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तीन सालों में 4281 को मिला सपनों का घर, 955 की उम्मीद अभी बाकी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 28 Dec 2018 01:51 AM IST
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तीन सालों में 4281 को मिला सपनों का घर, 955 की उम्मीद अभी बाकी
चंदौसी। वर्ष-2018 विदा लेने को है, नव नूतन वर्ष-2019 आने को है। चालू वर्ष में 149 समेत बीते तीन सालों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 4281 परिवारों को बेहतर आवास मिल गया है। जिससे उनकी जिंदगी अब पटरी पर लौट आई है। लेकिन इसे विभागीय लापरवाही कहें या फिर लाभार्थियों की उदासीनता कि 955 परिवार ऐसे भी हैं, जिनके आवास इस साल में पूर्ण नहीं हो सके हैं। नए वर्ष के आगामी दो महीने में इन परिवारों को भी शानदार घरौंदा मिलने की पूरी उम्मीद है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष-2016-17, 2017-18 व 2018-19 के तहत कुल 5236 प्रधानमंत्री आवास लोगों को दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें बनियाखेड़ा ब्लाक को सर्वाधिक 1100 आवास देने का लक्ष्य था। जिसमें अब तक सिर्फ 908 आवास ही पूर्ण हो सके हैं। विकास खंड असमोली के 536 आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष 489 आवास, बहजोई में 863 में 620, आंशिक बिलारी में 486 के सापेक्ष 385, गुन्नौर में 337 के सापेक्ष 238, जुनावई में 290 के सापेक्ष 187, पंवासा में 650 के स्थान पर 575, रजपुरा ब्लाक में 340 के सापेक्ष 268 व संभल विकास क्षेत्र में 634 आवासों के सापेक्ष 611 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो सके हैं। इसमें असमोली में 47, बहजोई में 243, बनियाखेड़ा में 192, बिलारी आंशिक में 101, गुन्नौर में 99, पंवासा में 75, रजपुरा में 72 व संभल में 23 आवास यानी जिले भर में 955 आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं। इसमें कई आवास के लाभार्थियों को दूसरी व तीसरी किश्त ही नहीं मिल सकी है, जिसके कारण लाभार्थियों के आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं।
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वर्ष-2018-19 की जाए तो जिले भर को कुल 838 प्रधानमंत्री आवासों का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें लक्ष्य के सापेक्ष 149 आवास ही पूर्ण हो सके हैं। इस वर्ष सर्वाधिक लापरवाही बरती गई है, क्योंकि पूरे साल भर में सिर्फ 149 आवास पूर्ण हो सके और 689 आवास अपूर्ण हैं। इसमें पहली किश्त 820 को, दूसरी किश्त 775 को और तीसरी किश्त 616 लाभार्थियों को ही मिल पाई है। शेष लाभार्थियों को एक भी किश्त नहीं मिली है। जबकि लाभार्थी लगातार ब्लाक कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। लेकिन अधिकारी सिर्फ बैठक कर समीक्षा करने तक ही सीमित रहे। परिणाम यह रहा कि पूरा साल बीत गया और लाभार्थी परिवारों को छत नसीब नहीं हो सका।
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प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य देख रहे परियोजना निदेशक हरेंद्र कुमार के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवासों को पूर्ण कराने के प्रति लगातार कार्य चल रहा है, आने वाले दो महीनों के अंदर सभी आवासों को पूर्ण करा दिया जाएगा।
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