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वित्तविहीन कॉलेेजों ने सरकारी को पछाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 16 May 2016 12:13 AM IST
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सेक्स शिक्षा देने वाले शिक्षकों पर 'ब्रेनवाशिंग' का आरोप लगना आम बात
- फोटो : BBC
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सहारनपुर में शिक्षा के नाम पर सरकार से करोड़ों रुपये की ऐड लेने वाले ज्यादातर राजकीय और एडेड कॉलेज परिणाम और व्यवस्था के मामले में लगातार पिछड़ रहे हैं।
आलम यह है कि पढ़ाई के मामले में वित्तविहीन कॉलेज राजकीय और एडेड कॉलेजों को पछाड़ रहे हैं, जिसका उदाहरण रविवार को जारी हुआ परीक्षा परिणाम है।
रविवार को यूपी बोर्ड में दसवीं और 12वीं का परिणाम घोषित हुआ। दोपहर करीब एक बजे तक परिणाम पूरी तरह साफ हो चुका था। परिणाम को लेकर वित्तविहीन कॉलेजों में चहल-पहल रही।
प्रधानाचार्यों के साथ स्टाफ के लोग इंटरनेट के जरिये परिणाम निकालने में व्यस्त रहे, जबकि इक्का-दुक्का कॉलेजों को छोड़कर ज्यादातर राजकीय और एडेड कॉलेजों पर ताले लटके नजर आए। यानी राजकीय और एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्य परिणाम को लेकर गंभीर नहीं थे।
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यदि सहारनपुर का पिछले दस साल का इतिहास उठाकर देखा जाए तो शायद ही कभी किसी राजकीय या एडेड कॉलेज का विद्यार्थी टॉपर रहा होगा। पिछले कई साल से वित्तविहीन कॉलेजों के विद्यार्थी सफलता के झंडे गाड़ते आ रहे हैं वह भी देहात क्षेत्र के। इतना ही नहीं, परिणाम के दिन डीआईओएस कार्यालय भी बंद रहा।
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आलम यह है कि पढ़ाई के मामले में वित्तविहीन कॉलेज राजकीय और एडेड कॉलेजों को पछाड़ रहे हैं, जिसका उदाहरण रविवार को जारी हुआ परीक्षा परिणाम है।
रविवार को यूपी बोर्ड में दसवीं और 12वीं का परिणाम घोषित हुआ। दोपहर करीब एक बजे तक परिणाम पूरी तरह साफ हो चुका था। परिणाम को लेकर वित्तविहीन कॉलेजों में चहल-पहल रही।
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प्रधानाचार्यों के साथ स्टाफ के लोग इंटरनेट के जरिये परिणाम निकालने में व्यस्त रहे, जबकि इक्का-दुक्का कॉलेजों को छोड़कर ज्यादातर राजकीय और एडेड कॉलेजों पर ताले लटके नजर आए। यानी राजकीय और एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्य परिणाम को लेकर गंभीर नहीं थे।
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यदि सहारनपुर का पिछले दस साल का इतिहास उठाकर देखा जाए तो शायद ही कभी किसी राजकीय या एडेड कॉलेज का विद्यार्थी टॉपर रहा होगा। पिछले कई साल से वित्तविहीन कॉलेजों के विद्यार्थी सफलता के झंडे गाड़ते आ रहे हैं वह भी देहात क्षेत्र के। इतना ही नहीं, परिणाम के दिन डीआईओएस कार्यालय भी बंद रहा।