विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को लेकर जिले में डेंगू-मलेरिया से प्रभावित 38 गांव व निकायों के 28 वार्ड को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अभियान को सफल बनाने, डेंगू-मेलरिया की रोकथाम की जिम्मेदारी पंचायत राज विभाग को सौंपी गई है। एक माह तक नियमित रूप से साफ-सफाई, एंटी-लार्वा, फांगिंग अभियान चलाया जाएगा।
जिले में वर्ष 2021 में बारिश के बाद कई गांव में डेंगू व मलेरिया ने पैर पसारे थे। जिले के आठ निकायों के कई वार्ड भी प्रभावित हुए थे। इस बार इन क्षेत्रों को अति संवेदनसील क्षेत्रों में शामिल किया गया है। एक अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। ताकि मलेरिया और डेंगू पर नियंत्रण रखा जा सके। अभियान की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी गई है। सभी गांवों में निगरानी समिति इसकी देखरेख करेंगी। ग्राम प्रधान को नियमित रूप से व्यापक स्तर पर साफ सफाई, झाड़ियों की कटाई, प्रभात फेरियां, गांव के तालाबों की सफाई, नाले, नालियों और जलभराव वाले स्थान पर जलभराव की स्थिति को समाप्त कराया जाएगा।
एक अक्तूबर से चल रहे विशेष संचारी रोग अभियान में अति संवेदनशील क्षेत्र को शामिल किया गया है। यहां पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी दी गई है।
जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, संभल