Mission 2027: सहारनपुर बना सियासी केंद्र, तीन महीने में तीसरा दौरा, देवबंद से चुनावी बिसात बिछाएंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 मई को देवबंद दौरे पर रहेंगे। इसे 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सहारनपुर में तीन महीने में उनका यह तीसरा दौरा है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। योगी आदित्यनाथ का 7 मई को देवबंद दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं के लोकार्पण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीतिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। तीन महीने के भीतर सहारनपुर में मुख्यमंत्री का यह तीसरा दौरा जिले की बढ़ती राजनीतिक अहमियत को दर्शाता है।
विकास परियोजनाओं के साथ जनसभा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवबंद में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही वह एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले 14 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दौरान भी वह जिले में आए थे और गणेशपुर में जनसभा कर सरकार की उपलब्धियां गिनाई थीं।
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14 मार्च को मुख्यमंत्री ने मां शाकंभरी सिद्धपीठ में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया और दर्शन भी किए थे। लगातार दौरों से यह संकेत मिलता है कि सरकार विकास और आस्था दोनों मुद्दों के जरिए क्षेत्र की जनता से जुड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
पश्चिमी यूपी में पकड़ मजबूत करने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल ही में पांच राज्यों में मिली जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। देवबंद और सहारनपुर सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं, जहां राजनीतिक समीकरण अक्सर बदलते रहते हैं।
संगठन को मजबूत करने की कवायद
पार्टी के अरुण सिंह का हालिया दौरा भी संगठनात्मक मजबूती की ओर इशारा करता है। पार्टी नेतृत्व लगातार जिले में सक्रिय रहकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
इसलिए अहम है देवबंद में जनसभा
देवबंद क्षेत्र धार्मिक पहचान के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी प्रभावशाली रहा है। यहां से दिया गया संदेश पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असर डाल सकता है। ऐसे में विकास परियोजनाओं के बहाने जनता के बीच पहुंचकर सरकार अपनी छवि मजबूत करने और विपक्ष की जमीन कमजोर करने की कोशिश में है।