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आमरण अनशन पर बैठे किसान की हालत बिगड़ी, एसडीएम ने तुड़वाया किसानों का अनशन
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:10 AM IST
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बबराला/धनारी। क्षेत्रीय किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर धनारी थाने के गेट के सामने भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के अनशन पर बैठे पांच किसानों में से एक की हालत बिगड़ गई जिसे चिकित्सकों ने अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। इसके बाद प्रशासन के हाथ पैर फूल गए और किसानों को मनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे। एसडीएम ने किसानों को एक सप्ताह के अंदर सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया। लंबी वार्ता के बाद एसडीएम के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया और जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर दस दिनों से धनारी थाने गेट के सामने अनशन कर रही है। इसमें चकबंदी के उप संचालक ने किसानों की मांगों को मानते हुए समस्याओं का समाधान कराया लेकिन तहसील प्रशासन की समस्याओं में उलझे किसानों ने अनशन का फैसला लिया। बुधवार को दलपत सिंह, कल्याण सिंह, राम सिंह, किशन लाल और भाकियू नेता ऋषि पाल सिंह अनशन पर बैठ गए। इसके बाद गुरुवार को किसान दलपत सिंह की हालत बिगड़ गई और स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम धरना स्थल पर पहुंची। जहां टीम ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी लेकिन किसानों ने उपचार कराने से इनकार कर दिया। इसकी सूचना के बाद प्रशासन के हाथ पैर फूल गए और किसानों से वार्ता के लिए एसडीएम दीपेंद्र यादव, तहसीलदार करम सिंह चौहान और पुलिस क्षेत्राधिकारी अकील अहमद धनारी धरनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने किसानों से लंबी वार्ता कर उनकी मांगे एक सप्ताह के अंदर पूरी करने का भरोसा दिया। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया और धरना प्रदर्शन का समाप्त कर दिया गया। साथ ही भाकियू असली के द्वारा चेेतावनी दी गई कि एक सप्ताह के अंदर मांगों को पूरा न किया गया तो 17 अगस्त की राष्ट्रीय महापंचायत के बाद फिर से धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। इस मौके पर ओंकार सिंह, मोरध्वज, पदम सिंह, दयाराम, अशोक कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर हमारा दस दिन से धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे किसान की हालत बिगड गई और एसडीएम से वार्ता हुई। हमने एसडीएम के आश्वासन के बाद अनशन समाप्त कर दिया है। अगर आश्वासन के बाद हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो हम भविष्य में धरना दे सकते है। ऋषिपाल सिंह, राष्ट्रीय सचिव, भाकियू असली।
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कोट-
धनारी में पिछले कुछ दिनों से किसान यूनियन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठे थे जिसमें कुछ मांगे चकबंदी से और कुछ तहसील से थी। किसानों की कुछ समस्याओं का समाधान किया जा चुका है जबकि शेष का निस्तारण जल्द किया जाएगा। किसानों से वार्ता कर अनशन का तुड़वा दिया गया।- दीपेंद्र यादव, एसडीएम गुन्नौर।
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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर दस दिनों से धनारी थाने गेट के सामने अनशन कर रही है। इसमें चकबंदी के उप संचालक ने किसानों की मांगों को मानते हुए समस्याओं का समाधान कराया लेकिन तहसील प्रशासन की समस्याओं में उलझे किसानों ने अनशन का फैसला लिया। बुधवार को दलपत सिंह, कल्याण सिंह, राम सिंह, किशन लाल और भाकियू नेता ऋषि पाल सिंह अनशन पर बैठ गए। इसके बाद गुरुवार को किसान दलपत सिंह की हालत बिगड़ गई और स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम धरना स्थल पर पहुंची। जहां टीम ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी लेकिन किसानों ने उपचार कराने से इनकार कर दिया। इसकी सूचना के बाद प्रशासन के हाथ पैर फूल गए और किसानों से वार्ता के लिए एसडीएम दीपेंद्र यादव, तहसीलदार करम सिंह चौहान और पुलिस क्षेत्राधिकारी अकील अहमद धनारी धरनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने किसानों से लंबी वार्ता कर उनकी मांगे एक सप्ताह के अंदर पूरी करने का भरोसा दिया। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे किसानों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया और धरना प्रदर्शन का समाप्त कर दिया गया। साथ ही भाकियू असली के द्वारा चेेतावनी दी गई कि एक सप्ताह के अंदर मांगों को पूरा न किया गया तो 17 अगस्त की राष्ट्रीय महापंचायत के बाद फिर से धरना प्रदर्शन किया जा सकता है। इस मौके पर ओंकार सिंह, मोरध्वज, पदम सिंह, दयाराम, अशोक कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर हमारा दस दिन से धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे किसान की हालत बिगड गई और एसडीएम से वार्ता हुई। हमने एसडीएम के आश्वासन के बाद अनशन समाप्त कर दिया है। अगर आश्वासन के बाद हमारी मांगे पूरी नहीं की गई तो हम भविष्य में धरना दे सकते है। ऋषिपाल सिंह, राष्ट्रीय सचिव, भाकियू असली।
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धनारी में पिछले कुछ दिनों से किसान यूनियन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन पर बैठे थे जिसमें कुछ मांगे चकबंदी से और कुछ तहसील से थी। किसानों की कुछ समस्याओं का समाधान किया जा चुका है जबकि शेष का निस्तारण जल्द किया जाएगा। किसानों से वार्ता कर अनशन का तुड़वा दिया गया।- दीपेंद्र यादव, एसडीएम गुन्नौर।