{"_id":"657f4cf648df3aa4ad061687","slug":"white-strip-missing-on-highway-life-in-danger-responsible-silent-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-14865-2023-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: हाईवे पर सफेद पट्टी गायब, जोखिम में जान, जिम्मेदार खामोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: हाईवे पर सफेद पट्टी गायब, जोखिम में जान, जिम्मेदार खामोश
Mon, 18 Dec 2023 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 18 Dec 2023 01:03 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। कोहरे में मुख्य मार्गों व हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। सड़कों से सफेद पट्टी गायब है। कई मार्ग ऐसे हैं, जहां पर सफेद पट्टी तो है, लेकिन वह इतनी धुंधली हो गई कि उनका कोहरे में नजर आना मुश्किल है। इससे कोहरे में सड़क हादसों का खतरा और अधिक बढ़ गया है। लेकिन, विभाग के जिम्मेदार भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। अमर उजाला टीम ने हाईवे से लेकर मुख्य सड़कों की पड़ताल की। इसमें देखा गया कि कहां पर सफेद पट्टी है और कहां पर नहीं। यहां तक कि कई महत्वपूर्ण जगहों पर न साइन बोर्ड और न ही रिफ्लेक्टर दिखाई दिए। ऐसे में हादसा होने का खतरा है।
यहां पर नहीं मिली सफेद पट्टी
- छुटमलपुर के बीच से देहरादून हाईवे गुजर रहा है। हाईवे अति व्यस्त होने के बाद भी सफेद पट्टी नहीं है। इस हाईवे से खनिज वाहनों के साथ ही हजारों यात्री वाहन गुजरते हैं। कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
- गागलहेड़ी-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर सफेद पट्टी के निशान बने हुए हैं, लेकिन वह मिट चुके हैं। घने कोहरे में निशान नहीं चमकते है। ऐसे में वाहन चालक को हादसे का डर रहता है।
विज्ञापन
- अंबाला-देहरादून हाईवे पर भी यही स्थिति है। हाईवे पर सफेद पट्टी नजर नहीं आती। इनके अलावा जिले के कई ऐसे मार्ग हैं, जिन पर कोहरे में चलना जोखिम भरा हो सकता है।
- टपरी-नागल मार्ग की स्थिति भी ठीक नहीं है। इस मार्ग पर भी सफेद पट्टी नहीं है। यह स्थिति तब है जब कोहरे में हादसे रोकने के लिए शासन की तरफ से भी आदेश आते हैं कि मुख्य मार्गों पर सफेद पट्ठी होनी चाहिए।
सफेद पट्टी से यह होता है फायदा
अत्याधिक कोहरे में कई बार दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालक सफेद पट्टी पर फोकस करते हुए सफर तय करते हैं, जिससे उन्हें पता रहता है कि वाहन सड़क से नीचे नहीं जा रहा।
वर्जन
हाईवे पर सफेद पट्टी नहीं होने का सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संज्ञान लिया गया है। ऐसे हाईवे चिह्नित किए जाएंगे। इसके बाद संबंधित विभाग को नोटिस जारी होंगे। कोहरे में हाईवे पर सफेद पट्टी का होना बहुत जरूरी है।
-डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी
विज्ञापन
यहां पर नहीं मिली सफेद पट्टी
- छुटमलपुर के बीच से देहरादून हाईवे गुजर रहा है। हाईवे अति व्यस्त होने के बाद भी सफेद पट्टी नहीं है। इस हाईवे से खनिज वाहनों के साथ ही हजारों यात्री वाहन गुजरते हैं। कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
विज्ञापन
- गागलहेड़ी-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर सफेद पट्टी के निशान बने हुए हैं, लेकिन वह मिट चुके हैं। घने कोहरे में निशान नहीं चमकते है। ऐसे में वाहन चालक को हादसे का डर रहता है।
विज्ञापन
- अंबाला-देहरादून हाईवे पर भी यही स्थिति है। हाईवे पर सफेद पट्टी नजर नहीं आती। इनके अलावा जिले के कई ऐसे मार्ग हैं, जिन पर कोहरे में चलना जोखिम भरा हो सकता है।
- टपरी-नागल मार्ग की स्थिति भी ठीक नहीं है। इस मार्ग पर भी सफेद पट्टी नहीं है। यह स्थिति तब है जब कोहरे में हादसे रोकने के लिए शासन की तरफ से भी आदेश आते हैं कि मुख्य मार्गों पर सफेद पट्ठी होनी चाहिए।
सफेद पट्टी से यह होता है फायदा
अत्याधिक कोहरे में कई बार दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालक सफेद पट्टी पर फोकस करते हुए सफर तय करते हैं, जिससे उन्हें पता रहता है कि वाहन सड़क से नीचे नहीं जा रहा।
वर्जन
हाईवे पर सफेद पट्टी नहीं होने का सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संज्ञान लिया गया है। ऐसे हाईवे चिह्नित किए जाएंगे। इसके बाद संबंधित विभाग को नोटिस जारी होंगे। कोहरे में हाईवे पर सफेद पट्टी का होना बहुत जरूरी है।
-डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी