{"_id":"612924a38ebc3e7a224b635d","slug":"viral-spread-in-rural-areas-saharanpur-news-mrt553634296","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों में वायरल ने पैर पसारे, बड़ी संख्या में बुखार की चपेट में हैं ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों में वायरल ने पैर पसारे, बड़ी संख्या में बुखार की चपेट में हैं ग्रामीण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गागलहेड़ी (सहारनपुर)। मौसम बदलने के साथ ही क्षेत्र में वायरल बुखार ने भी पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र के कई गांवों में वायरल बुखार ने बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले रखा है। पीड़ित ग्रामीणों ने गांवों में कैंप लगा उपचार की मांग की है।
हरोड़ा सीएचसी के गांवों हरोड़ा, खतोली, पाल्ली, हरियाबांस, नागल अहीर, चौरादेव, बेहड़ी गुज्जर, खड़खड़ी, खजूरी अकबरपुर आदि में वायरल बुखार ने ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले रखा है। प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भी वायरल बुखार के रोगियों की भीड़ उमड़ रही है। हरोड़ा गांव के पूर्व प्रधान मुकरम अली, प्रदीप गुप्ता, खजूरी अकबरपुर के पूर्व प्रधान रविंद्र कुमार, सतबीर यादव, हरियाबांस के अनिल यादव, मुकेश कुमार आदि का कहना है कि दो वर्ष पूर्व बुखार की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गांवों में कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर दवाईयां वितरित की गई थी। लेकिन इस बार ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
हरोड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ मुकेश कुमार का कहना है कि इस बार मरीजों की संख्या में कमी है। प्रतिदिन लगभग दस से पंद्रह मरीज वायरल बुखार के आते हैं। सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में वायरल बुखार संबंधी दवाईयां उपलब्ध हैं। अधिकारियों के आदेश मिलते ही गांवों में कैंप लगा कर उपचार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरोड़ा सीएचसी के गांवों हरोड़ा, खतोली, पाल्ली, हरियाबांस, नागल अहीर, चौरादेव, बेहड़ी गुज्जर, खड़खड़ी, खजूरी अकबरपुर आदि में वायरल बुखार ने ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले रखा है। प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भी वायरल बुखार के रोगियों की भीड़ उमड़ रही है। हरोड़ा गांव के पूर्व प्रधान मुकरम अली, प्रदीप गुप्ता, खजूरी अकबरपुर के पूर्व प्रधान रविंद्र कुमार, सतबीर यादव, हरियाबांस के अनिल यादव, मुकेश कुमार आदि का कहना है कि दो वर्ष पूर्व बुखार की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गांवों में कैंप लगा कर रोगियों की जांच कर दवाईयां वितरित की गई थी। लेकिन इस बार ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन
हरोड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ मुकेश कुमार का कहना है कि इस बार मरीजों की संख्या में कमी है। प्रतिदिन लगभग दस से पंद्रह मरीज वायरल बुखार के आते हैं। सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में वायरल बुखार संबंधी दवाईयां उपलब्ध हैं। अधिकारियों के आदेश मिलते ही गांवों में कैंप लगा कर उपचार किया जाएगा।
विज्ञापन