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Saharanpur News: आल्हणपुर सौंधेबांस घाट पर 49 करोड़ से बनेगा यमुना का पुल
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लिकाना क्षेत्र के पास से गुजर रही यमुना नदी
हरियाणा के लिए भी
- 12.22 करोड़ रुपये की पहली किश्त हुई अवमुक्त
-उप्र तथा हरियाणा को जोड़ेगा पुल
-आवागमन में होगी सहूलियत
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो- 3 और संबंधित
चिलकाना (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा की सीमा पर आल्हणपुर सौंधेबांस घाट पर 48.9 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा। शासन ने 12.22 करोड़ रुपये की पहली किश्त अवमुक्त कर दी है। पुल निर्माण को हरी झंडी मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी है।
चिलकाना क्षेत्र में यमुना नदी उप्र तथा हरियाणा की सीमा को जोड़ती है। चिलकाना तथा गंदेवड के मध्य में कोई भी ऐसा पुल नहीं है, जहां से लोग एक दूसरे प्रदेश में आ जा सकें। गांव आल्हनपुर तथा सौंधेबांस के बीच कच्चे घाट से ही लोग यमुना पार करते हैं। बरसात के दिनों में स्थानीय लोगों के सहयोग से हर वर्ष नदी में सीमेंट के पाइप डालकर अस्थायी पुल बनाया जाता है, लेकिन बाढ़ आने पर वह भी बह जाता है तो पार जाने को नाव ही एकमात्र सहारा बचता है।
किनारे बसे गांव आल्हनपुर, पंचकुआ, टोडरपुर, शाहपुरा, मंझार, सौंधैबास, गाजदीनपुर, लालवाला, टापूमाजरी के निवासियों की कृषि भूमि नदी के दोनों तरफ है। किसानों को खेती के लिए रोज नदी को पार करना पड़ता है। दूसरे आसपास के लोगों को हरियाणा जाने के लिए लंबी दूरी तय कर शाहजहांपुर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। लोग लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे थे।
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चिलकाना आने को भी लेना पड़ता है नाव का सहारा
यमुना नदी के पार गांव सौंधैबास के विजेंद्र सैनी ने बताया कि सहारनपुर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए बरसात के दिनों में हरियाणा होकर सहारनपुर पहुंचना पड़ता है। चिलकाना आने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ता है। उन्हें सहारनपुर दूर तथा हरियाणा नजदीक लगता है।
पुल बनने से आसान होगी लोगों की जिंदगी
गांव आल्हनपुर के पूर्व प्रधान चौधरी निर्दोष ने बताया कि गांव के अनेक किसानों की जमीन नदी के पार हरियाणा की तरफ है। बरसात के दिनों में अपने खेतों में पहुंचना तथा वहां से चारा लाना मुश्किल का काम है। अब विधायक मुकेश चौधरी के प्रयास से पुल बनने से यमुना के दोनों तरफ रहने वाले लोगों की जिंदगी में सुधार होगा।
नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने उनके आग्रह पर यमुना पुल बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। पुल के निर्माण के लिए 48 करोड़ 90 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें से 12 करोड़ 22 लाख रुपये जिला मुख्यालय को प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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- 12.22 करोड़ रुपये की पहली किश्त हुई अवमुक्त
-उप्र तथा हरियाणा को जोड़ेगा पुल
-आवागमन में होगी सहूलियत
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो- 3 और संबंधित
चिलकाना (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा की सीमा पर आल्हणपुर सौंधेबांस घाट पर 48.9 करोड़ रुपये की लागत से यमुना नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा। शासन ने 12.22 करोड़ रुपये की पहली किश्त अवमुक्त कर दी है। पुल निर्माण को हरी झंडी मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी है।
चिलकाना क्षेत्र में यमुना नदी उप्र तथा हरियाणा की सीमा को जोड़ती है। चिलकाना तथा गंदेवड के मध्य में कोई भी ऐसा पुल नहीं है, जहां से लोग एक दूसरे प्रदेश में आ जा सकें। गांव आल्हनपुर तथा सौंधेबांस के बीच कच्चे घाट से ही लोग यमुना पार करते हैं। बरसात के दिनों में स्थानीय लोगों के सहयोग से हर वर्ष नदी में सीमेंट के पाइप डालकर अस्थायी पुल बनाया जाता है, लेकिन बाढ़ आने पर वह भी बह जाता है तो पार जाने को नाव ही एकमात्र सहारा बचता है।
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किनारे बसे गांव आल्हनपुर, पंचकुआ, टोडरपुर, शाहपुरा, मंझार, सौंधैबास, गाजदीनपुर, लालवाला, टापूमाजरी के निवासियों की कृषि भूमि नदी के दोनों तरफ है। किसानों को खेती के लिए रोज नदी को पार करना पड़ता है। दूसरे आसपास के लोगों को हरियाणा जाने के लिए लंबी दूरी तय कर शाहजहांपुर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। लोग लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे थे।
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चिलकाना आने को भी लेना पड़ता है नाव का सहारा
यमुना नदी के पार गांव सौंधैबास के विजेंद्र सैनी ने बताया कि सहारनपुर जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए बरसात के दिनों में हरियाणा होकर सहारनपुर पहुंचना पड़ता है। चिलकाना आने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ता है। उन्हें सहारनपुर दूर तथा हरियाणा नजदीक लगता है।
पुल बनने से आसान होगी लोगों की जिंदगी
गांव आल्हनपुर के पूर्व प्रधान चौधरी निर्दोष ने बताया कि गांव के अनेक किसानों की जमीन नदी के पार हरियाणा की तरफ है। बरसात के दिनों में अपने खेतों में पहुंचना तथा वहां से चारा लाना मुश्किल का काम है। अब विधायक मुकेश चौधरी के प्रयास से पुल बनने से यमुना के दोनों तरफ रहने वाले लोगों की जिंदगी में सुधार होगा।
नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने उनके आग्रह पर यमुना पुल बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। पुल के निर्माण के लिए 48 करोड़ 90 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें से 12 करोड़ 22 लाख रुपये जिला मुख्यालय को प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा।