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विजयदशमी पर करें प्रभु श्रीराम और देवी अपराजिता की आराधना
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सहारनपुर। विजयदशमी का त्योहार आज हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। लोग घरों में दशहरा पूजन करेंगे तो शस्त्र और शास्त्रों का भी पूजन होगा। दशहरा पर भगवान श्रीराम की पूजा करने के बाद देवी अपराजिता की पूजा करना अति शुभ है।
बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज और ब्रह्मपुरी कॉलोनी से आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि दशहरे पर सर्व प्रथम भगवान श्री गणेश की पूजा करें। फिर प्रभु श्रीराम, मां सीता, पवन पुत्र हनुमान, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन की पूजा कर देवी अपराजिता की आराधना करें। इस दिन भगवान श्रीराम ने भी रावण का वध करने से पूर्व देवी अपराजिता की पूजा की थी। पूजा अर्चना कर भगवान श्रीराम को दाल-चावल, बुरा चावल और घी चावल के साथ फलों का भोग अर्पित करें। बहनें अपने भाइयों के कानों पर नोरते लगाकर हाथ पर कलावा बांधकर तिलक करें। दशहरा पर क्षत्रियों द्वारा शस्त्र पूजन और ब्राह्मणों द्वारा शास्त्र ग्रंथों का पूजन का अति महत्व है।
पूजन का शुभ मुहूर्त
दशहरा पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त 11:41 बजे से 12:25 बजे तक है। दोपहर 1:12 बजे से 03 तीन बजे तक पूजन का मुहूर्त है। रावण के पुतले का दहन का मुहूर्त शाम 7:10 बजे 10: 48 बजे तक है।
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यहां होगा पुतलों का दहन
सहारनपुर। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार रामलीला कमेटियों द्वारा बड़े आयोजन नहीं किए जा रहे हैं। शहर में 18 जगहों पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद 50 से 60 फुट ऊंचे पुतलों का दहन किया जाता था, लेकिन इस बार 12 से 15 फुट तक के पुतलों का कुछ जगहों पर दहन होगा। चिलकाना रोड स्थित प्राचीन श्रीराम लीला भवन में सुबह शस्त्र पूजन होगा और शाम के समय 15 फुट ऊंचा रावण का पुतला फूंका जाएगा। उत्तर रेलवे नाटक क्लब माल गोदाम रोड पर 10 फुट ऊंचे पुतले को जलाया जाएगा। श्री आशुतोष मंदिर क्लब गुरुद्वारा रोड पर 15 फुट ऊंचा रावण का पुतला फूंका जाएगा। सुपर क्लब गोपाल नगर में और नवयुग सेवा समिति केशवनगर में पुतला जलाएगी। जुबली पार्क में श्रीकृष्णा राम नाटक क्लब पुतला जलाएगा।
बच्चों ने बनाया रावण का पुतला
रेलवे कॉलोनी में विशाल, दीपमाला, विराट, तुषार, कन्नू, टिंकू, साहिल आदि बच्चों ने रावण का 12 फुट ऊंचा पुतला बनाया है। रविवार को शाम सात बजे बच्चे निर्धारित समय पर रावण के पुतले का दहन करेंगे।
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बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज और ब्रह्मपुरी कॉलोनी से आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि दशहरे पर सर्व प्रथम भगवान श्री गणेश की पूजा करें। फिर प्रभु श्रीराम, मां सीता, पवन पुत्र हनुमान, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघन की पूजा कर देवी अपराजिता की आराधना करें। इस दिन भगवान श्रीराम ने भी रावण का वध करने से पूर्व देवी अपराजिता की पूजा की थी। पूजा अर्चना कर भगवान श्रीराम को दाल-चावल, बुरा चावल और घी चावल के साथ फलों का भोग अर्पित करें। बहनें अपने भाइयों के कानों पर नोरते लगाकर हाथ पर कलावा बांधकर तिलक करें। दशहरा पर क्षत्रियों द्वारा शस्त्र पूजन और ब्राह्मणों द्वारा शास्त्र ग्रंथों का पूजन का अति महत्व है।
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पूजन का शुभ मुहूर्त
दशहरा पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त 11:41 बजे से 12:25 बजे तक है। दोपहर 1:12 बजे से 03 तीन बजे तक पूजन का मुहूर्त है। रावण के पुतले का दहन का मुहूर्त शाम 7:10 बजे 10: 48 बजे तक है।
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यहां होगा पुतलों का दहन
सहारनपुर। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार रामलीला कमेटियों द्वारा बड़े आयोजन नहीं किए जा रहे हैं। शहर में 18 जगहों पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद 50 से 60 फुट ऊंचे पुतलों का दहन किया जाता था, लेकिन इस बार 12 से 15 फुट तक के पुतलों का कुछ जगहों पर दहन होगा। चिलकाना रोड स्थित प्राचीन श्रीराम लीला भवन में सुबह शस्त्र पूजन होगा और शाम के समय 15 फुट ऊंचा रावण का पुतला फूंका जाएगा। उत्तर रेलवे नाटक क्लब माल गोदाम रोड पर 10 फुट ऊंचे पुतले को जलाया जाएगा। श्री आशुतोष मंदिर क्लब गुरुद्वारा रोड पर 15 फुट ऊंचा रावण का पुतला फूंका जाएगा। सुपर क्लब गोपाल नगर में और नवयुग सेवा समिति केशवनगर में पुतला जलाएगी। जुबली पार्क में श्रीकृष्णा राम नाटक क्लब पुतला जलाएगा।
बच्चों ने बनाया रावण का पुतला
रेलवे कॉलोनी में विशाल, दीपमाला, विराट, तुषार, कन्नू, टिंकू, साहिल आदि बच्चों ने रावण का 12 फुट ऊंचा पुतला बनाया है। रविवार को शाम सात बजे बच्चे निर्धारित समय पर रावण के पुतले का दहन करेंगे।