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बनाए थे फायदे की खातिर, मुसीबत बन गए अंडरपास

Fri, 16 Jul 2021 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:54 PM IST
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were built for the sake of profit, underpass became trouble
बनाए थे फायदे की खातिर, मुसीबत बन गए अंडरपास
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रामपुर मनिहारान/सहारनपुर। मानव रहित रेलवे क्रासिंग्स पर अंडरपास का निर्माण आवागमन सुगम बनाने के उद्देश्य से हुआ, लेकिन ये अंडरपास ही मुसीबत बन गए हैं। हल्की सी बरसात हुई और अंडरपास तालाब बन जाते हैं। इससे कई गांवों के लोगों का संपर्क कट जाता है।
तीन दिन पहले जब बरसात हुई तो अधिकांश अंडरपास में पानी भर गया। यह पानी शुक्रवार तक भी नहीं उतर पाया। इस कारण आवागमन भी ठप हो गया या फिर लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी से ही होकर गुजरना पड़ रहा है। जिले में सहारनपुर से रामपुर मनिहारान, नानौता तक 10 से ज्यादा अंडरपास बनाए गए हैं, अधिकांश में जलभराव की समस्या है। समस्या की जड़ अंडरपास में ड्रेनेज सिस्टम खराब होना बताया जा रहा है, क्योंकि जब भी बरसात होती है तो अंडरपास में जमा हुआ पानी की निकासी नहीं हो पाती। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि अंडरपास में पानी निकासी के लिए जो होल (छेद) बनाए गए हैं, वे मिट्टी भरने पर बंद हो जाते हैं। हर बार ग्रामीणों द्वारा समाधान की मांग की जाती है, लेकिन समस्या जस की तस है।
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रामपुर मनिहारान क्षेत्र में टिपरा, सेपुर, भाकला, घसोती, जंधेड़ा समसपुर और नानौता क्षेत्र में भनेडा खेमचंद में अंडरपास बने हुए हैं। इन सभी में जलभराव के कारण ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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ग्रामीणों की पीड़ा
गांव भांकला निवासी सचिन कुमार का कहना है कि किसान अपने ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र अपने खेतों तक नहीं ले जा सकते हैं। खेतों में काम करने के लिए छह से सात किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है।
गांव घसोती निवासी भूपेन्द्र पंवार, अशोक कुमार का कहना है कि गांव को दिल्ली रोड से जोड़ने वाले मार्ग पर अंडरपास बना है, जिसमें 10 फीट तक पानी जमा है। मार्ग पूरी तरह से बंद है। अंडरपास के दोनों और पानी निकासी के लिए कुएं बनाए गए हैं, उनसे निकासी तो नहीं हुई, बल्कि पानी उल्टा अंडरपास में आ रहा है। क्योंकि क्षेत्र में भूजल स्तर ऊपर है।
गांव घसोती निवासी मोनू पंवार का कहना है कि रेलवे द्वारा गांव के संपर्क मार्गों पर करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए अंडरपास का कोई लाभ नहीं है। भैंसा बोगी में गन्ना लेकर इन अंडरपास से नहीं जाया जा सकता। इस समस्या को लेकर ग्रामीण अनेक बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।
गांव जंधेड़ा समसपुर निवासी प्रद्युम्न शर्मा का कहना है कि अंडरपास के दोनों और पानी निकासी के लिए बनाए गए कुएं से निकासी नहीं हो रही है। हो सकता है अंडरपास से रेलवे को फायदा हो, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह मुसीबत बन गए हैं।

गांव भांकला निवासी डा. योगेश व घसोती निवासी मेघराज पंवार का कहना है कि गांव में स्थित प्राचीन माता बसंती देवी मंदिर पर जुलाई माह में मेला लगता है। कई राज्यों से श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं के वाहन अंडरपास में पानी भरने से खराब हो जाते हैं। बाइक सवार जैसे-तैसे जान जोखिम में डालकर पानी से होकर गुजर रहे हैं।
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