Saharanpur: मछली पकड़ने के दौरान युवक की तालाब में डूबने से मौत, समुंद्रसोख न होता तो बच सकती थी जान
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गांव के पीपलवाले तालाब में कंवरपाल को डूबते देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया। जब तक मौके पर लोग इकट्ठा होते और बचाव कार्य शुरु किया जाता वह पानी में समां गया।
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सहारनपुर के फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव गंदेवड़ा निवासी कंवरपाल कश्यप (35) पुत्र सोमा गांव के ही तालाब में शुक्रवार दोपहर मछली पकड़ने के दौरान डूब गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गांव के पीपलवाले तालाब में कंवरपाल को डूबते देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया। जब तक मौके पर लोग इकट्ठा होते और बचाव कार्य शुरु किया जाता वह पानी में समां गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष प्रमोद रावल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से तीन पंपिंग सेट लगवाकर पानी निकलवाने का कार्य शुरू कराया। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कंवरपाल की तलाश कराई गई। करीब तीन घंटे बाद तालाब से कंवरपाल को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कंवरपाल की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
कंवरपाल के परिजनों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। वह हलवाई के पास मजदूरी करता था। उसकी मौत के बाद उसकी पत्नी और चार बच्चों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उसके छोटे बच्चे की उम्र चार और सबसे बड़े बच्चे की उम्र 16 साल है। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। एसओ प्रमोद रावल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
समुंद्रसोख की वजह से डूबा कंवरपाल
जिस तालाब में डूबने से कंवरपाल की मौत हुई है, उसे समुंद्रसोख (जंगली जलीय पौधा) ने अपनी चपेट में ले रखा है। ग्रामीणों की माने तो लंबे अरसे से तालाब की सफाई भी नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कंवरपाल तैरना जानता था और दो साल पहले उसने दूसरे तालाब में डूब रहे एक युवक को बचाया भी था। ऐसे में यदि तालाब की सफाई हुई होती तो उसकी जान बच सकती थी। ग्रामीणों में इस दौरान प्रधान के भी मौके पर न पहुंचने को लेकर आक्रोश दिखाई दिया। हालांकि ग्राम प्रधान साजिद अंसारी का कहना था कि वे हादसे के वक्त बाहर थे।