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तीन दिन के अंदर 12 पशुओं की मौत, दो दर्जन से ज्यादा बीमार, ग्रामीणों में दहशत
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संभल। किसी बीमारी के चलते पशुओं की लगातार मौत हो रही है। दो गांवों में तीन दिनों के अंदर करीब 12 पशुओं की मौत हुई है। दो दर्जन से अधिक पशु बीमार हैं। यह बीमारी कौन सी है इसका जवाब पशु चिकित्सकों के पास भी नहीं है। ग्रामीणों में पशुओं की मौत से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बेहतर उपचार कराने के लिए आग्रह किया है। जिससे पशुओं की मौत का सिलसिला थम सके।
पवांसा ब्लॉक के गांव असलमपुर में तीन दिनों में 9 पशुओं की मौत हो गई। गांव निवासी वकील अहमद के तीन पशुओं की मौत शुक्रवार और शनिवार को हुई। इसी गांव के निवासी मोहम्मद उमर, हाजी अनवार, शहजाद, सरताज, मुस्ताक के एक-एक पशु की मौत हुई है। इन पशुओं की मौत भी शुक्रवार से शनिवार के बीच हुई। इस गांव में दो दर्जन से ज्यादा पशु बीमार हैं। वहीं गांव मुजफ्फरपुर में तीन दिन के अंदर तीन पशुओं की मौत हुई है। प्रवेश देवी के दो पशुओं की मौत हुई है। महिला का रोरो कर बुरा हाल है।
परिवार की गुजर के लिए पशुओं का ही सहारा था। इसी गांव के साबिर के एक पशु की मौत गुरुवार को हुई थी। दोनों गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गला घोंटू की बीमार से बचाव का टीका कुछ दिन पहले ही लगवाया था। अब अचानक पशुओं की मौत से दोनों गांवों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही पशुओं की मौत की सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सक ने उपचार किया है लेकिन उपचार से हालत में कोई सुधार नहीं है।
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पवांसा ब्लॉक के गांव असलमपुर में तीन दिनों में 9 पशुओं की मौत हो गई। गांव निवासी वकील अहमद के तीन पशुओं की मौत शुक्रवार और शनिवार को हुई। इसी गांव के निवासी मोहम्मद उमर, हाजी अनवार, शहजाद, सरताज, मुस्ताक के एक-एक पशु की मौत हुई है। इन पशुओं की मौत भी शुक्रवार से शनिवार के बीच हुई। इस गांव में दो दर्जन से ज्यादा पशु बीमार हैं। वहीं गांव मुजफ्फरपुर में तीन दिन के अंदर तीन पशुओं की मौत हुई है। प्रवेश देवी के दो पशुओं की मौत हुई है। महिला का रोरो कर बुरा हाल है।
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परिवार की गुजर के लिए पशुओं का ही सहारा था। इसी गांव के साबिर के एक पशु की मौत गुरुवार को हुई थी। दोनों गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गला घोंटू की बीमार से बचाव का टीका कुछ दिन पहले ही लगवाया था। अब अचानक पशुओं की मौत से दोनों गांवों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही पशुओं की मौत की सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सक ने उपचार किया है लेकिन उपचार से हालत में कोई सुधार नहीं है।
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