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Saharanpur News: निजी अस्पताल के सहारे दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम
Tue, 26 Aug 2025 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:12 AM IST
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सहारनपुर। जिले में राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम निजी अस्पतालों और एनजीओ के सहारे चल रहा है। हाल यह है कि पिछले चार महीने में सरकारी अस्पतालों में 325 मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए हैं। निजी अस्पतालों ने 2199 ऑपरेशन किए। एनजीओ 2381 मरीजों की आंखों का ऑपरेशन करा चुकी है। सरकारी अस्पतालों में जिम्मेदारों की ढिलाई से रफ्तार धीमी है।
राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हर साल बड़ी संख्या में मरीजों की आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन होता है। इसके लिए शासन से बाकायदा बजट भी उपलब्ध कराया जाता है।
मरीजों को निशुल्क ऑपरेशन की सुविधा दी जाती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जांच में पता चलता है कि लोग मोतियाबिंद के शिकार हैं।
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उन्हें ऑपरेशन के लिए सलाह दी जाती है। इनके अलावा चार एनजीओ पंजीकृत हैं। यह एनजीओ मरीजों की आंखों का ऑपरेशन कराती है। एक मरीज के शासन से दो हजार रुपये मिलते हैं। सुविधाओं की कमी के चलते मरीज सरकारी अस्पतालों में मोतियाबिंद ऑपरेशन नहीं करा रहे हैं।
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राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हर साल बड़ी संख्या में मरीजों की आंख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन होता है। इसके लिए शासन से बाकायदा बजट भी उपलब्ध कराया जाता है।
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मरीजों को निशुल्क ऑपरेशन की सुविधा दी जाती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जांच में पता चलता है कि लोग मोतियाबिंद के शिकार हैं।
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उन्हें ऑपरेशन के लिए सलाह दी जाती है। इनके अलावा चार एनजीओ पंजीकृत हैं। यह एनजीओ मरीजों की आंखों का ऑपरेशन कराती है। एक मरीज के शासन से दो हजार रुपये मिलते हैं। सुविधाओं की कमी के चलते मरीज सरकारी अस्पतालों में मोतियाबिंद ऑपरेशन नहीं करा रहे हैं।