योगी मंत्रिमंडल: विधायक बृजेश सिंह और जसवंत सैनी बने राज्य मंत्री, पश्चिमी यूपी को साधने की कोशिश
राज्यमंत्री बनाए गए जसवंत सैनी अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। मंत्री बने रहने के लिए आगामी छह माह में उन्हें विधानसभा या विधान परिषद में किसी एक सदन का सदस्य होना अनिवार्य है। अब संगठन उन्हें विधान परिषद भेजेगा या किसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ाएगा, यह देखने वाली बात है।
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विस्तार
सूबे की योगी सरकार में सहारनपुर को दो मंत्री मिले हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार दूसरी बार भाजपा की सरकार बनी। जनपद से पांच भाजपा विधायकों में से देवबंद से विधायक बृजेश सिंह को राज्यमंत्री बनाया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी का भी सियासी कद बढ़ाते हुए भाजपा हाईकमान ने उन्हें भी योगी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बनाया है। योगी 2.0 सरकार में जनपद से दो मंत्रियों के बनने से जिले के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जनपद में पांच सीटें (देवबंद, रामपुर मनिहारान, नकुड़, सहारनपुर शहर और गंगोह) जीती हैं। गत चुनाव में भाजपा ने चार सीट जीती थीं। पश्चिमी उप्र में सहारनपुर जिले में ही भाजपा ने सबसे अधिक सीटों पर जीत हासिल की। जिससे माना जा रहा था कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दूसरी बार बनने वाली भाजपा की सरकार में जिले को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। जिसको लेकर जिले के पांचों भाजपा विधायक मंत्री पद के लिए जोड़तोड़ में लगे थे। जिसमें देवबंद विधायक बृजेश सिंह को योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने का मौका मिला। शुक्रवार को योगी मंत्रिमंडल में बृजेश सिंह को राज्यमंत्री बनाया गया। भाजपा हाईकमान ने जिले को दूसरी सौगात देते हुए उप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी को भी राज्यमंत्री बनाया है। दोनों के राज्यमंत्री बनने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। वहीं समर्थकों में भी हर्ष है। उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह सैनी का कहना है कि जिले से दो मंत्री बनने से जनपद का और अधिक विकास होगा।
राज्यमंत्री बृजेश सिंह का प्रोफाइल
- नाम- बृजेश सिंह
- पिता- डॉ राजकुमार रावत
- गांवः जड़ौदा जट, देवबंद
- शिक्षाः आयुर्वेदाचार्य
- उम्रः 57 वर्ष
- विधायकः देवबंद विधानसभा सीट
राज्यमंत्री जसवंत सैनी
- नामः जसवंत सैनी
- पिताः भूप सिंह सैनी
- गांवः आजमपुर, रामपुर मनिहारान
- शिक्षाः अधिवक्ता
- उम्रः 69
- पदः उप्र पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष
पश्चिमी यूपी में सैनी समाज को साधने की कोशिश
भाजपा नेतृत्व ने जसवंत सैनी और विधायक बृजेश सिंह को योगी मंत्रिमंडल में शामिल कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के परंपरागत वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। संगठन के प्रति समर्पण और निष्ठा भी जसवंत का सियासी कद बढ़ाने में कारगर साबित हुई। वहीं देवबंद में लगातार दूसरी बार भगवा फहराने पर विधायक बृजेश सिंह को मंत्री पद का इनाम मिला है। साथ ही राजपूत समाज के प्रतिनिधित्व के लिए भी बृजेश सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया है, क्योंकि चुनाव में पूर्व गन्ना मंत्री सुरेश राणा और सरधना से विधायक ठाकुर संगीत सोम की हार के बाद बृजेश सिंह ही पश्चिम के जिलो में राजपूत समाज के अकेले विधायक बने।
योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार में सहारनपुर जिले से डॉ धर्म सिंह सैनी को आयुष राज्यमंत्री बनाया गया था। चुनाव से एन वक्त पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी छोड़ने के बाद डॉ धर्म सिंह सैनी भी पाला बदल गए थे। नकुड़ से वह सपा के सिंबल लड़े, लेकिन भाजपा के मुकेश चौधरी से हार गए। भाजपा हाईकमान ने डॉ धर्म सिंह सैनी के विकल्प के लिए भी जसवंत सैनी का कद बढ़ाते हुए उन्हें राज्यमंत्री बनाया है। बीते 33 सालों से राष्ट्रीय स्वयं संघ से जुड़े भाजपा के समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता रहे जसवंत सैनी को योगी सरकार ने गत वर्ष 16 जून को उप्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया था। पार्टी हाई कमान ने उन्हें किसी सीट से चुनाव नहीं लड़ाया। लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। जहां उन्होंने डॉ धर्म सिंह सैनी का विकल्प तलाशा, वहीं सैनी समाज के परपरागत वोटों को भी साधने की कोशिश की है।
देवबंद विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक बने बृजेश सिंह को योगी सरकार राज्यमंत्री बनाए जाने से उनके गांव जड़ौदा जट में खुशी का माहौल है। परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा है। राज्यमंत्री बने बृजेश सिंह के गांव जडौदाजट में सुबह से ही खुशी का माहौल दिखाई पड़ा। शपथ ग्रहण से पूर्व ही उनके आवास पर बधाई देने वाले कार्यकर्ताओं व समर्थकों का सुबह से लेकर शाम तक तांता लगा रहा। बृजेश सिंह के पिता राजकुमार रावत और माता मंजूला सिंह काफी खुश नजर आए। लोग उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे थे। उनकी पत्नी पूजा सिंह, पुत्र दिवाकर विक्रम सिंह और पुत्री अक्षिता शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ लखनऊ गए हैं।
कार्यकर्ता गदगद
विधायक बृजेश सिंह के राज्यमंत्री बनने पर राकेश गांगुली, भाजपा जिला उपाध्यक्ष संदीप शर्मा एडवोकेट, विपिन भारतीय, चौधरी रविंदर सिंह, कुलभूषण, आरती, अशोक वर्मा, सीटू सैनी, अजय गर्ग, विवेक तायल, चरण सिंह कोरवा, सनित कश्यप ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक बृजेश सिंह के राज्यमंत्री बनने से संगठन ने जिले को सम्मान दिया है।
स्वतंत्रता सैनानी परिवार से है नाता
विधायक बृजेश सिंह का जन्म देवबंद के गांव जड़ौदाजट में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर मुकुंद सिंह (दादा) के घर हुआ था। उनके पिता डा. राजकुमार रावत गुरुकुल कांगड़ी फार्मेसी हरिद्वार में मैनेजिंग डायरेक्टर पद से सेवानिर्वत है। बृजेश सिंह की प्रारंभिक शिक्षा देवबंद में केएल जनता इंटर इंटर कॉलेज हुई। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट उन्होंने ज्वालापुर (हरिद्वार) से किया था। हरिद्वार से ही आर्युवेद भास्कर में चार वर्ष की डिग्री लेकर आयुर्वेदाचार्य बने। उसके बाद आरएसएस से जुड़े। भाजपा युवा मोर्चा में एक सदस्य के रूप में शामिल होकर राजनीतिक करियर की शुरुआत की। युवा मोर्चा में जिला व प्रदेश कार्यकारिणी में रहे। भाजपा में पश्चिम उत्तर प्रदेश कमेटी में क्षेत्रीय मंत्री भी रहे। सन 2017 में देवबंद विधानसभा सीट से पहला चुनाव लड़ा और करीब 16 हजार वोटों से जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन पर भरोसा कर पुन: टिकट दिया। इस बार वह करीब 7100 वोटों से विजयी होकर दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं।
बोले पिता, बेटे पर फक्र है
पिता डॉ. राजकुमार रावत का कहना है कि हमारा परिवार स्वतंत्रता सेनानियों का परिवार है। मैंने पहली बार विधायक बनने पर बेटे बृजेश सिंह से कहा था कि कभी कोई ऐसा काम न करें, जिससे हमारे स्वतंत्रता सेनानी परिवार पर लोग उंगली उठाएं। मुझे अपने पुत्र पर फक्र है कि उसने पूरी ईमानदारी के साथ जनता की सेवा की। हमेशा सुशासन विकास के मार्ग पर देवबंद विधानसभा का विकास कराया। उसी का आज उसे भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने राज्यंत्री बनाकर इनाम दिया है
जसवंत सैनी को योगी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने पर उनके गांव आजमपुर में जश्न का माहौल है। जैसे ही उन्होंने लखनऊ में मंत्री पद की शपथ ली, तो परिजनों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई। जसवंत सैनी वरिष्ठ भाजपा नेता हैं और लंबे समय से संघ और भाजपा से जुड़े हैं। आठ भाई-बहनों में सबसे बड़े जसंवत सैनी हैं। शुक्रवार को योगी सरकार में जसवंत सैनी ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ के बाद गांव आजमपुर में उनके पिता भूप सिंह सैनी, पत्नी मीनाक्षी आर्य ने परिवार संग खुशी मनाई और एक दूसरे को मिठाई खिलाई। पिता भूप सिंह सैनी का कहना है, कि बेटे जसवंत सैनी को योगी सरकार में मंत्री बनाये जाने से वह बेहद खुश हैं। उनका परिवार इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ व पार्टी नेतृत्व का आभार प्रकट करता है।
राज्यमंत्री जसंवत सैनी का परिवार
जसवंत सैनी के परिवार में उनकी पत्नी मीनाक्षी आर्य दो लड़के, और एक लड़की है। पत्नी मीनाक्षी गांव आजमपुर के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र है।
- 33 साल से संघ व भाजपा से जुड़े है जसवंत सैनी
- वर्ष 1989 में संघ के शाखा कार्यवाह और मुख्य शिक्षक रहे।
- वर्ष 1991 में देवबंद तहसील प्रमुख बने और अभाविप के जिला प्रमुख।
- वर्ष 1997 में भाजयुमो महामंत्री बन सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
- वर्ष 2001 में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष बनाए गए।
- वर्ष 2004 में भाजपा के जिला महामंत्री बनाए गए।
- वर्ष 2007 से 2010 तक भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे।
- वर्ष 2009 में सहारनपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा।
- वर्ष 2010 से 2014 तक भाजपा प्रदेश मंत्री रहे।
- वर्ष 2017 से 2020 तक प्रदेश उपाध्यक्ष रहे।
- वर्ष 2019 में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष बने।
- वर्ष 2021 में राज्य पिछड़ा वर्ग का अध्यक्ष बनाया गया।