सहारनपुर। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन रविन्द्र मिगलानी ने चीन से आने वाले तैयार फर्नीचर के आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने के निर्णय पर भारत सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि संस्था की मांग है कि केंद्र सरकार तैयार वस्तुओं के आयात पर एक वर्ष तक प्रतिबंध लगाए और यदि प्रतिबंध संभव न हो सके तो आयात शुल्क को 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा दें। जिससे स्वदेशी औद्योगिक इकाईयों को पनपने का अवसर मिल सकेगा।
चैप्टर चेयरमैन ने कहा कि संस्था प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, एमएसएमई मंत्री, टेक्सटाइल मंत्री और मुख्यमंत्री से इसकी मांग कर रही थी। उन्होंने कहा कि संस्था की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीन से आने वाले तैयार फर्नीचर पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फर्नीचर को लेकर चीन की भारत से काफी प्रतिस्पर्धा है। आयात शुल्क बढ़ने से चीन के फर्नीचर महंगे हो जाएंगे और स्वदेशी उत्पादों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सहारनपुर वुडन फर्नीचर के लिए विश्वविख्यात है, लेकिन चीन से आने वाले फर्नीचर के रेट कम होने की वजह से यहां के फर्नीचर डोमेस्टिक मार्केट में जगह नहीं बना पाते थे। सरकार के निर्णय के बाद सहारनपुर के फर्नीचर को डोमेस्टिक स्तर पर भी अच्छा बाजार मिल सकेगा।