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Saharanpur News: समझौते के लिए नहीं माना तो ले ली विक्रांत की जान

Fri, 11 Apr 2025 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:54 AM IST
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When he did not agree to the compromise, Vikrant was killed
संवाद न्यूज एजेंसी
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सहारनपुर। मुंडीखेड़ी गांव में सेना के जवान विक्रांत अपने चचेरे भाई रजत की हत्या में गवाह थे। हत्यारोपी लगातार उन पर समझौते का दबाव बना रहे थे। आरोपियों ने कई बार विक्रांत को धमकी भी दी थी कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो वह उन्हें भी जान से मार देंगे, लेकिन विक्रांत अपनी बात पर अड़े रहे और उन्होंने आठ तारीख को मामले में गवाही भी दी। इससे बौखलाए आरोपियों ने उनकी भी जान ले ली।
2020 में रजत का गांव के ही देवेंद्र से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव के बाहर ही रजत की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी, जिस समय हत्याकांड को अंजाम दिया जा रहा था, तभी विक्रांत खेत की तरफ से आ गए थे। वह रजत को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक रजत की मौत हो चुकी थी। तभी से विक्रांत इस केस में मुख्य गवाह थे।
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परिजनों की तरफ से आरोपी देवेंद्र, कपिल, दिनेश, रॉकी और अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। सभी आरोपी जमानत पर कुछ समय बाद बाहर आ गए थे। रॉकी ने जमानत पर आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
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विक्रांत की मां का आरोप है कि आरोपी पक्ष समझौते के लिए दबाव बना रहा था। यहां तक कि विक्रांत को चार लाख रुपये का लालच भी दिया, लेकिन विक्रांत ने साफ मना कर दिया था। इसी वजह से उनके बेटे की हत्या कर दी गई। आठ अप्रैल को ही विक्रांत की गवाही हुई थी। बाकी सभी की गवाही हो चुकी है।
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