना
संभल 42 122500
चंदौसी 05 17500
गुन्नौर 00 00
नोट- 38 घटनाओं में पुष्टि नहीं हुई, एक घटना बदायूं जनपद से मिली
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जनपद व तहसील स्तरीय कार्रवाई
तहसील केस जुर्माना
संभल 09 37500
चंदौसी 13 40000
गुन्नौर 01 2500
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अब 30 हजार तक लगेगा जुर्माना
पराली जलाने का जुर्माना बढ़ा दिया गया है। दो एकड़ से कम वाले किसानों पर 2500 के सापेक्ष 5000, दो एकड़ से पांच एकड़ क्षेत्र के लिए 5000 हजार से बढ़ाकर 10 हजार, पांच एकड़ से अधिक वाले किसानों को 15 हजार के सापेक्ष 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है।
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वर्जन
किसानों को पराली खेतों में न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। अब शासन ने जुर्माने की राशि भी दोगुनी कर दी है। सेटेलाइट से लगातार नजर रखी जा रही है। -अरुण कुमार त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक
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उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण फसलों के अवशेष जलाने से रोकने के लिए बेहद सख्त है। जुर्माने से लेकर एफआईआर कराने के निर्देश हैं। सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। रिपोर्ट मिलने पर सत्यापन कर पराली जलाने वालों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जा रहा है। वहीं जिला स्तर से भी राजस्व और कृषि विभाग की टीम लगाई गई हैं। पुलिस टीम के साथ पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि बीते दो महीने में कृषि विभाग को सेटेलाइट के माध्यम से कुल 88 जगह पराली और फसल के अवशेष जलाने की सूचना मिली थी। सेटेलाइट के जरिए मिले इनपुट के आधार पर कृषि व राजस्व विभाग की टीमों ने मौके का स्थलीय सत्यापन किया। जिसमें 48 घटनाओं की पुष्टि की गई। जिन पर 1.40 लाख रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई, जबकि 38 घटनाओं की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके अलावा तहसील और जनपद स्तरीय टीम ने भी अपने स्तर से 23 घटनाओं पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया।
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पराली और अवशेष जलाने के नुकसान
पराली और फसलों के अवशेष जलाने से यहां एक ओर पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। वहीं फसल के अवशेषों में जड़, तना, पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक दशा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा मित्र कीट नष्ट होते हैं।
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पराली को जलाएं नहीं, खाद के रूप में करें उपयोग
पराली जलाने के बजाय खेत में सड़ाकर उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा उसे डी कंपोस्ट भी किया जा सकता है। राजकीय बीज गोदामों से डी कंपोजर निशुल्क मिलती है। इसका घोल एक किलो गुड़ और एक किलो चले का बेसन में मिलाकर उसको 24 घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद इस घोल को पराली के ऊपर छिड़काव करें। कुछ ही समय में पराली नष्ट हो जाएगी।
सेटेलाइट से मिली इनपुर पर कार्रवाई
तहसील केस जुर्माना
संभल 42 122500
चंदौसी 05 17500
गुन्नौर 00 00
नोट- 38 घटनाओं में पुष्टि नहीं हुई, एक घटना बदायूं जनपद से मिली
जनपद व तहसील स्तरीय कार्रवाई
तहसील केस जुर्माना
संभल 09 37500
चंदौसी 13 40000
गुन्नौर 01 2500
अब 30 हजार तक लगेगा जुर्माना
पराली जलाने का जुर्माना बढ़ा दिया गया है। दो एकड़ से कम वाले किसानों पर 2500 के सापेक्ष 5000, दो एकड़ से पांच एकड़ क्षेत्र के लिए 5000 हजार से बढ़ाकर 10 हजार, पांच एकड़ से अधिक वाले किसानों को 15 हजार के सापेक्ष 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा रहा है।
वर्जन
किसानों को पराली खेतों में न जलाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। अब शासन ने जुर्माने की राशि भी दोगुनी कर दी है। सेटेलाइट से लगातार नजर रखी जा रही है। -अरुण कुमार त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक