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कहां गई हिंडन की जमीन, अभिलेखों में काश्तकार के नाम
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सहारनपुर। नागल रोड पर टपरी में हिंडन नदी की जमीन अभिलेखों से गायब कर दी गई। जहां वर्तमान में हिंडन नदी बह रही है, वह अभिलेखों में काश्तकारों के नाम है। यह खुलासा राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर निरीक्षण करने के बाद हुआ है।
टपरी में शराब फैक्टरी प्रबंधन द्वारा हिंडन नदी से सटाकर नवनिर्माण कराया जा रहा है, जिसके चलते नदी संकरी हो गई। यह मामला सुर्खियों में आया तो रविवार को तहसील सदर से नायब तहसीलदार अनिल कुमार राम के नेतृत्व में लेखपाल राकेश सैनी, राकेश कश्यप और विजेंद्रपाल की टीम निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। साथ ही एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच के अनुसार यह भूमि राजस्व ग्राम यूसुफपुर मुस्तकहम में पड़ती है। टीम द्वारा अभिलेखों और मौके की पड़ताल में पाया कि जिस भूमि में वर्तमान में हिंडन नदी चल रही है, वह अभिलेखों में काश्तकारों के नाम दर्ज है और सिजरा मानचित्र में भी हिंडन नदी नहीं दर्शाई गई है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि संभवत: यह त्रुटि चकबंदी के दौरान हुई है, जांच कराकर अभिलेखों को दुरुस्त किया जाएगा।
जांच होने तक निर्माण पर रोक
एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि हिंडन नदी की जमीन की जांच के चलते ही शराब फैक्टरी का नवनिर्माण भी रुकवा दिया गया है। जब तक जांच होगी, निर्माण नहीं होगा। जांच में यदि पुष्टि होती है कि हिंडन नदी की जमीन पर निर्माण कराया गया है, तो निर्माण ध्वस्त भी कराया जाएगा। उधर, फैक्टरी मालिकों की तरफ से प्रशासन को सिर्फ यह बताया कि यह भूमि उन्होंने बैनामे से खरीदी है, जिसके कागजात सोमवार को दिखा दिए जाएंगे।
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तीन विभागों के अभिलेखों से होगी जांच
उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग के साथ ही चकबंदी और सिंचाई विभाग के अभिलेखों की भी जांच की जाएगी। हिंडन के स्थान पर काश्तकारों के नाम दर्ज करने में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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टपरी में शराब फैक्टरी प्रबंधन द्वारा हिंडन नदी से सटाकर नवनिर्माण कराया जा रहा है, जिसके चलते नदी संकरी हो गई। यह मामला सुर्खियों में आया तो रविवार को तहसील सदर से नायब तहसीलदार अनिल कुमार राम के नेतृत्व में लेखपाल राकेश सैनी, राकेश कश्यप और विजेंद्रपाल की टीम निरीक्षण करने मौके पर पहुंची। साथ ही एसडीएम सदर अनिल कुमार सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच के अनुसार यह भूमि राजस्व ग्राम यूसुफपुर मुस्तकहम में पड़ती है। टीम द्वारा अभिलेखों और मौके की पड़ताल में पाया कि जिस भूमि में वर्तमान में हिंडन नदी चल रही है, वह अभिलेखों में काश्तकारों के नाम दर्ज है और सिजरा मानचित्र में भी हिंडन नदी नहीं दर्शाई गई है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि संभवत: यह त्रुटि चकबंदी के दौरान हुई है, जांच कराकर अभिलेखों को दुरुस्त किया जाएगा।
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जांच होने तक निर्माण पर रोक
एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने बताया कि हिंडन नदी की जमीन की जांच के चलते ही शराब फैक्टरी का नवनिर्माण भी रुकवा दिया गया है। जब तक जांच होगी, निर्माण नहीं होगा। जांच में यदि पुष्टि होती है कि हिंडन नदी की जमीन पर निर्माण कराया गया है, तो निर्माण ध्वस्त भी कराया जाएगा। उधर, फैक्टरी मालिकों की तरफ से प्रशासन को सिर्फ यह बताया कि यह भूमि उन्होंने बैनामे से खरीदी है, जिसके कागजात सोमवार को दिखा दिए जाएंगे।
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तीन विभागों के अभिलेखों से होगी जांच
उपजिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग के साथ ही चकबंदी और सिंचाई विभाग के अभिलेखों की भी जांच की जाएगी। हिंडन के स्थान पर काश्तकारों के नाम दर्ज करने में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।