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आयुष्मान कार्ड के बिना फ्री इलाज से हो सकते हैं वंचित

Thu, 18 Mar 2021 10:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 10:55 PM IST
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Without Ayushman card, you can be deprived of free treatment
सहारनपुर। यदि आप आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के पात्रों की सूची में शामिल हैं और आपने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है तो आप योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं। बीते दो वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब पात्रों को योजना में शामिल अस्पतालों में भी इलाज का भुगतान करना पड़ा है। ऐसे में जरूरी है कि सूची में शामिल प्रत्येक व्यक्ति अपना गोल्डन कार्ड बनवाकर अपने पास सुरक्षित रखें।
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करीब 15 दिन पहले दिल्ली रोड स्थित जंधेड़ा निवासी एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ी, जिन्हें दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उक्त अस्पताल आयुष्मान योजना में शामिल है। मरीज का गोल्डन कार्ड नहीं था। परिजनों ने मरीज को रात में भर्ती तो करा दिया, मगर अगले दिन गोल्डन कार्ड के लिए भागदौड़ शुरू हुई। चूंकि बिना पात्र व्यक्ति के गोल्डन कार्ड नहीं बन सकता है। ऐसे में कार्ड नहीं बन सका। तीन दिन बाद मरीज की छुट्टी हुई। इलाज के लिए मरीज के परिजनों को करीब 70 हजार रुपये भरने पड़े। योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि बीते दो वर्ष में इस तरह के 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों को कार्ड बनवाने की याद तब आती है, जब वह अचानक बीमार पड़ते हैं।
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जिले में कार्डों की स्थिति
जनपद में लाभार्थी परिवार------137110
कुल लाभार्थी व्यक्ति--------------685000
बने गोल्डन कार्ड-----------------152000
कार्ड बनाने के लिए अभियान शुरू
गोल्डन कार्ड को अब आयुष्मान कार्ड का नाम दिया गया है। जनपद में 10 मार्च से कार्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। दस मार्च को 883, 11 मार्च को 1002, 12 मार्च को 1102, 13 मार्च को 1267, 14 मार्च को 1016 और 15 मार्च को 1106 लोगों ने गोल्डन कार्ड बनवाए हैं।
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यह है नियम
यदि आपके पास गोल्डन कार्ड (आयुष्मान कार्ड) नहीं है और आपको अचानक अस्पताल में भर्ती किया जाता है तो आपको दो दिन यानी 48 घंटे के भीतर अपना गोल्डन कार्ड बनवाकर प्रस्तुत करना होता है। यदि ऐसा नहीं होता है तो मरीज को इलाज का पूरा पैसा अपनी जेब से चुकाना पड़ता है।

आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के पात्रों की सूची में शामिल लोगों को चाहिए कि वह अपने कार्ड बनवाकर अपने पास सुरक्षित रखें। तभी इमरजेंसी में योजना का लाभ मिल सकता है। अन्यथा फ्री इलाज से वंचित होना पड़ सकता है।
- डॉ. धर्मवीर सिंह, नोडल अधिकारी।
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