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पुरानी यादें, जब एक मंच से खड़े होकर मोदी और मुलायम ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित
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संभल। 1977 से अस्तित्व में आई संभल लोकसभा सीट दिग्गजों की पसंद रही है। इसलिए ही संभल में देश के शीर्ष नेता भी अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार कर चुके हैं। एक समय आया जब प्रशासन ने राजनेताओं के लिए पक्का मंच बनवा दिया था। चुनावी माहौल में दल और नेता बदलते रहे लेकिन मंच एक रहा है। इससे प्रशासन को व्यवस्थाएं बनाने में सहूलियत रही और वह लम्हा यादगार हो गया।
2004 के लोकसभा चुनाव में संभल के कुरूक्षेत्र मैदान में प्रशासन ने मंच पक्का बना दिया। सभी दलों के प्रत्याशियों के लिए आए स्टार प्रचारकों ने इस मंच को साझा किया। कुरूक्षेत्र मैदान पर बने इस मंच की किस्मत यह रही कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा प्रत्याशी ओमवीर खड़गवंशी की चुनावी सभा करने पहुंचे थे।
उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं के बीच अपनी खुलकर बात रखी थी और प्रत्याशी को समर्थन करने की अपील की थी। इसी मंच पर समाजवादी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव अपने भाई प्रो. रामगोपाल यादव के लिए प्रचार करने पहुंचे।
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इस चुनाव की खास बात यह थी कि मंच एक था लेकिन प्रचारक और समर्थक बदलते रहे। 2004 के इस चुनाव में सपा के प्रत्याशी प्रोफेसर रामगोपाल रहे थे। अन्य दलों के प्रत्याशियों के लिए भी आए प्रचारकों ने इसी मंच से चुनावी माहौल बनाने का प्रयास किया था। राजनीतिक जानकार उस समय को याद कर बताते हैं कि मंच भले एक था लेकिन विचार सभी के अलग-अलग थे।
संभल लोकसभा सीट रही खास
संभल। संभल लोकसभा सीट अस्तित्व में आने के बाद से ही खास रही है। इस सीट से पहली बार महिला प्रत्याशी बनने का काम जेडी से चुनाव लड़ी शांति देवी ने हासिल किया था। इसके बाद दो बार चुनाव मुलायम सिंह ने जीता है। बाहुबली डीपी यादव भी बसपा से चुनाव जीत चुके हैं। इसलिए इस सीट पर देश के बड़े-बड़े नेताओं ने प्रचारक किया है। खास बात इस सीट की यह रही है कि समाजवादी का गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद से भाजपा ने पहली बार 2014 में चुनाव जीता। जिसमें सांसद का खिताब सत्यपाल सैनी को मिला।
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2004 के लोकसभा चुनाव में संभल के कुरूक्षेत्र मैदान में प्रशासन ने मंच पक्का बना दिया। सभी दलों के प्रत्याशियों के लिए आए स्टार प्रचारकों ने इस मंच को साझा किया। कुरूक्षेत्र मैदान पर बने इस मंच की किस्मत यह रही कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा प्रत्याशी ओमवीर खड़गवंशी की चुनावी सभा करने पहुंचे थे।
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उन्होंने मंच से कार्यकर्ताओं के बीच अपनी खुलकर बात रखी थी और प्रत्याशी को समर्थन करने की अपील की थी। इसी मंच पर समाजवादी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव अपने भाई प्रो. रामगोपाल यादव के लिए प्रचार करने पहुंचे।
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इस चुनाव की खास बात यह थी कि मंच एक था लेकिन प्रचारक और समर्थक बदलते रहे। 2004 के इस चुनाव में सपा के प्रत्याशी प्रोफेसर रामगोपाल रहे थे। अन्य दलों के प्रत्याशियों के लिए भी आए प्रचारकों ने इसी मंच से चुनावी माहौल बनाने का प्रयास किया था। राजनीतिक जानकार उस समय को याद कर बताते हैं कि मंच भले एक था लेकिन विचार सभी के अलग-अलग थे।
संभल लोकसभा सीट रही खास
संभल। संभल लोकसभा सीट अस्तित्व में आने के बाद से ही खास रही है। इस सीट से पहली बार महिला प्रत्याशी बनने का काम जेडी से चुनाव लड़ी शांति देवी ने हासिल किया था। इसके बाद दो बार चुनाव मुलायम सिंह ने जीता है। बाहुबली डीपी यादव भी बसपा से चुनाव जीत चुके हैं। इसलिए इस सीट पर देश के बड़े-बड़े नेताओं ने प्रचारक किया है। खास बात इस सीट की यह रही है कि समाजवादी का गढ़ मानी जाती रही है। इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद से भाजपा ने पहली बार 2014 में चुनाव जीता। जिसमें सांसद का खिताब सत्यपाल सैनी को मिला।