फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Women becoming self-sufficient by preparing sugarcane plants

गन्ने की पौध तैयार कर आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं

Sun, 17 Apr 2022 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
Women becoming self-sufficient by preparing sugarcane plants
किसान को गन्ने की पौध बेचती महिला स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलाएं - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं गन्ने की पौध तैयार कर अच्छी आय प्राप्त कर रही है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। शरद कालीन गन्ने की तैयार की गई पौध से मंडल के 338 महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 5769 महिलाओं को गन्ना विभाग से 19692303 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इतनी ही राशि उन्हें पौध खरीदने वाले किसानों से भी मिली है।
विज्ञापन

गन्ने की पौध तैयार कर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिल रहा है, बल्कि अच्छी आय भी प्राप्त हो रही है। इसमें महिलाओं को सिंगल बड से तैयार की गई पौध पर 2.60 रुपये मिलते हैं। जबकि बड चिप विधि से तैयार की गई प्रति पौध पर तीन रुपये मिलते हैं। इसमें से आधी राशि गन्ना विभाग से अनुदान के रूप में और आधी राशि पौध खरीदने वाला किसान देता है। पौध तैयार करने में आई लागत निकालकर प्रति पौधा 50 पैसे से एक रुपये तक का मुनाफा हो जाता है।
विज्ञापन

फसल अगेती एवं अधिक फुटाव
महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं गन्ना पौध तैयार करने के लिए बड चिप और सिंगल बड विधि का प्रयोग करती हैं। इससे रोग रहित पौध तैयार करने में मदद मिलती है। किसान इस पौध को खेत में कूंड़ निकालकर उचित दूरी पर रोप देते हैं। इससे फसल करीब एक माह अगेती हो जाती है। साथ ही फसल में फुटाव भी अपेक्षाकृत अधिक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पौध तैयार करने की विधि
गन्ने की पौध तैयार करने के लिए बड चिप एवं सिंगल बड विधि का प्रयोग होता है। गन्ने की आंख को एक यंत्र की सहायता से निकालकर ट्रे में कॉयर पिट में लगाते हैं। इसे पौध तैयार करने की बड चिप विधि कहा जाता है। सिंगल बड विधि में गन्ने की आंख वाला छोटा टुकड़ा काटकर ट्रे में रोपा जाता है। इससे कम बीज से अधिक पौध तैयार होती है।

गन्ना विभाग स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को पहले गन्ना पौध तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करता है। महिलाओं को एक पौध पर 50 पैसे से लेकर एक रूपये तक का मुनाफा हो जाता है। मंडल में शरदकालीन गन्ने की पौध तैयार करने पर 5769 महिलाओं को गन्ना विभाग से 19692303 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। इतनी ही राशि उन्हें किसानों से भी मिली है - डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
मंडल में महिला स्वयं सहायता समूह
जनपद महिला समूह महिलाएं
सहारनपुर 100 1089
मुजफ्फरनगर 169 3897
शामली 69 783
नोट: उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed