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20 की अनुमति लेकर रातों-रात काट दिए आम के 70 पेड़
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शकलापुरी मार्ग पर आम के बाग का जड़ खुदान कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश
- फोटो : SAHARANPUR
20 की अनुमति लेकर रातों-रात काट दिए आम के 70 पेड़
सहारनपुर। सहारनपुर शहर में 20 पेड़ काटने की अनुमति लेकर पूरे बाग को काट दिया गया। भूमाफियाओं ने जेसीबी लगाकर पेड़ों की जड़ों को भी उखाड़ दिया, जिससे उनकी कारस्तानी पर पर्दा डाला जा सके।
पांवधोई नदी के पास शकलापुर मार्ग पर कंक्रीट के जंगल तैयार करने की तैयारी है। भू-माफिया सक्रिय हैं। शकलापुरी मार्ग पर 20 साल पहले अमरूद का बाग हुआ करता था। बाद में इसमें आम के पौधे लगाए गए। अब यहां आम का बाग था। भूमाफिया ने जिला उद्यान विभाग से इस बाग के 20 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। पेड़ों को बूढ़ा और जर्जर बताया गया। अनुमति मिल भी गई। इसके बाद इस बाग के हरे पेड़ों को रविवार रात कटवाना शुरू किया गया। सोमवार सुबह तक 70 पेड़ काट दिए गए। पेड़ों की जड़ों को जेसीबी से उखड़वा दिया गया।
कई सालों से सक्रिय हैं भू-माफिया
कई सालों से पांवधोई तट से लगते आम के बागों को सेटिंग-गेटिंग करके साफ किया जा रहा है। यहां अवैध कालोनियां काटी गईं। प्राधिकरण ने हाल ही में कुछ कालोनियों को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की। शकलापुरी मार्ग पर ही छह माह पहले लीची और आम के बाग पर आरी चलाकर अवैध प्लाटिंग की गई थी।
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बयानों में उलझे अफसरों के खेल को यूं समझिए
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने पहले तो कहा कि हम पेड़ काटने की अनुमति नहीं देते। पेड़ काटने की परमिशन सहारनपुर वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी देते हैं। जब डीएफओ विजय सिंह से बात हुई तो उनका कहना था कि जिला उद्यान अधिकारी की रिपोर्ट पर अनुमति दी गई है। उनकी रिपोर्ट के बिना पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। जाहिर है कि दोनों अधिकारियों के बयान सबकुछ जाहिर कर रहे हैं। जब दोबारा बयान लेने के लिए जिला उद्यान अधिकारी को दो बार कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
क्या है नियम
नियम ये है कि जो पेड़ सालों पुराने हो गए हों, जर्जर और मुरझा चुके हों। उन पर फल आने की कोई संभावना नहीं दिखती हो, तो जिला उद्यान अधिकारी के निर्देश पर उद्यान निरीक्षक सर्वे करके पूरी रिपोर्ट जिला उद्यान अधिकारी को देंगे। जिला उद्यान अधिकारी के यहां से प्रभागीय वनाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी। फिर जितनी अनुमति पेड़ काटने की है, उतने ही पेड़ काटे जाएंगे और कितने पेड़ काटे और उठान किया, इसकी मौके पर रहकर जांच की जाएगी। लेकिन इस नियम का पालन नहीं किया जाता है।
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सहारनपुर। सहारनपुर शहर में 20 पेड़ काटने की अनुमति लेकर पूरे बाग को काट दिया गया। भूमाफियाओं ने जेसीबी लगाकर पेड़ों की जड़ों को भी उखाड़ दिया, जिससे उनकी कारस्तानी पर पर्दा डाला जा सके।
पांवधोई नदी के पास शकलापुर मार्ग पर कंक्रीट के जंगल तैयार करने की तैयारी है। भू-माफिया सक्रिय हैं। शकलापुरी मार्ग पर 20 साल पहले अमरूद का बाग हुआ करता था। बाद में इसमें आम के पौधे लगाए गए। अब यहां आम का बाग था। भूमाफिया ने जिला उद्यान विभाग से इस बाग के 20 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी थी। पेड़ों को बूढ़ा और जर्जर बताया गया। अनुमति मिल भी गई। इसके बाद इस बाग के हरे पेड़ों को रविवार रात कटवाना शुरू किया गया। सोमवार सुबह तक 70 पेड़ काट दिए गए। पेड़ों की जड़ों को जेसीबी से उखड़वा दिया गया।
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कई सालों से सक्रिय हैं भू-माफिया
कई सालों से पांवधोई तट से लगते आम के बागों को सेटिंग-गेटिंग करके साफ किया जा रहा है। यहां अवैध कालोनियां काटी गईं। प्राधिकरण ने हाल ही में कुछ कालोनियों को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की। शकलापुरी मार्ग पर ही छह माह पहले लीची और आम के बाग पर आरी चलाकर अवैध प्लाटिंग की गई थी।
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बयानों में उलझे अफसरों के खेल को यूं समझिए
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने पहले तो कहा कि हम पेड़ काटने की अनुमति नहीं देते। पेड़ काटने की परमिशन सहारनपुर वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी देते हैं। जब डीएफओ विजय सिंह से बात हुई तो उनका कहना था कि जिला उद्यान अधिकारी की रिपोर्ट पर अनुमति दी गई है। उनकी रिपोर्ट के बिना पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। जाहिर है कि दोनों अधिकारियों के बयान सबकुछ जाहिर कर रहे हैं। जब दोबारा बयान लेने के लिए जिला उद्यान अधिकारी को दो बार कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
क्या है नियम
नियम ये है कि जो पेड़ सालों पुराने हो गए हों, जर्जर और मुरझा चुके हों। उन पर फल आने की कोई संभावना नहीं दिखती हो, तो जिला उद्यान अधिकारी के निर्देश पर उद्यान निरीक्षक सर्वे करके पूरी रिपोर्ट जिला उद्यान अधिकारी को देंगे। जिला उद्यान अधिकारी के यहां से प्रभागीय वनाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी। फिर जितनी अनुमति पेड़ काटने की है, उतने ही पेड़ काटे जाएंगे और कितने पेड़ काटे और उठान किया, इसकी मौके पर रहकर जांच की जाएगी। लेकिन इस नियम का पालन नहीं किया जाता है।

शकलापुरी मार्ग पर आम का बाग को भू-माफिया ने किया साफ- फोटो : SAHARANPUR