{"_id":"5cc4c0bbbdec2206fd72a539","slug":"161556398267-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संभल जिले में अपराजिताओं ने गाड़े सफलता के झंडे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संभल जिले में अपराजिताओं ने गाड़े सफलता के झंडे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंदौसी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के परीक्षाफल में जिले की अपराजिताओं ने सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। उन्होंने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण होने के मामलों में छात्रों को पीछे छोड़ दिया है।
संभल जिले में बेटी बचाओ बेटी पढाओ का अभियान रंग ला रहा है। हालांकि आनुपातिक रूप से अभी भी हाई स्कूल व इंटरमीडिएट तक पहुंचने वाली छात्राओं की संख्या कम है लेकिन जितनी भी छात्राओं ने दाखिला लिया, उसमें से अधिकांश ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। हाई स्कूल परीक्षा की बात करें तो 23503 में 9515 छात्राओं ने परीक्षा दी। जिसमें कुल उत्तीर्ण होने वाले 19610 विद्यार्थियों में से 8676 छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।
जिले में उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 79.30 प्रतिशत रहा तो छात्राओं के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 91.90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसी तरह से इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 17637 विद्यार्थियों में से 7401 छात्राओं ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
कुल विद्यार्थी 14442 उत्तीर्ण हुए, इसमें 6628 छात्राओं ने सफलता हासिल की। उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 76.34 है तो छात्राओं के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 89.56 तक पहुंच गया है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल 34052 में 16916 छात्राएं परीक्षा में बैठी, इसमें 15304 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। कुल मिलाकर छात्राओं ने अपने सहपाठी छात्रों को इस मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। कहा जा सकता है कि अभिभावकों में छात्राओं को पढ़ाने के प्रति जागरूकता बढ़ी है तो अपराजिताओं में भी कुछ कर गुजरने का जज्बा बढ़ा है।
विज्ञापन
संभल जिले में बेटी बचाओ बेटी पढाओ का अभियान रंग ला रहा है। हालांकि आनुपातिक रूप से अभी भी हाई स्कूल व इंटरमीडिएट तक पहुंचने वाली छात्राओं की संख्या कम है लेकिन जितनी भी छात्राओं ने दाखिला लिया, उसमें से अधिकांश ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। हाई स्कूल परीक्षा की बात करें तो 23503 में 9515 छात्राओं ने परीक्षा दी। जिसमें कुल उत्तीर्ण होने वाले 19610 विद्यार्थियों में से 8676 छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।
विज्ञापन
जिले में उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 79.30 प्रतिशत रहा तो छात्राओं के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 91.90 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसी तरह से इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 17637 विद्यार्थियों में से 7401 छात्राओं ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
कुल विद्यार्थी 14442 उत्तीर्ण हुए, इसमें 6628 छात्राओं ने सफलता हासिल की। उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 76.34 है तो छात्राओं के उत्तीर्ण होने का प्रतिशत 89.56 तक पहुंच गया है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कुल 34052 में 16916 छात्राएं परीक्षा में बैठी, इसमें 15304 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। कुल मिलाकर छात्राओं ने अपने सहपाठी छात्रों को इस मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। कहा जा सकता है कि अभिभावकों में छात्राओं को पढ़ाने के प्रति जागरूकता बढ़ी है तो अपराजिताओं में भी कुछ कर गुजरने का जज्बा बढ़ा है।