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Sambhal News: सत्यापन के फेर में अटके 216 आवेदन
Fri, 20 Oct 2023 01:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 20 Oct 2023 01:57 AM IST
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संभल। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बेटियों के हाथ पीले करने में अधिकारियों की सुस्ती रोड़ा बन रही है। ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ और शहरी क्षेत्र में 216 आवेदन सत्यापन के लिए अटके हैं। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताई है। बीडीओ और ईओ को आदेश दिए हैं कि सभी आवेदन तय समय में सत्यापित हो जाने चाहिए। लापरवाही पर कार्रवाई तय है।
एससी-एसटी, अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचलित है। जिसमें पात्र लाभार्थियों को 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए समाज कल्याण विभाग को 2250 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला है। भले ही योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर किए जा रहे हों, पर इसमें अधिकारियों की सुस्ती बदस्तूर जारी है। जरूरी अभिलेखों के विवरण सहित लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन कर रहा है पर फिर भी वह सत्यापन के फेर में फंसा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद मुश्ताक अहमद का कहना है कि अक्तूबर के अंतिम सप्ताह या फिर नवंबर के पहले सप्ताह में सामूहिक विवाह का आयोजन कराने की तैयारी है पर सत्यापन की वजह से देरी हो रही है। अब तक जिले में 264 आवेदन पोर्टल से प्राप्त हुए हैं, इनमें से 13 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जबकि बाकी के 251 आवेदन संबंधित बीडीओ और ईओ को अग्रसरित कर दिए हैं। इनमें से 18 आवेदन जांच के बाद मिले हैं। बाकी उन्हीं के स्तर पर लंबित हैं। इस वजह से विवाह समारोह आयोजित करने में देरी भी हो रही है।
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डीएम मनीष बंसल ने इसे गंभीरता से लिया है। ऐसे सभी आवेदनों का पत्र में जिक्र बीडीओ और ईओ को आदेश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि तय समय में सत्यापन पूरा करें। डीएम ने यह भी आदेश दिए हैं कि अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कराए जाएं। लापरवाही बिल्कुल न करें। इस योजना में लापरवाही किसी भी स्तर से होगी, तो कार्रवाई तय है।
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एससी-एसटी, अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचलित है। जिसमें पात्र लाभार्थियों को 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए समाज कल्याण विभाग को 2250 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला है। भले ही योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर किए जा रहे हों, पर इसमें अधिकारियों की सुस्ती बदस्तूर जारी है। जरूरी अभिलेखों के विवरण सहित लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन कर रहा है पर फिर भी वह सत्यापन के फेर में फंसा है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद मुश्ताक अहमद का कहना है कि अक्तूबर के अंतिम सप्ताह या फिर नवंबर के पहले सप्ताह में सामूहिक विवाह का आयोजन कराने की तैयारी है पर सत्यापन की वजह से देरी हो रही है। अब तक जिले में 264 आवेदन पोर्टल से प्राप्त हुए हैं, इनमें से 13 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। जबकि बाकी के 251 आवेदन संबंधित बीडीओ और ईओ को अग्रसरित कर दिए हैं। इनमें से 18 आवेदन जांच के बाद मिले हैं। बाकी उन्हीं के स्तर पर लंबित हैं। इस वजह से विवाह समारोह आयोजित करने में देरी भी हो रही है।
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डीएम मनीष बंसल ने इसे गंभीरता से लिया है। ऐसे सभी आवेदनों का पत्र में जिक्र बीडीओ और ईओ को आदेश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि तय समय में सत्यापन पूरा करें। डीएम ने यह भी आदेश दिए हैं कि अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कराए जाएं। लापरवाही बिल्कुल न करें। इस योजना में लापरवाही किसी भी स्तर से होगी, तो कार्रवाई तय है।