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भाकियू और विद्युत विभाग में ठनी, तोड़फोड़, डिवीजन की सभी ग्रामों की बिजली ठप
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चंदौसी। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार के आरोपी लिपिक के निलंबन और किसानों की मांग पूरी नहीं होने पर शुक्रवार को फिर भड़क गए। किसानों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। वहीं बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी मोर्चा खोल दिया। कर्मचारी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले फील्ड में एकत्र हुए। भाकियू कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सभी कार्यालयों की तालेबंदी करते हुए चंदौसी डिवीजन के सभी गांवों की बिजली ठप कर दी, जिससे करीब सात सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। कर्मचारी भाकियू के खिलाफ धरने पर बैठ गए। वहीं भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली घर के रास्ते पर बेमियादी धरना शुरू करते हुए शनिवार को यहीं महापंचायत बुलाकर उग्र आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया।
भाकियू (टिकैत) के प्रदेश महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने धरना देकर रोड जाम किया था। एसडीएम और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान किसानों की कई मांगों को गुरुवार की सुबह दस बजे तक पूरा करने का भरोसा दिया था। जिसमें एक मांग सामान्य योजना के ट्यूबवेल कनेक्शन कर धांधली करने वाले एक लिपिक के निलंबन की भी थी। लेकिन विद्युत विभाग ने गुरुवार को लिपिक को निलंबित करने की बजाय उसका तबादला बबराला कर दिया और जांच शुरू करा दी।
वादा खिलाफी पर शुक्रवार को भाकियू कार्यकर्ता भड़क गए। बिजेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में कार्यकर्ता अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंचे तो बिना कोई आश्वासन दिए अधिकारी कार्यालयों से चले गए। कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इधर, विद्युत विभाग के कर्मचारी भी अपने लिपिक के समर्थन में उतर आए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले धरना शुरू कर दिया।
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भाकियू कार्यकर्ताओं पर कार्यालय पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सभी कार्यालय में तालेबंदी कर कार्य ठप कर दिया। इतना ही नहीं चंदौसी डिवीजन के सभी बिजली घरों से जुड़े करीब सात सौ गांवों की बिजली ठप कर दी, जो शाम तक ठप रही। विद्युत कर्मियों में बिजेंद्र सिंह राघव, अमित राघव, राम कुंवर, संजीव कुमार, वीरेंद्र शर्मा, तेजपाल सिंह, मोहित शर्मा, हरिओम आदि कई कर्मचारी शामिल रहे।
कर्मचारियों का आरोप हैकि भाकियू नेता गाड़ियों में तेल आदि के लिए रुपये बांधना चाहते हैं। जिसे मना करने पर आंदोलन कर रहे हैं। दोनों पक्षों में भारी तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसडीएम महेश दीक्षित मौके पर पहुंचे। दोनो पक्षों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई भी पक्ष नहीं माना तो वह चले गए। वहीं भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली घर के मुख्य रास्ते पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
अधीक्षण अभियंता वीके पांडेय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शनिवार को महापंचायत बुलाई गई है। जिसमें बड़े और उग्र आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, मंडल महासचिव रामवीर सिंह यादव, सत्यवीर सिंह, महावीर सिंह, संजीव, अमर सिंह, सतीश शर्मा, दुर्गपाल, अलबेले, राम निवास, चंद्रपाल यादव, छवि किशन आदि शामिल है।
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-भाकियू कार्यकर्ता मनमानी चाहते हैं। विद्युत विभाग के कर्मचारी भी आंदोलन करने पर उतर आए हैं। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। जब भाकियू कार्यकर्ता हंगामा करने लगे तो वह कार्यालय से चले आए। बाद में क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
-डीसी शर्मा, अधिशासी अभियंता चंदौसी।
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-किसी को ऐसे ही निलंबित नहीं किया जा सकता है। उसकी एक प्रक्रिया होती है। लिपिक का तबादला कर जांच शुरू करा दी गई है। जांच में जिसमें दोषी पाए जाने पर निलंबित किया जाएगा। लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। -वीके पांडेय, अधीक्षण अभियंता, संभल।
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भाकियू (टिकैत) के प्रदेश महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने धरना देकर रोड जाम किया था। एसडीएम और अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान किसानों की कई मांगों को गुरुवार की सुबह दस बजे तक पूरा करने का भरोसा दिया था। जिसमें एक मांग सामान्य योजना के ट्यूबवेल कनेक्शन कर धांधली करने वाले एक लिपिक के निलंबन की भी थी। लेकिन विद्युत विभाग ने गुरुवार को लिपिक को निलंबित करने की बजाय उसका तबादला बबराला कर दिया और जांच शुरू करा दी।
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वादा खिलाफी पर शुक्रवार को भाकियू कार्यकर्ता भड़क गए। बिजेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में कार्यकर्ता अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पहुंचे तो बिना कोई आश्वासन दिए अधिकारी कार्यालयों से चले गए। कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इधर, विद्युत विभाग के कर्मचारी भी अपने लिपिक के समर्थन में उतर आए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा समिति के बैनर तले धरना शुरू कर दिया।
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भाकियू कार्यकर्ताओं पर कार्यालय पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सभी कार्यालय में तालेबंदी कर कार्य ठप कर दिया। इतना ही नहीं चंदौसी डिवीजन के सभी बिजली घरों से जुड़े करीब सात सौ गांवों की बिजली ठप कर दी, जो शाम तक ठप रही। विद्युत कर्मियों में बिजेंद्र सिंह राघव, अमित राघव, राम कुंवर, संजीव कुमार, वीरेंद्र शर्मा, तेजपाल सिंह, मोहित शर्मा, हरिओम आदि कई कर्मचारी शामिल रहे।
कर्मचारियों का आरोप हैकि भाकियू नेता गाड़ियों में तेल आदि के लिए रुपये बांधना चाहते हैं। जिसे मना करने पर आंदोलन कर रहे हैं। दोनों पक्षों में भारी तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसडीएम महेश दीक्षित मौके पर पहुंचे। दोनो पक्षों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई भी पक्ष नहीं माना तो वह चले गए। वहीं भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली घर के मुख्य रास्ते पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
अधीक्षण अभियंता वीके पांडेय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि शनिवार को महापंचायत बुलाई गई है। जिसमें बड़े और उग्र आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, मंडल महासचिव रामवीर सिंह यादव, सत्यवीर सिंह, महावीर सिंह, संजीव, अमर सिंह, सतीश शर्मा, दुर्गपाल, अलबेले, राम निवास, चंद्रपाल यादव, छवि किशन आदि शामिल है।
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-भाकियू कार्यकर्ता मनमानी चाहते हैं। विद्युत विभाग के कर्मचारी भी आंदोलन करने पर उतर आए हैं। दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। जब भाकियू कार्यकर्ता हंगामा करने लगे तो वह कार्यालय से चले आए। बाद में क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
-डीसी शर्मा, अधिशासी अभियंता चंदौसी।
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-किसी को ऐसे ही निलंबित नहीं किया जा सकता है। उसकी एक प्रक्रिया होती है। लिपिक का तबादला कर जांच शुरू करा दी गई है। जांच में जिसमें दोषी पाए जाने पर निलंबित किया जाएगा। लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। -वीके पांडेय, अधीक्षण अभियंता, संभल।