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प्रशासन ने लोगों को लू से बचाने की कवायद शुरू की
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चंदौसी। इस समय लू के कारण लोग परेशान हैं। इससे बचाव के लिए प्रशासन ने भी कवायद शुरू कर दी है। उसने इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर कहा कि इस तरह की लोग की जानकारी दी जाए कि लू लगने पर क्या करें और न क्या न करें। साथ ही गांव के तालाबों में पानी भरवाने तथा हैंडपंपों आदि की जानकारी मांगी गई है।
इस समय लू का प्रकोप बना हुआ है। आलम यह है कि दोपहर में लू से बचने के लिए लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं। जो लोग नौकरी कर रहे हैं, वह भी दोपहर में कार्यालय में रहने का प्रयास करते हैं। बाजारों में सन्नाटा रहता है। लू अगर लग जाए तो व्यक्ति बीमार पड़ जाता है और जान भी जा सकती है। इसको लेकर प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई है और उसने लू से बचाव के लिए कवायद शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन से इसके लिए राज्य, जनपद, ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने तथा लू के समय क्या करें और क्या न करें संबंध में प्रचार कराए जाने तथा विभिन्न माध्यमों से चेतावनी जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जानकारी चाही कि लू से बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर क्या योजना तैयार की गई है। साथ ही अपने-अपने स्तर से कितने तालाबों में पानी भरवाया गया है अथवा नहीं।
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कितने हैंडपंपों को सही कराया गया है, कितने हैंडपंप खराब हैं। जिनको चिह्नित कराया गया है या नहीं। नगर निकायों की सीमा के अंतर्गत स्थित तालाबों व हैंडपंपों के बारे में भी इसी तरह की जानकारी मांगी गई है।
अपर जिलाधिकारी तहसीलदार व उपजिलाधिकारी से अपने-अपने विभाग का स्पष्ट प्लान तैयार कराकर जनपद मुख्यालय को अवगत कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इस समय लू का प्रकोप बना हुआ है। आलम यह है कि दोपहर में लू से बचने के लिए लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं। जो लोग नौकरी कर रहे हैं, वह भी दोपहर में कार्यालय में रहने का प्रयास करते हैं। बाजारों में सन्नाटा रहता है। लू अगर लग जाए तो व्यक्ति बीमार पड़ जाता है और जान भी जा सकती है। इसको लेकर प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई है और उसने लू से बचाव के लिए कवायद शुरू कर दी है।
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जिला प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन से इसके लिए राज्य, जनपद, ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने तथा लू के समय क्या करें और क्या न करें संबंध में प्रचार कराए जाने तथा विभिन्न माध्यमों से चेतावनी जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जानकारी चाही कि लू से बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर क्या योजना तैयार की गई है। साथ ही अपने-अपने स्तर से कितने तालाबों में पानी भरवाया गया है अथवा नहीं।
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कितने हैंडपंपों को सही कराया गया है, कितने हैंडपंप खराब हैं। जिनको चिह्नित कराया गया है या नहीं। नगर निकायों की सीमा के अंतर्गत स्थित तालाबों व हैंडपंपों के बारे में भी इसी तरह की जानकारी मांगी गई है।
अपर जिलाधिकारी तहसीलदार व उपजिलाधिकारी से अपने-अपने विभाग का स्पष्ट प्लान तैयार कराकर जनपद मुख्यालय को अवगत कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।