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Saharanpur News: ग्रामीणों ने की लोकसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा, धरने पर बैठे
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मुर्तजापुर गांव के बाहर रास्ते पर पुल नहीं तो, वो वोट नहीं लिखे बैनर टांगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बेहट। गांव मुर्तजापुर के ग्रामीणों ने बरसाती नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा करते हुए गांव के बाहर रास्ते पर पुल नहीं तो, वोट नहीं लिखा बैनर टंगा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में जुलूस निकाला और नदी किनारे धरने पर बैठ गए।
तीन हजार की आबादी वाले गांव मुर्तजापुर और बेहट कस्बे के बीच मसखरा नदी है। पिछले दो दशक से ग्रामीण नदी पर पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। शनिवार को ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए गांव के बाहर मैन रास्ते पुल नहीं तो, वोट नहीं लिखे बैनर टंगा दिए और गांव में कल निर्माण की मांग को लेकर जुलूस निकालते हुए नदी किनारे पहुंचकर टेंट गाड़ कर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार की घोषणा और धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही एसडीएम दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति तक धरना जारी रखने की बात कही। इस पर एसडीएम वापस लौट गए। धरने पर प्रधान पति खड़क सिंह, दयालपुर के ग्राम प्रधान अनिल सैनी, कंवरपाल, शेरपाल, रवि, महेंद्र सिंह, पदम सिंह, सुरेश, गौतम, निगम, ओमपाल, प्रिंस आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रही।
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पुल न होने से तय करनी पड़ती है आठ किमी की अतिरिक्त दूरी
मुर्तजापुर और बेहट कस्बे के बीच 500 मीटर की दूरी है, जिसमें मसखरा नदी पड़ती है। बरसात के चार महीने नदी में बाढ़ आने पर ग्रामीणों को दयालपुर वाया कलसिया होते हुए आठ किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर बेहट आना पड़ता है। मुर्तजापुर से होते हुए बेहट आने के लिए करीब 25 गांवों के लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बेहट। गांव मुर्तजापुर के ग्रामीणों ने बरसाती नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा करते हुए गांव के बाहर रास्ते पर पुल नहीं तो, वोट नहीं लिखा बैनर टंगा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में जुलूस निकाला और नदी किनारे धरने पर बैठ गए।
तीन हजार की आबादी वाले गांव मुर्तजापुर और बेहट कस्बे के बीच मसखरा नदी है। पिछले दो दशक से ग्रामीण नदी पर पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। शनिवार को ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए गांव के बाहर मैन रास्ते पुल नहीं तो, वोट नहीं लिखे बैनर टंगा दिए और गांव में कल निर्माण की मांग को लेकर जुलूस निकालते हुए नदी किनारे पहुंचकर टेंट गाड़ कर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार की घोषणा और धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही एसडीएम दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए बजट की स्वीकृति तक धरना जारी रखने की बात कही। इस पर एसडीएम वापस लौट गए। धरने पर प्रधान पति खड़क सिंह, दयालपुर के ग्राम प्रधान अनिल सैनी, कंवरपाल, शेरपाल, रवि, महेंद्र सिंह, पदम सिंह, सुरेश, गौतम, निगम, ओमपाल, प्रिंस आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रही।
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पुल न होने से तय करनी पड़ती है आठ किमी की अतिरिक्त दूरी
मुर्तजापुर और बेहट कस्बे के बीच 500 मीटर की दूरी है, जिसमें मसखरा नदी पड़ती है। बरसात के चार महीने नदी में बाढ़ आने पर ग्रामीणों को दयालपुर वाया कलसिया होते हुए आठ किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर बेहट आना पड़ता है। मुर्तजापुर से होते हुए बेहट आने के लिए करीब 25 गांवों के लोगों का आवागमन इसी रास्ते से होता है।
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