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चिलचिलाती धूप में इंतजार... बेहोश तक हुए मतदाता
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दिलशाद
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मतदान करने का उत्साह जबरदस्त था, सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ लग गई थी, लेकिन जैसे जैसे सूरज चढ़ा तो मतदाताओं की मुसीबत शुरू हो गई। क्योंकि मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाताओं को एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। अधिकतम तापमान भी 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जिस कारण चिलचिलाती धूप झेलनी पड़ी और इस कारण कई जगह मतदाता बेहोश तक हो गए।
गांव बूढ़नपुर में ही महिला शबनम करीब एक घंटे तक धूप में खड़े रहने की वजह से बेहोश हो गई। उसके परिवार के लोगों ने शबनम को चारपाई पर लिटाया और फिर बगैर मतदान कराए ही घर ले गए। यहां वोट डालने पहुंचे दिलशाद ने बताया कि वह करीब डेढ़ घंटे पहले मतदान केंद्र पर आए थे, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। इसी तरह कादिर ने बताया कि उन्हें चार घंटे हो गए हैं, लेकिन अब तक वोट नहीं डाल पाए। वहीं, मोहम्मद आफताब ने बताया कि उन्हें भी तीन घंटे मतदान केंद्र पहुंचे हो गए। आफताब ने बताया कि शबनम की तरह ही अन्य लोगों की भी कड़ी धूप में खड़े रहने के कारण हालत बिगड़ी और उन्हें भी बगैर मतदान के घर लौटना पड़ा।
अमूमन यह स्थिति अधिकांश मतदान केंद्रों पर रही। क्योंकि मतदान करने पहुंचने वाले मतदाताओं को छांव में खड़ा करने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
थकने पर बैठ गए मतदाता
सहारनपुर। गांव सिरसला में उच्च प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र पर काफी संख्या में मतदाता पहुंचे हुए थे। यहां भी कई कई घंटे तक इंतजार करने के बाद मतदान करने का नंबर आ रहा था। खास बात यह रही कि इस मतदान केंद्र के परिसर में पेड़ काफी थे। ऐसे में जब लाइन में खड़े मतदाता थक गए तो, मतदान केंद्र परिसर में बनी फुलवारी की क्यारियों की बाउंड्री पर ही बैठ गए।
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चौंकिए मत, ये ट्रेन का डिब्बा नहीं...
सहारनपुर। सिरसला गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय मॉडल स्कूल है, जिसकी दीवारों पर विभिन्न प्रकार की आकृतियां बनाई गई थीं। जिन कमरों को मतदेय स्थल बानाया गया, उनकी दीवारों पर ट्रेन के डिब्बे वाली पेंटिंग बनी थी और दूर से देखने पर वह ट्रेन का डिब्बा ही दिखाई दे रहा था। इन केंद्रों के बाहर लाइन में लगे लोग भी ऐसे दिख रहे थे, मानो ट्रेन में चढ़ने का इंतजार कर रहे हों।
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गांव बूढ़नपुर में ही महिला शबनम करीब एक घंटे तक धूप में खड़े रहने की वजह से बेहोश हो गई। उसके परिवार के लोगों ने शबनम को चारपाई पर लिटाया और फिर बगैर मतदान कराए ही घर ले गए। यहां वोट डालने पहुंचे दिलशाद ने बताया कि वह करीब डेढ़ घंटे पहले मतदान केंद्र पर आए थे, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। इसी तरह कादिर ने बताया कि उन्हें चार घंटे हो गए हैं, लेकिन अब तक वोट नहीं डाल पाए। वहीं, मोहम्मद आफताब ने बताया कि उन्हें भी तीन घंटे मतदान केंद्र पहुंचे हो गए। आफताब ने बताया कि शबनम की तरह ही अन्य लोगों की भी कड़ी धूप में खड़े रहने के कारण हालत बिगड़ी और उन्हें भी बगैर मतदान के घर लौटना पड़ा।
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अमूमन यह स्थिति अधिकांश मतदान केंद्रों पर रही। क्योंकि मतदान करने पहुंचने वाले मतदाताओं को छांव में खड़ा करने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
थकने पर बैठ गए मतदाता
सहारनपुर। गांव सिरसला में उच्च प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र पर काफी संख्या में मतदाता पहुंचे हुए थे। यहां भी कई कई घंटे तक इंतजार करने के बाद मतदान करने का नंबर आ रहा था। खास बात यह रही कि इस मतदान केंद्र के परिसर में पेड़ काफी थे। ऐसे में जब लाइन में खड़े मतदाता थक गए तो, मतदान केंद्र परिसर में बनी फुलवारी की क्यारियों की बाउंड्री पर ही बैठ गए।
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चौंकिए मत, ये ट्रेन का डिब्बा नहीं...
सहारनपुर। सिरसला गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय मॉडल स्कूल है, जिसकी दीवारों पर विभिन्न प्रकार की आकृतियां बनाई गई थीं। जिन कमरों को मतदेय स्थल बानाया गया, उनकी दीवारों पर ट्रेन के डिब्बे वाली पेंटिंग बनी थी और दूर से देखने पर वह ट्रेन का डिब्बा ही दिखाई दे रहा था। इन केंद्रों के बाहर लाइन में लगे लोग भी ऐसे दिख रहे थे, मानो ट्रेन में चढ़ने का इंतजार कर रहे हों।

आदिल- फोटो : SAHARANPUR

आफताब- फोटो : SAHARANPUR

पंचायत चुनाव में बूढनपुर में वोट डालने के दौरान धूप में बेहोश हुई महिला- फोटो : SAHARANPUR