सहारनपुर: दबिश देने गए सिपाहियों को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, लगाए गंभीर आरोप
- स्मैक बेचने के आरोप में गांव शाहपुर में युवक को पकड़ने पहुंची थी पुलिस
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बुधवार दोपहर में कोतवाली में तैनात दो सिपाही सादी वर्दी में बाइक से गांव शाहपुर पहुंचे। यहां उन्होंने इसरार नाम के युवक को उसके घर से बुलाया और बाइक पर बैठाने लगे। यह देखकर इसरार की बहन रुखसाना दौड़ती हुई सिपाहियों के पास पहुंची। उसने इसरार को पकड़ने का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि उसका भाई स्मैक बेचता है।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने स्मैक की पुड़िया इसरार के मोबाइल के कवर में रखने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट की गई। बाद में इसरार के परिवार के लोगों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई और उन्होंने पुलिसकर्मियों की बाइक की चाबी निकालकर उन्हें कमरे में ले जाकर बंद कर दिया।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों सिपाहियों को छुड़ाकर कोतवाली ले आए। इसरार की बहन रुखसाना ने बताया कि चार दिन पहले भी इन पुलिसकर्मियों ने उसके भाई को स्मैक बेचने के झूठे आरोप में पकड़ा था।
उन्होंने पेड़ बेचकर 70 हजार रुपये पुलिसकर्मियों को देकर अपने भाई को छुड़ाया था। रुखसाना का यह भी आरोप है कि पिछले एक महीने से पुलिसकर्मी उनके गांव में सादी वर्दी में आते हैं और लड़कों को पकड़ कर उनसे पैसे लेकर उन्हें रास्ते में छोड़ देते हैं।
कितनी ही घटनाएं हो चुकी है। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में आते है और लड़कों को स्मैक बेचने के झूठे आरोपों में उठाकर उनसे पैसे वसूलते है। पिछले एक महीने से गांव में आतंक मचा रखा है। वह इस मामले में उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। -हेमंत राणा, ग्राम प्रधान शाहपुर
- यह मामला संज्ञान में आया है। पुलिस कर्मियों को रोकने और विरोध करने की जानकारी मिली है। इस प्रकरण में संबंधित थाना प्रभारी से जानकारी लेने के साथ ही सीओ बेहट के माध्यम से जांच करवाएंगे। -- अशोक कुमार मीणा, एसपी देहात, सहारनपुर।