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आयकर विभाग ने दिया डेढ़ सौ कारोबारियों को नोटिस
संभ्ाल/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 25 Mar 2017 02:20 AM IST
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नोटबंदी हुई तो घर में रखी लाखों की रकम को आनन-फानन में बैंक शाखाओं में जमा कराया गया है। इसमें सरकार ने ढाई लाख रुपये तक रकम पर तो छूट देने की बात कही थी, लेकिन इसके ऊपर की रकम पर आय के स्रोत बताने के निर्देश दिए थे।
बड़ी संख्या में रकम बैंक खातों में जमा की गई। अब आयकर विभाग ने चंदौसी क्षेत्र के ऐसे डेढ़ सौ व्यापारियों, कारोबारियों को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान दस लाख रुपये से अधिक धनराशि बैंक खातों में जमा की थी। जिससे व्यापारियों व कारोबारियों में खलबली मच गई है।
केंद्र सरकार ने जब नोटबंदी लागू की तो नौ नवंबर-2016 से दिसंबर-2016 तक पुराने नोटों को बैंक खातों में जमा किया गया। आशंका उस समय भी थी कि जो रकम जमा की जा रही है, उसके आय स्रोत को आयकर विभाग पूछेगा ही, लेकिन केंद्र सरकार ने ही ढाई लाख रुपये तक की रकम के बारे में कुछ नहीं पूछे जाने की बात कह दी थी।
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आयकर अधिकारी चंदौसी रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि चंदौसी क्षेत्र के करीब 150 ऐसे खाताधारकों को नोटिस जारी करके आय के स्रोत की जानकारी मांगी गई है, जिन्होंने नौ नवंबर से 30 दिसंबर-2016 के मध्य दस लाख रुपये या उससे अधिक धनराशि अपने बैंक खातों में जमा की है।
इन खाताधारकों को यह बताना होगा कि उनके पास यह धनराशि कहां से आई हैं। यदि वह आय के स्रोत नहीं बता सके, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अधिकांश व्यापारी व कारोबारी ही हैं। स्रोत बता देने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इधर आयकर विभाग द्वारा जारी नोटिस मिलने के बड़े व्यापारियों व कारोबारियों में खलबली मच गई है।
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बड़ी संख्या में रकम बैंक खातों में जमा की गई। अब आयकर विभाग ने चंदौसी क्षेत्र के ऐसे डेढ़ सौ व्यापारियों, कारोबारियों को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान दस लाख रुपये से अधिक धनराशि बैंक खातों में जमा की थी। जिससे व्यापारियों व कारोबारियों में खलबली मच गई है।
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केंद्र सरकार ने जब नोटबंदी लागू की तो नौ नवंबर-2016 से दिसंबर-2016 तक पुराने नोटों को बैंक खातों में जमा किया गया। आशंका उस समय भी थी कि जो रकम जमा की जा रही है, उसके आय स्रोत को आयकर विभाग पूछेगा ही, लेकिन केंद्र सरकार ने ही ढाई लाख रुपये तक की रकम के बारे में कुछ नहीं पूछे जाने की बात कह दी थी।
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आयकर अधिकारी चंदौसी रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि चंदौसी क्षेत्र के करीब 150 ऐसे खाताधारकों को नोटिस जारी करके आय के स्रोत की जानकारी मांगी गई है, जिन्होंने नौ नवंबर से 30 दिसंबर-2016 के मध्य दस लाख रुपये या उससे अधिक धनराशि अपने बैंक खातों में जमा की है।
इन खाताधारकों को यह बताना होगा कि उनके पास यह धनराशि कहां से आई हैं। यदि वह आय के स्रोत नहीं बता सके, तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अधिकांश व्यापारी व कारोबारी ही हैं। स्रोत बता देने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इधर आयकर विभाग द्वारा जारी नोटिस मिलने के बड़े व्यापारियों व कारोबारियों में खलबली मच गई है।